Category : कविता


  • तन और मन

    तन और मन

    भगवान ने तन दिया , भगवान ने मन दिया तन अच्छा तो मन अच्छा मन अच्छा तो तन अच्छा , दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं, मन को अच्छा रखो’ अच्छे विचारों से, मन को...

  • जब तुम मिली

    जब तुम मिली

    जब तुम मिली मुझे ऐसा लगा। जमाने की सारी खुशी मिल गई। जब तुम मिली,तब मैं ऐसा समझा। जिन्दगी में खुशियों की बहार आ गई। जब तुम मिली मुझे महसूस हुआ। तरसते लबों को हँसीं मिल...




  • सम्राट हम पैदा हुए

    सम्राट हम पैदा हुए

    सम्राट हम पैदा हुए, पर सृष्टि ना समझा किए; ना विरासत से कुछ लिये, ना विराटित हिय को किए । चल क्षुद्र मन बहु खो दिये, अपनों को कब बूझा किये; सपने लिये लुटते रहे, ख़ुद...

  • सुबह सुबह…

    सुबह सुबह…

    देख रहा हूँ अभी ये शहर सोया है जागता है तो दौड़ता है अभी सपनों में खोया है रोशनियाँ जल रही हैं चिराग जल रहे हैं अभी तो पलकें बंद हैं ख्वाब पल रहे हैं इन...

  • नई सुबह

    नई सुबह

    आज सुबह जैसे ही पर्दा खुला मेरे कमरे में सूरज की पहली किरन आई यूं लगा की जैसे किसी को अपने साथ ले आई बुझा बुझा सा था दिल मेरा कई दिनों से उस काले अँधेरे...