बाल कविता

आम की पौध: एक बाल गीत

मां मेरी इक विनती मान ले, आम की पौध तू मुझे मंगा दे, बगिया में इसको रोपूंगा, फलते देख खुश होऊंगा. मत पूछो क्या लाभ हैं इससे, प्रदूषण दूर भगाऊंगा, धूप से मुझे बचाएगा यह, ठंडी छाया पाऊंगा. जब यह खूब बड़ा होगा, इस पर झूला डालूंगा, सब मित्रों को यहां बुलाकर, झूलूंगा और झुलाऊंगा. […]

बाल कविता

वो शिक्षक कहलाते हैं

प्यार-दुलार, संस्कार है देते, वो शिक्षक कहलाते हैं। अंत:शक्ति जगा, देते आकार, वो शिक्षक कहलाते हैं।। अज्ञानी मन को तपा-तपा, सूरज सा वे चमकाते हैं। प्रकाश दिखाते अंधकार में, उत्तम शिक्षक कहलाते हैं।। अनगढ़ पत्थर को प्रयास से, पत्थर पारस बना देते हैं। स्वच्छता, साक्षरता बढ़े देश में, जागरूकता क्रांति ला देते हैं।। पुस्तक और […]

बाल कहानी

खुद से अच्छा दोस्त कोई नहीं

छवि और अवि में अच्छी दोस्ती थी। दोनों एक दूसरे से कोई बात नहीं छुपाती। एक ही कॉलेज में होने के कारण हर काम साथ- साथ करती। कहीं जाना होता दोनों साथ मे जाती। लोग दोनों की दोस्ती की मिसाल दिया करते। अवि काफ़ी मेहनती थी। छवि उसकी थोड़ी भी हेल्प कर देती तो वो […]

बाल कविता

हम सब बोलें मीठे बोल

बात पते की सुन लो बच्चो जब भी खेलो मिलकर खेलो। जब भी बोलो हंसकर बोलो, बातों में मिसरी सी घोलो।। अच्छे और बुरे कामों को, मन की आंखों से तुम तोलो। जब बोलो तब सच-सच बोलो, कभी न बातें रच-रच बोलो।। हंसकर मन की गांठें खोलो, दिल से दिल का रिश्ता जोड़ो। जब बोलो […]

बाल साहित्य

एकांकी : हम होगें कामयाब

पात्र परिचय—- मोहनी—छात्रा अंशिका—-छात्रा नवरत्न—छात्र आलोक–छात्र रौनक—छात्रा प्रधानाध्यापक—स्कूल के प्रमुख                                प्रथम दृश्य (विद्यालय केप्रधानाध्यापक कक्षा में प्रवेश करते है ,उनके चेहरे पर चिंता के भाव प्रगट हो रहे है।) प्रधानाध्यापक: सुप्रभात बच्चों बच्चे:;:सुप्रभात  मोहनी —       सर क्या बात है? […]

बाल कविता

बालगीत-तारे औऱ बाल जिज्ञासा

दिखें रात में नभ में तारे। जाते कहाँ दिवस में सारे।। टिम-टिम करके करते बातें। अच्छी लगती हैं तब रातें।। लगते हैं आँखों को प्यारे। दिखें रात में नभ में तारे।। माँ! तारों का घर अंबर में। कैसे लटके वे अधवर में।। आँखें ज्यों मिचकाते सारे। दिखें रात में नभ में तारे।। सूरज का क्या […]

बाल कविता

बालगीत- लहँगे का भाई:प्लाजो

पाजामे का   नव  अवतार। प्लाजो आया तज सलवार।। नए रूप में बड़ा निराला। रंग – बिरंगा नीला काला।। नीचे – ऊपर सम आकार। प्लाजो आया तज सलवार।। पहन रहे थे अब तक पापा। मम्मी भी खो बैठीं आपा।। छिड़ी एक दिन मीठी रार। प्लाजो आया तज सलवार।। सट – सट टाँगें घुस जाती हैं। पहन […]

बाल कविता

गीत – अपना वतन

मेरे वतन की धूल को। मेरे वतन के फूल को।। मेरा नमन! मेरा नमन!! मेरा वतन ! अपना वतन!! हम वतन की संतान हैं। तुमसे हमारी जान हैं।। है विश्व में चमका रतन। रक्षक बनें कर- कर जतन।। मेरा नमन ! मेरा- नमन! मेरा वतन ! अपना वतन!! हम गाँव नगरों में रहें। अपना तुम्हें […]

बाल कविता

सबसे प्यारा देश हमारा

सबसे न्यारा सबसे अच्छा ,प्यारा अपना देश, सब रहते है इस बगिया में जाकिर ,जॉन  महेश । सुखविंदर भी रहते इसमें और सलमा भी रहती , सब मिलकर त्योहार मनाते मस्त हवा  है बहती ।  आशा का है घर का मंदिर जस्सी का  गुरुद्वारा, जारा की मस्ज़िद भी यह है चर्च मैरी का प्यारा । […]

बाल कहानी

दंड में छिपा दुलार

दिव्या, हीरा ,आभा , तीनों मित्र थीं। साथ साथ पढ़ती खेलती ।एक नहीं आती तो दूसरी उसे बुलाने पहुंच जाती। आभा काफी मेहनती थी। हीरा थोड़ी सी चंचल पर टीचर का कहना तुरंत मानती थी । यह बात अलग थी कि कभी-कभी बहाने भी बना जाती थी। टीचर तीनों में सबसे ज्यादा दिव्या को मानती […]