Category : कविता

  • कविता

    कविता

    हे भगवान मेरी है बस इतनी सी फरियाद चाहे जीवन छोटा ही देना पर देना दीपक के जैसा जैसे अँधेरी राहों को रोशन कर देता है दीपक मैं भी रोशन कर सकूँ किसी के सुने जीवन...

  • प्रेम कविता

    प्रेम कविता

    ये तन्हाईयाँ ढूंढ ही लेती है तेरा पता छा जाता तू मेरे मन पे इसतरह सांसों की आहट में जिंदगी बसती हो जिसतरह आता है जब तू मन के आंगन में मैं महफिल तू रौनक हो...

  • यादें…..

    यादें…..

    यादें कभी ठहरती नहीं वो बहती रहती है नदी की भांति कभी उफनती है तो कभी शीतलता का सुकून भी कराती है अन्तस् को कुछ आज की तो कुछ बीते दिनों के लम्हों को दोहराती है...

  • प्रेम

    प्रेम

    सुनो ! क्यों तुमसे पलभर की भी जुदाई सही नहीं जाती मुझसे। तुम्हारे जाते ही उदास मन अकेलेपन का लिबास ओढ़ लेता है। रूठने लग जाती हूँ खुद से ही मैं !! फिर ,एक बेरुखी मेरे...

  • द्रौपदी

    द्रौपदी

    कहते थे युद्घ ज़रूरी है, मैने पूछा के क्यों । समझा दोगे तुम इनको, शक्ति है तुम में यूं । लगा गये मुझको खेल में, जैसे सम्पत्ति हूँ । भूल गए थे शायद वह, के मैं...

  • कविता

    कविता

    हिज्र हो या विदाई की पीड़ा, एक लडकी ने ही तो उठाया है जुदाई का बीड़ा। बाबुल को गले लगा के, लेकर सबकी दुआएँ, झोली भर सपने वो सजाती है, मुस्कुराकर सबकी जीन्दगीयो में खुशियाँ वो...

  • बेटियां

    बेटियां

    अपने गांव का दिखे या ख़बर हो खुश होती है बेटियां बिदाई के समय रुलाती है बेटियां मोबाइल बेटी का आता पूरे घर को नजदीक कर देती बेटियां भाई के रिजल्ट सुनकर ससुराल में मिठाई बटवा...

  • मुखोटा

    मुखोटा

    मुझे मुखोटा ओढ़ जीना आ गया बिन हँसी के हँसना आ गया ये लो दोस्तों मुझे भी – इंसान बनना आ गया ! आँखे भरी है बहती नहीं , दर्द है चीख आती नहीं , हँसी...

  • मतदान

    मतदान

    लोकतंत्र की यही पुकार,. वोट हमारा है अधिकार सोच समझ कर बेझिझक से, चुने अपनी सरकार मतदान करना गर्व है जनता जनर्दन का यह पर्व है प्रत्येक भारतीय नागरिक का,. यह परम कर्तव्य है प्रजा प्रभुत्व...

  • फिर सदाबहार काव्यालय-22

    फिर सदाबहार काव्यालय-22

    पृथ्वी की प्रकृति पृथ्वी की इस प्रकृति ने दिया है हमें जीवन दान पृथ्वी की मिट्टी के हर कण ने दिया है ये वरदान पृथ्वी ने सींच कर दी पौधों को असीस पृथ्वी ने अपने द्रव्यों...