Category : बाल साहित्य

  • बचपन के खेल

    बचपन के खेल

    बन्द हुए स्कूल गली में बच्चे खेले खेल। आगे पीछे दौड़ रहे है छुक छुक करती रेल। भरी दुपहरी तपती धरती इनको नही सताती। जोर जोर आवाज लगाकर मम्मी रोज बुलाती। पल पल में झगड़े करते...


  • आइए कविता लिखना सीखें- 5

    आइए कविता लिखना सीखें- 5

    प्रिय बच्चो, उपहार मुबारक हो, कविता लिखना सीखने के इस क्रम में हम आपको केवल कविता द्वारा अनेक विषयों की जानकारी तो दे ही रहे हैं, साथ ही कविताओं के भंडार-स्वरूप ई. बुक ‘बाल काव्य सुमन’...

  • मां बस एक मिठास है

    मां बस एक मिठास है

    मां बस एक मिठास है प्यारा-सा अहसास है, मां-सा करीब न कोई होता, आनंद का आभास है. मैं शिप, शिप की कैप्टन मां, मेरे दिल की धड़कन मां, मेरी शक्ति, धुरी है मेरी, हर पल मेरा...

  • आइसक्रीम वाले

    आइसक्रीम वाले

    सुनो भैया आइसक्रीम वाले रोज क्यो नही बेचने आते इस भीषण गर्मी को मैं  कैसे सहता हूं  मै ही जानूं  मेरी गर्मी की छुट्टी हुई पर लगता तुम चले गये  अपनी छुट्टी मनाने सुबह शाम  इंतजार...


  • पहेलियाँ

    पहेलियाँ

    1. इधर-उधर ये भागता बचने सबकी लात से मिलता पर कोई नहीं इससे मीठी बात से उत्तर – फुटबॉल   2. बहती रहती हर समय नहीं किसी की नाक है छूता भी कोई नहीं हर कोई...

  • शिशुगीत

    शिशुगीत

    लाठी दादाजी की साथिन लाठी रहे नहीं उनके बिन लाठी पीकर तेल बनी बलशाली मुझको लगती हाथिन लाठी 2. टोपी रंग-बिरंगी आयी टोपी मेरे मन को भायी टोपी खुद को आईने में देखे जिसने यहाँ लगायी...

  • नन्हा जासूस !

    नन्हा जासूस !

    रात के करीब बारह बज रहे थे, सारे मौहल्ले में तकरीबन सन्नाटा था ! शानु को नींद नहीं आ रही थी बस करवटे ले रहा था, ममी तो दिनभर की थकावट से बिस्तर पर पड़ते ही...

  • आम कैसे खाएं ?

    आम कैसे खाएं ?

    मेहुल सात  वर्ष का प्यारा सा बच्चा था ।  स्कूल में नित नयी शरारतें करता पर किसी को उससे कोई शिकायत नहीं थी क्योंकि उसकी शरारतों से किसी का कोई नुक्सान नहीं  होता था । एक दिन...