Category : बाल साहित्य


  • मम्मी जी

    मम्मी जी

    नाना जी की राजदुलारी, मेरी प्यारी मम्मी जी।। सभी ज़रूरत समय पे पूरी, करें हमारी मम्मी जी।। कॉपी बस्ता पेन पेंसिल इधर उधर मैं फैलाती। सही जगह पर चीजें रखो मम्मी जी ही समझाती। पढूं देर...

  • फिर सदाबहार काव्यालय- 36

    फिर सदाबहार काव्यालय- 36

    इंद्रेश उनियाल का प्रथम प्रयास – तीन बाल गीत 1.महक-चहक फूल महक रहे बगिया में, पक्षी चहकें घर-आंगन में, फाग महीना जब भी आता होली का हुल्लड़ दिखलाता, ऋतु बंसत जब आती है, कोयल राग सुनाती है,...

  • बाल कविता – चिड़िया

    बाल कविता – चिड़िया

    फुदक-फुदक कर नाचती चिड़िया, दाना चुंगकर उड़ जाती चिड़िया हरी-भरी सुंदर बगिया में, मीठे-मीठे गीत सुनाती चिड़िया अपने मिश्रीघुले बोलों से बच्चों का मन चहकाती चिड़िया नित मिल-जुल कर आती, आपस में नहीं झगड़ती चिड़िया प्रेमभाव...


  • बाल गीत: आपके-हमारे- 2

    बाल गीत: आपके-हमारे- 2

    एक आह्वान, छह कवियों के बाल गीत! 1.बिल्ली-चूहा बिल्ली बोले म्याऊँ-म्याऊँ, चूहा कहे, ”कहाँ छुप जाऊँ?” बिल्ली बोली, ”छुप न सकोगे, अब तो मेरा भोज्य बनोगे.” ”तुम क्या जानो मुझे पकड़ना, इतना भी आसान नहीं है,...

  • बाल गीत: आपके-हमारे- 1

    बाल गीत: आपके-हमारे- 1

    1.आज के बच्चे कल के नेता आज के बच्चे कल के नेता, आगे बढ़ते जाएंगे देश की सेवा करने हेतु, मिलकर कदम बढ़ाएंगे- मत समझो हम नन्हे बालक, हम हैं जलती चिनगारी हम ही गगन गुंजा...

  • शाबाश बच्चो 

    शाबाश बच्चो 

    आज़ मुदित के बैग मेंं ममा नाश्ते का टिफ़िन रखना ही भूल गईं थी और मुदित नें भी ध्यान नहीँ दिया. जब लंच टाईम मेंं उसने बैग खोला तो ये देखकर अवाक रह गया कि ममां बैग मेंं टिफ़िन...


  • चिम्पू

    चिम्पू

    एक मदारी का बंदर था चिम्पू, रोज उछल कूद बहुत मचाता। अपनी शैतानी पर खूब इठलाता, एक रोज चिम्पू हो गया आजाद। मदारी को छोड़ जंगल जा पहुचा, मोबाइल मदारी का है उसके पास। सब जंगल...