कविता

/ अंत नहीं है.. /

सबके साथ समरसता लाते हुए आगे का कदम लेना सबसे बड़ा कठिन कार्य है मैं अनुभव करता हूँ कि हजारों – लाखों विचारवाली इस दुनिया में समता, बंधुता खुला आसमान है, ज्ञान – विज्ञान के ध्रुवतारे सभी चमकते हैं आकाश की ओर ताकता हूँ, उस चमक का आस्वाद लेता हूँ इस अनुभूति में रूक जाता […]

कविता

जरुरी है

कविता का नाम जरुरी है जीवन के हर मोड़ पर रुकना जरुरी है चोराहा है ,किस दिशा में जाना है यह जानना जरुरी है जो फूलों की दुनिया में रहते हैं फूलों की बात करते हैं फूलों के साथ कांटों का भी हाल जानना जरुरी है खाओ पियो उड़ा दो ,ये बहुत हो गया आने […]

कविता

मुक्तक

जब खुद को खुदी से प्यार हो जाए जीवन में त्योहार हो जाए वफ़ा का डर न बेवफ़ा की चाहत हर कदम से गमों का हार हो जाए जब खुद को खुदी से प्यार हो जाए   जिन्दगीं में खुशमिजाज रहना जरूरी है अपने सोच को सकारात्मक बनाये रखना भी जरूरी है चाहे जितना मुश्किलें […]

इतिहास कविता

जय हिन्द

जय हिन्द खुश रहो खुश मिजाज रहो जो रहो सिर्फ आज रहो कल की क्या भरोसा कल किसने देखा है लोगो के दिलो का सरताज रहो इन्सानों कि संख्या बढ़ती जा रही इन्सानियत ,जो मरती जा रही लोग डरते थे जानवर से ,अब इन्सानों से डर बढ़ीती जा रही इन्सान को इन्सान से यही है […]

कविता

रिश्ता

कुर्सी और पद का मोह इंसान को कितना गिरा देता है कि अपनी ही थाली में अपने ही किए छेद को कितनी बेशर्मी से किसी और का बता देता है। ये बयान बतलाता है कि फिल्मी दुनियाँ के नशे के सौदागरों का देश के बाहर भी मौत के सौदागरों से कहीं न कहीं नाता है। […]

कविता

शहर और गांव

यूँ शहर – गाँव के किस्सो में, बट  गए हैं,  हम दो हिस्सो में। रात चांद और घना अन्धेरा, मिलते खुद  ही से किश्तो में। नगर-नगर  एक हवा चली हैं,  ढूंढे “यादे” को “किस्सो” में। कैद सारे जज्बात ऐसे, जैसे “जाने” हो  “जिस्मो” में। वो गीत गजलें हो चली हैं पुरानी, डूबे चले युवा डिस्को […]

कविता

जीवन

जीवन के रंग रूप कई हैं, कही छावं  तो धूप कही हैं। दोलत , शोहरत, रिश्ते, नाते ‘  यही से गड़ते नेह के धागे। मगर गाँठ जब पड़ जाति हैं, दूरिया अक्सर बढ़ जाति हैं। आसान नही हैं, सहेजे रखना, माला टूट कर गिर जाति हैं। यहाँ पड़ाव बढ़े जटिल हैं, ख्वाबों से लबरेज यह […]

कविता

हम भी सैनिक के साथ हैं

देश के रखवाले सैनिक हम तुम्हारे साथ है जिम्मेदारी सिर्फ नही तुम्हारी हौसला संग है बडे भाग्यवान हो तुम देश तुम्हारे कंधो पर है तुम मतवाले सैनिक कदम तुम्हारे बढ़ते रहते सरहद की रक्षा में नित चौकन्ने बने रहते हो तभी चैन की नींद में सारे सुख से सुबह जगते नहीं सोचना तुम अकेले हम […]

कविता

जिंदगी एक सफर है

जिंदगी एक सफर है     जिंदगी एक सफर है यहां कल की ना कोई खबर है॥ मौजूद हर इंसान यहां पर खुद से बेखबर है यही है जिंदगी॥ २॥   जिंदगी का एक ही मकसद है यहां पैसों की ही खनक है॥ जिसको भी यह मिले बस वही दुनिया में अमर है यही है […]

कविता

कवि और कविता

कौन है रचनाकार यहां, है कौन रचे… यहां कविता रचे है कवि… खुद कविता को या कविता करती है …खुद कवि का चयन। कभी रमणी रूप से… हर्षित करे कभी बौधिक क्षमता से… मुग्ध करे, कभी मद्धम शांत सी बहे कविता कभी तोड़ दे तटबंध… बन कर सरिता। घटनाओं के वेग से,,, जब व्यक्ति, उत्तेजित […]