Category : कविता

  • मर रहा है बचपन

    मर रहा है बचपन

    आज फिर पुराना वर्ष गया न्या वर्ष आया है लोगों के मन मस्तिष्क में अद्भित सी उत्सुकता लाया है कुछ खोने का गम कुछ पाने की ललक लाया है पहले से कुछ बेहतर होने की चाहत...




  • ‘नववर्ष का नवगान’

    ‘नववर्ष का नवगान’

    नववर्ष अभिनन्दन ,मंगलकामनाएं इस गीत के माध्यम से ………।                  स्वागत ,अभिनन्दन नववर्ष                       नवहर्ष, नवोत्कर्ष नववर्ष का स्वर्णिम विहान ,नव इतिहास रच जाये खुशियों की सरसों लहलहाए ,बुराइयों का तिमिर ढल जाये                              हर...

  • भूख ही सत्य है

    भूख ही सत्य है

    आकाश उड़ रहा है चिडिया के संग . चोच में तिनके की  तरह दबा हुआ  .है . आईने से चुराया हुआ  एक टुकड़ा  प्रतिबिम्ब .. डर है ..छूट  न जाये .. चिड़ियाँ  कही गिर न जाये .. शीशे की तरह वह टूट  न...

  • नव वर्ष आया है

    मस्त मस्त मौसम की नवीनतम बहार लिए, धुंध की चादर में संजोये हुए सपने साथ लिए, बादलो की पालकी में सज़ धज के हो के सवार, लाख लाख तारों की बारात अपने संग संग लिए, नव...

  • आया नव-वर्ष

    आया नव-वर्ष

    फिर आया नव-वर्ष, ले परम उत्कर्ष चंहु ओर होंगी खुशियाँ-बधाईयाँ नव-वर्ष जो आया है फिर हर वर्ष की भाँति भूल जायेंगे सब वो चीत्कार …सिसकती नारियों की गौण हो जायेंगे फिर से बलात्कार, दुराचार, तेजाबी हमले...

  • यात्रा के तीर्थ तक

    यात्रा के तीर्थ तक

    बंद मुट्ठी के भीतर ..मन को  पेपर वेट कीतरह ..दबा रहा हूँ  अपनी सघनता और अपने वजन का   जैसे अनुमान लगा  रहा हूँ    फाइलों में छिपी आँखों को ..खिड़की के उस पार .. खिले फूलो तक ..पहुँचाना  चाह रहा हूँ...

  • नव वर्ष (२०१५ )

    नव वर्ष (२०१५ )

    नव वर्ष (२०१५ ) की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ। मंगलमय हो आपको नव वर्ष का त्यौहार जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार इश्वर की कृपा...