Category : कविता

  • नवगीत

    नवगीत

    रोजी रोटी की खातिर, फिर चलने का दस्तूर निभायें क्या छोड़ें, क्या लेकर जायें नयी दिशा में कदम बढ़ायें। चिलक चिलक करता है मन बंजारों का नहीं संगमन दो पल शीतल छाँव मिली, तो तेज धूप...

  • रिश्ते

    रिश्ते

    रिश्ते ******** बहुत खूबसूरत होते है वो रिश्ते जो दिल से जुङते है क्यूंकि उनमे निस्वार्थ अपनापन होता है स्वार्थ से वशीभूत रिश्ते दम तोड़ देते है किसी न किसी मोड़ पर तन्हा छोड़ देते है...





  • कविता : महज़ एक ख्याल

    कविता : महज़ एक ख्याल

    ये हैं महज़ एक ख्याल पर मैंने रूह से महसूस किया ज़िंदगी खूबसूरत हैं चलो आज कुछ पल ज़िंदगी को मेरी नजर से महसूस करो हाँ ज़िंदगी खूबसूरत हैं पता हैं कैसे … जैसे कि तुम...

  • “दु:ख”

    “दु:ख”

    सुबह में मैं बहुत खुश था लिये मन में सपने सुंदर था अपने घर की ओर जा रहा था खुशियों का लहर मन में था तभी अचानक वो आया था दुखों का लिया पहाड़ था। सबको...


  • मैं एक किताब हूँ

    मैं एक किताब हूँ

    मैं एक किताब हूँ तुम अपनी नरम उँगलियों से मेरे पन्नें  पलटते हो किसी पृष्ठ के कोने को मोड़ देते हो अपने  सिरहाने में रखकर बेफिक्र हो , गहरी नींद में चले जाते हो तुम चाहते हो मुझमे...