बाल कविता

काला कौवा

काला कौवा शोर मचाता,काला कौवा तनिक न भाता। सभी मारते उसको पत्थर ,पर वो जल्दी से उड़ जाता। घर की छत पर जब भी आता ,मन को वो शंकित कर जाता। नन्हे चीकू के हाथों से ,छीन रोटियां वो उड़ जाता। जब भी वो चालाकी करता,कौवा हरदम मुंह की खाता। —महेंद्र कुमार वर्मा

अन्य बाल साहित्य सामाजिक

सवाल-जवाब- 3

प्यारे बच्चो, आयुष्मान-बुद्धिमान-सेवामान, हमें जब भी आपके जानने योग्य सामग्री मिलती है, हम पत्र के द्वारा आपके लिए प्रस्तुत करते हैं. आज जानकारी प्रस्तुत है भारत के इन 10 गांव के बारे में, जो शहरों से भी बेहतर हैं, कहीं आमदनी तो कहीं का रिवाज इन्हें बनाता है खास– साल 2011 की जनगणना के मुताबिक़ […]

बाल कविता

हम सब बोलें मीठे बोल

बात पते की सुन लो बच्चो जब भी खेलो मिलकर खेलो। जब भी बोलो हंसकर बोलो, बातों में मिसरी सी घोलो।। अच्छे और बुरे कामों को, मन की आंखों से तुम तोलो। जब बोलो तब सच-सच बोलो, कभी न बातें रच-रच बोलो।। हंसकर मन की गांठें खोलो, दिल से दिल का रिश्ता जोड़ो। जब बोलो […]

अन्य बाल साहित्य विज्ञान

सवाल-जवाब- 2

प्यारे बच्चो, आयुष्मान-बुद्धिमान-सेवामान, हमें जब भी आपके जानने योग्य सामग्री मिलती है, हम पत्र के द्वारा आपके लिए प्रस्तुत करते हैं. आज फिर प्रस्तुत हैं नए सवाल और उनके जवाब- 1. भारत में पहली ट्रेन कब और कहां से चली थी? भारत में 16 अप्रैल 1853 को पहली यात्री ट्रेन बोरी बंदर (बॉम्बे) और ठाणे […]

अन्य बाल साहित्य बालोपयोगी लेख

सवाल-जवाब

प्यारे बच्चो, आयुष्मान-बुद्धिमान-सेवामान, बहुत दिनों से आपके साथ मुलाकात नहीं हुई. इसके पहले कि आप हमसे सवाल-जवाब आज हम आपसे सवाल-जवाब करते हैं. इस पत्र की विशेषता यह है, कि सवाल भी हमारे और जवाब भी हमारे. ये सवाल-जवाब आपके प्यारे चाचू सुदर्शन खन्ना ने लिख भेजे हैं. – सवाल: मोटर गाड़ियों से निकलने वाली […]

बाल कविता

मेरी टीचर सबसे प्यारी

बाल गीत मेरी टीचर सबसे प्यारी, प्यार बहुत मुझे करती है, मेरे मन को सुमन बनाने, की हर कोशिश करती है. नई-नई बातें सिखलाती, ज्ञान-भंडारे भरती है, मेरे मन के हर संशय को, अपने ज्ञान से हरती है. अपने देश की शान बढ़ाना, वह हमको सिखलाती है, अपनी भाषा उन्नत करने, का रस्ता दिखलाती है. […]

अन्य बाल साहित्य

नाटिका – ‘वी मेक’

“नानू, हमें नए खिलौने दिलवाइए.” नाती अथर्व ने कार से उतरते ही दौड़कर अबीर जी से लिपटते हुए कहा. “दिलाएंगे यार, आते ही फरमाइश शुरु कर दी, पहले नमस्ते तो कर!” “सॉरी नानू, गलती हो गई.” अथर्व ने अबीर जी के चरण स्पर्श करते हुए कहा. “आयुष्मान, बुद्धिमान, सेवामान भव.” नानू ने आशीर्वाद देते हुए […]

बाल कहानी

बालकहानी : दोस्ती में दरार

          बहुत पुरानी बात है। एक वनांचल गाँव था पण्डेल। गाँव से ही बिल्कुल लगा हुआ एक बहुत बड़ा बबूल का पेड़ था। उस बबूल पेड़ पर एक कौआ रहता था। गाँव से खाने की जो भी वस्तु मिलती; पेड़ पर लाता, और आराम से बैठकर खाता था। दिन भर गाँव, […]

बाल कहानी बाल साहित्य

पतंग का धागा और चींची चिड़िया

सोनू की तीसरी पतंग काटते हुए राहुल जोर से चीखा काई पो चे , सोनू की मकर संक्रांति पर्व की खुशी तो जैसे कही खो गयी, बिल्कुल उदास हो गया सोनू , सोनू को इस बात की भी चिंता थी कि अब उसके सभी दोस्त उसे चिढ़ाएंगे, राहुल और सोनू एक ही अपार्टमेंट में रहते […]

बाल कविता

क्रिसमस

क्रिसमस का त्योहार है, खुशियों की बहार है, मिलता रहे अपनों का प्यार, यही बड़ा उपहार है. सांता क्लॉज जी आए हैं, ढेरों तोहफे लाए हैं, बच्चों को खुश करने को, लालम-लाल बन आए हैं.