Category : बाल साहित्य

  • बालगीत

    बालगीत

    प्यारा देश हमारा देश। भारत जग में न्यारा देश।। बहतीं नदियाँ यमुना – गंगा। फहराता है सुघर तिरंगा।। भाषा, रंग, विविध हैं वेश। प्यारा देश हमारा देश।। बारी – बारी ऋतुएं आतीं। जनवांछित सब सुख बरसातीं...

  • मैं अभी बच्चा हूॅ॑

    मैं अभी बच्चा हूॅ॑

    मैं बहुत अच्छा हूॅ॑ क्योंकि अभी सच्चा हूॅ॑ मुझें क ख ग घ नहीं आता क्योंकि मैं अभी बच्चा हूॅ॑। एक से सौं तक की गिनती मुझको नहीं आती हैं। इंग्लिश की ए, बी, सी, डी...

  • बाल दिवस

    बाल दिवस

    बाल दिवस का दिन है आया, बच्चों का तन- मन हर्षाया। हंसकर गाकर खुशी जताया, चाचा नेहरू का जन्मदिन मनाया। भारत मां के लाल थे नेहरू, देश के प्रथम प्रधान थे नेहरू। अमन चैन का पैगाम...

  • बाल कविता – मेला

    बाल कविता – मेला

    नदी किनारे लगा था मेला, सारे बच्चे मिलजुल गये घूमने | धमा-चौकड़ी सबने खूब मचाई, देखा जो हाथी बनाके साथी लगे चूमने || दही, जलेबी, पानी-पूरी, हलवा और कचौड़ी, सब बच्चों ने चख-चखकर खाई | फिर...



  • खुशियाँ (बाल कविता)

    खुशियाँ (बाल कविता)

    माँ के आँचल में हैं खुशियाँ पकते चावल में हैं खुशियाँ प्रेम लुटाती गृहलक्ष्मी की रुनझुन पायल में हैं खुशियाँ बहन रूप में आतीं खुशियाँ भाई संग मिल गातीं खुशियाँ गोद पिता की अनुपम जग में...


  • मियां गधे जी

    मियां गधे जी

      बाँध गले में टाई, सिर पर सेहरा धर कर ऐंठे हैं। ब्याह रचाने मिंया गधे जी, मंडप में आ बैठे हैं। बाराती कुछ नाच रहे कुछ हैं खाने में जुटे हुए। यार दोस्त फ़ोटो खिंचवाने...

  • बालगीत  – नवदुर्गा झाँकियाँ

    बालगीत – नवदुर्गा झाँकियाँ

    सजीं मंच  पर  सुंदर झाँकी। नौ   रूपों   में दुर्गा  माँ  की।। शैलसुता  माँ  वृषभ सवारी। ब्रह्मचारिणी   तपती न्यारी।। चंद्रघंटिका – महिमा बाँकी। सजी मंच पर ….. चौथी   हैं    कूष्मांडा  माता। आदिस्वरूपा...