Category : अन्य बाल साहित्य

  • पहेलियाँ – 4

    पहेलियाँ – 4

    (1) चपटी-चपटी, वृत्ताकार इसमें ही सारा संसार जिन-जिन को यह मिलती नित्य कहता भगवन को आभार उत्तर – रोटी (2) बीत गया था इसका टाइम बना अचानक फिर से प्राइम “मिर्ची” ने सब मदद दिलायी किया...


  • पहेलियाँ – ३

    पहेलियाँ – ३

    (१) पानी से ज्यों हाथ मिलाता मस्त बुलबुले खूब बनाता मक्खी का तो पूरा दुश्मन बाकी भी सब गंद हटाता उत्तर – साबुन (२) भरे पेट में इतना पानी खत्म न होती कभी कहानी सबके छतपर...

  • मेरी धरती, मैं संवारूं

    मेरी धरती, मैं संवारूं

    प्रिय बच्चो, मेरी धरती, मैं संवारूं, आज हम आपके लिए एक नया स्लोगन लेकर आए हैं. आप जानते ही हैं, कि सारी दुनिया में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. अपनी धरती को...

  • हैप्पी मदर्स डे

    हैप्पी मदर्स डे

    प्रिय बच्चो, हैप्पी मदर्स डे, आप तो जानते ही हैं, कि मई के दूसरे रविवार को ”अंतर्राष्ट्रीय मदर्स डे” के रूप में मनाया जाता है. इस बार यह पर्व 8 मई को मनाया जाएगा. इस दिन...

  • पहेलियाँ – २

    पहेलियाँ – २

    (1) गोलू-मोलू, सीधा-सादा मानों फटने को आमादा जितना कसके इसको मारो दूर भागता उतना ज्यादा   (2) हरे, लाल, नीले, पीले इसमें चार मकान सोलह राही आते-जाते फिर सबकुछ सुनसान   (3) रूई के बंडल जैसा...

  • पहेलियाँ

    पहेलियाँ

    (१) गर्मी में वह भरे मिठास ढेरों किस्में, सबमें खास हर कोई खुश, ऐसे दाम बोलो राजाजी का नाम   (२) फ्रूटलैंड की प्यारी रानी लाल वस्त्र में लगे सयानी बाहर कोमल, अंदर सख्त सजे पेड़पर...


  • मस्ती की पाठशाला : बाल नाटक

    मस्ती की पाठशाला : बाल नाटक

    सूत्रधार : काननवन में हँसी-खुशी और धमा-चैकड़ी का माहौल देखकर आस-पास के वनवासी हैरान हो जाते थे। सुबह से रात होने तक उल्लास और आनन्द की गूँज चारों और सुनाई देती थी। काननवन में खुशियों का...