Category : कविता

  • कविता

    कविता

    रोज एक दिन नया खरीद लेती हूं शाम बेचकर रात भर उसमें जाने कितने रंग भरती हूं फिर उतार देती हूं उसे आंखों में ओर पलकें कस कर बन्द कर लेती हूं इस डर से की...

  • मेरे ख्वाब……..

    मेरे ख्वाब……..

    चलो ना बादलों पर चलें धुँए जैसे उड़ते उड़ते लगाए उनको गले नँगे पाँव से छू ले नीले गगन के तले कोमल ठंडे ठंडे जैसे रूई में हो पले हाथों में ले लूँ मन में इक...

  • तुझमे समाना है

    तुझमे समाना है

    कान्हा की मुरली की धुन , उसमें हो गई मगन मैं , कान्हा तुम खोए हो मुरली में, मैं खोई खोई हूँ तुममें, कान्हा काश मैं होती मुरली, तो रहती संग तेरे ही हमेशा, कान्हा तेरी...

  • दिलखुश जुगलबंदी-12

    दिलखुश जुगलबंदी-12

    दोस्त इसे इबादत समझता है दोस्त दोस्त नहीं खुदा होता है, महसूस होता है जब वो जुदा होता है, बिना दोस्त जीवन सजा होता है, और दोस्त जैसा हो तो जीवन में मजा-ही-मजा होता है. दोस्ती...



  • अपनी सरकार बनाते है

    अपनी सरकार बनाते है

    चुनाव के इस रण में चलो अपनी भी चलाते है इस बार किसी और की नहीं अपनी सरकार बनाते है जवानो के मनोबल को बढ़ाते है गद्दारो को उसके अंजाम तक पहुंचाते है ५६ इंच का...

  • मतदान

    मतदान

    किसी को अली की याद आयी, किसी को बजरंगबली की याद आयी। नेताओ ने चुनाव जीतने के लिए , अपनी सारी अक़्ल आज दौड़ाई। चुनाव की गर्मी होती है कुछ ऐसी, पता नही मैडम किस किसान...

  • मतदान

    मतदान

    आओ मतदान करे, फिर से बदलाव करे, लोकतंत्र की हो रही है शादी, हम सब बन जाये बाराती। वोट हमें डालना है जरुरी, कोई शिकयत न रहे अधूरी। हम सबको जगाना है, मतदान सबको कराना  है।...

  • खेल

    खेल

    खेल खेल होते है प्यारे न्यारे , बचपन के थे वो साथी , कभी छुपते ,कभी खोजते, लंगड़ी टांग से पकड़ते । गिल्ली डंडा , पकड़म पकड़ाई, रात दिन खेलते साथी सभी, नही था तब भेद...