बाल कविता

बाल कविता – लोमड़ी करती मोलभाव

चली लोमड़ी बन-ठन बाज़ार। लाऊँ झोला भरकर शाक।। आलू कैसे दिया है भाई। दाम सुन थोड़ी हिचकाई।। बोली मैं टिण्डा ले लूँगी। पर दाम आधा ही दूँगी।। बहन मैं लौकी, टिण्डा दूँगा। दाम भी चलो मुनासिब लूँगा।। वो बोली बैंगन के सही लगाना। साथ में प्याज मुफ्त थमाना।। झट वो लेकर भागा शाक। लोमड़ी रगड़ती […]

बाल कविता

बाल गीत: आपके-हमारे- 6

1.तिरंगा तीन रंग का अपना तिरंगा, शान से देखो लहराता, जल-थल-नभ के वीरों से है, इस का अति गहरा नाता.  भारत मां को प्यारा है यह, देती इस को अपना दुलार. बच्चो तुम भी सजगता से, करना तिरंगे का सत्कार तिरंगा अपने देश का मान. खूब है इसकी आन-बान औ’ शान, रखना इसको ऊंचा हरदम, […]

बाल कहानी

बहादुर राहुल

पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाला राहुल बहुत ही समझदार बच्चा था। रोज़ की भांति जैसे ही वह स्कूल से निकला, सामने आइसक्रीम वाला नज़र आया। आइसक्रीम राहुल की कमज़ोरी थी। खुश होकर राहुल आइसक्रीम वाले की तरफ लपका। पर यह क्या, आज रोज वाले भैया की जगह कोई और आइसक्रीम बेच रहा था। राहुल को […]

बाल कविता

शुकराने

रोज रात को को परिवार-संग, करता प्रभु के शुकराने, जिसने दी हैं सब सुविधाएं, खाने को अनगिन दाने. होठों पर मुस्कान लिए मैं, ताली खूब बजाता हूं, बड़े प्रेम से धन्यवाद के, गीत खुशी से गाता हूं. मम्मी कहती सच पूछो तो, यही है सच्ची पूजा, मुस्काकर हरि-गुण गाने सम, काम न प्यारा दूजा.

शिशुगीत

पापड़

पापड़वाला जब कहता है, ‘पापड़ ले लो’, ‘पापड़ ले लो’, मैं ममी से तब कहता हूं, ‘पैसे दे दो’, ‘पैसे दे दो’. खस्ता-खस्ता पापड़ लेकर, खूब मजे से खाता हूं, पर फिर जब मिर्ची लगती है, ‘पानी-पानी’ चिल्लाता हूं.

बाल कविता

स्वागतम् राफेल

स्वागतम् राफेल, स्वागतम् राफेल, बहुत प्रतीक्षा करवाई तुमने राफेल, सुना है बड़े शक्तिशाली लड़ाकू विमान हो, दुश्मन दफा कर देना प्यारे राफेल, स्वागतम् राफेल, स्वागतम् राफेल. राष्ट्ररक्षा के समान कोई पुण्य नहीं, राष्ट्ररक्षा के समान कोई व्रत नहीं, राष्ट्ररक्षा के समान कोई यज्ञ नहीं, राष्ट्र की रक्षा करना प्यारे राफेल, स्वागतम् राफेल, स्वागतम् राफेल. तुम […]

शिशुगीत

टाईगर

विश्व बाघ दिवस (29 जुलाई) के अवसर पर विशेष   टाई नहीं लगाता फिर भी, टाईगर है मेरा नाम, शेर है भाई, वन में रहता, बस शिकार का करता काम. मेरी प्यारी-प्यारी धारियां, बन जाती हैं मेरी दुश्मन, इसीलिए छिपता-फिरता हूं, वरना रहता मैं स्वतंत्र मन.

बाल कविता

चार बाल गीत- 1

1.प्यारे बच्चो, नेक बनो एक बनो, एक बनो, प्यारे बच्चो, नेक बनो. जब भी शाला से घर आओ, सब चीज़ें करीने से लगाओ. जूते ठीक जगह सब रखना, कपड़े भी तह करके रखना. साबुन से तुम धोना हाथ, सीखो रहना सबके साथ. एक बनो, एक बनो, प्यारे बच्चो, नेक बनो. 2.उपकार वृक्ष फूल-फल-अन्न हैं देते, […]

बाल कविता

बाल सिपाही

बनकर नन्ना सिपाही, मैं देश के काम आऊँगा। दादा जी,मेरे प्यारे दादा जी मैं सीमा पर लड़ने जाऊँगा।। दुश्मन मचा रहा आतंक, मैं भी उनसे लड़ जाऊँगा। पापा लड़ते है सीमा पर, मैं उनका साथ निभाऊँगा।। हैं पास मेरे छोटी बंदूक मेरी, मैं दुश्मन पर उसे चलाऊँगा। साथ है मेरे छोटे-छोटे साथी, मैं सबको वहाँ […]

बाल कविता

मां मुझको वो कथा सुना दे

मां मुझको वो कथा सुना दे, सुनकर जिसको वीर शिवा ने, कदम बढ़ाया और चले वो, मातृभूमि की शान बढ़ाने. मां मुझको वो ज्ञान सिखा दे, सुनकर जिसको अर्जुन जी ने, पांडव कुल की आन बचाई, आज वो गीता ज्ञान सिखा दे. मां मुझको तू वीर बना दे, वीर भगत आज़ाद तिलक की, कथा सुनाकर […]