बाल कहानी

बाल लघुकथा – मयंक का बदलाव

  अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं नजदीक आ चुकी थी, परंतु मयंक अपनी पढ़ाई को छोड़ मोबाइल व लैपटॉप पर गेम खेलने में मस्त था | गेम खेलने से समय बचता तो उसे टेलीविजन पर कार्टून, सीरियल देखने में निकाल देता | देर रात तक इलेक्ट्रिक दुनिया में खोया रहकर सुबह देर से जागता, इसलिए कभी ठीक से […]

बाल कविता

बाल कविता – तुलसी

लाल – हरे तुलसी के पत्ते। लगते तीखे जब हम चखते।। कहती दादी अति गुणकारी। तुलसी-दल की महिमा न्यारी। वात और कफ़ दोष हटाती। हृदय रोग भी शीघ्र मिटाती।। उदर -वेदना, ज्वर को हरती। भूख बढ़ाती, बुद्धि सँवरती।। रोग रतौंधी होता दूर। डालें पत्र – स्वरस भरपूर।। कर्ण-वेदना , पीनस जाती। सूजन को भी हरती […]

बाल कविता

बादल

आओ बच्चों तुम्हें सुनाऊं, एक कहानी बादल की, काले- पीले, रंग- बिरंगे, भूरे- काले बादल की। रूई से बन गगन में घूमें, अलग अलग धर रूप सलोने, भरा हुआ है कुछ में पानी, बात निराली बादल की। सोच रहे क्या कहां से लाता, इतना सारा ये पानी, धरती जिससे धानी बनती, प्यास बुझाते बादल की। […]

बाल कहानी

बालकहानी : एहसास

दोपहर का समय था। बच्चे स्कूल के मैदान पर लंच कर रहे थे। बच्चों के ही पास अध्यापक सुभाष यदु जी खड़े थे। बच्चों पर उनकी नजर थी। एक छोटी सी बच्ची को रोटी न खाते देख यदु जी बोले – ” क्यों जी , रोटी को क्यों नहीं खा रही हो ? ” लड़की […]

बालोपयोगी लेख

गुरु-शिष्य के बीच अद्वितीय संबंध

भारतरत्न श्री सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट गुरु और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित पद्मश्री रमाकांत विठ्ठल अचरेकर का जन्म 1932 को मालवण, बम्बई में हुआ था, जिनकी मृत्यु लम्बी बीमारी के बाद 2 जनवरी 2019 को हो गई। वह दादर, मुंबई के शिवाजी पार्क में युवा क्रिकेटरों को प्रशिक्षित के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध रहे, खासकर भारतरत्न […]

बाल कविता बाल साहित्य

रात ठण्ड की

रात ठण्ड की बहुत बड़ी है, सहज नहीं है अधिक कड़ी है। ठण्ड सताए सही न जाए, और धूप भी पास न आए। सहमे-सहमे सभी खड़े हैं, दांत बजें, कंप-कंपी बंधाये। मुश्किल जीना, सर्द महीना, सिर पर ठण्डक बर्फ जमाये। पंखें-कूलर बन्द पड़े सब, चाय-समोसा सर्दी के संग। कोहरे की भी अकड़ बढ़ी है, रात […]

बाल कविता

संस्कारी बन जाओ

गुरुजन, मात -पिता जन बच्चों को देते है संस्कार, जो बच्चा कहा हुआ माने वे ही बच्चे बनते है महान। सच्चे मार्ग पर चले जो बच्चे वे अपना परचम फहराते है, परिश्रम जो नित करते है वही बच्चे मंजिल पा जाते। शिक्षा सबसे बड़ा धन है बच्चों मन लगाकर पढ़ाई रोज करो, शिक्षा धन से […]

बालोपयोगी लेख

महापुरुषों के जन्म का यह सप्ताह

2020 अब विदाई बेला में है, नववर्ष 2021 के अभिनंदन का थोड़े दिन ही शेष रह गए हैं । ऐसे में जारी सप्ताह कई महापुरुषों के जन्मदिवस होने के साक्ष्य लिए हैं। तिथि 20 दिसम्बर को संतमत सत्संग के आचार्य रहे महर्षि संतसेवी परमहंस की जयंती रही। तो अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, सिख धर्म के […]

बाल कविता

मेला रंग बिरंगा

गाँव शहर में अक्सर लगते हमने देखा है एक मेला । रंग,बिरंगी उस दुनिया में, पल भर भूले सारा झमेला। सर्कस,जादू ,झूले लगते, मेले से अपना पन बढ़ता । चहल-पहल वो ठेला-ठेली, लेकिन रेला चलता रहता। बन्दरिया का करतब देखा , खाया आलू-चाट, समोसा, मन में आया फिर हम सबने जी भर खाया इडली डोसा […]

बाल कहानी

यादों के झरोखे से- 30

डाइनिंग टेबिल पर बहार रमेश को बचपन से ही हमेशा अपने पिताजी से शिकायत रहती थी. कारण भी कोई विशेष नहीं था. बस बात इतनी-सी थी कि, उसका नाम इंग्लिश में आर से आता था और स्कूल में उपस्थिति रजिस्टर में उसका नाम काफी नीचे आता था. बड़े होने पर भी नाराज़ होने का कोई-न-कोई […]