Category : बाल साहित्य



  • “कूलर”

    “कूलर”

    ठण्डी-ठण्डी हवा खिलाये। इसी लिए कूलर कहलाये।। जब जाड़ा कम हो जाता है। होली का मौसम आता है।। फिर चलतीं हैं गर्म हवाएँ। यही हवाएँ लू कहलायें।। तब यह बक्सा बड़े काम का। सुख देता है...

  • बाल गीत: आपके-हमारे

    बाल गीत: आपके-हमारे

    1.ये ले मेरी बर्फी मैं भी खेलूं तू भी खेले आओ मिल कर होली सारी कुट्टी अब्बा कर लें फिर से कर लें दोस्ती अपनी गुझिया मुझको दे दी ये ले मेरी बर्फी मैं भी खेलूं...

  • होली

    होली

    बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत लाल-गुलाबी-नीले-पीले, रंग ले होली आई है. केसर-अबीर-गुलाल सजीले, लेकर होली आई है. तन को रंग लो, मन को रंग लो, जीवन रंगने आई है. टेसू-गेंदा और गुलाब ले, जग...

  • बाल कविता — छुट्टी

    बाल कविता — छुट्टी

    लो गर्मी की छुट्टी लगी। नाना जी की चिठ्ठि मिली। जल्दी से चलदो भाई। मेरा दिल बहलाना भाई। मम्मी ने अटैची जमाई। दादु ने तैयारी करवाई। रेल ने हमें सैर कराई। स्टेशन पर मौसी भाई। नाना...


  • पहेलियाँ

    पहेलियाँ

    1———— काटने से कटती नहीं मारने से मरती नहीं साथ-साथ चलती है बेबाक अकड़ती है। ( उत्तर – छाया ) 2————— छम छम नाच दिखाती है पानी में इठलाती है। मक्खन से मुंह भरती है दूध-दही...

  • जय हिंद

    जय हिंद

    नन्हा-मुन्ना सैनिक हूं मैं, जय हिंद है मेरा हथियार, जय हिंद, जय हिंद करते-करते, कर दूंगा दुश्मन पर वार. रोटीमेकर से आती है, जय हिंद की मुझको आवाज, डिशवाशर भी कहता मानो, जय हिंद से कर...

  • बिल्ली मौसी

    बिल्ली मौसी

    बिल्ली मौसी बिल्ली मौसी कहो कहाँ से आयी हो थकी हारी सी तुम दिख रही कही जोरो से भूख नहीं तो आयी है दूध को चट करने वाली दही भी नहीं तुम छोड़ती हो आज क्यू...