Category : बाल कविता

  • बचपन के खेल

    बचपन के खेल

    बन्द हुए स्कूल गली में बच्चे खेले खेल। आगे पीछे दौड़ रहे है छुक छुक करती रेल। भरी दुपहरी तपती धरती इनको नही सताती। जोर जोर आवाज लगाकर मम्मी रोज बुलाती। पल पल में झगड़े करते...

  • मां बस एक मिठास है

    मां बस एक मिठास है

    मां बस एक मिठास है प्यारा-सा अहसास है, मां-सा करीब न कोई होता, आनंद का आभास है. मैं शिप, शिप की कैप्टन मां, मेरे दिल की धड़कन मां, मेरी शक्ति, धुरी है मेरी, हर पल मेरा...

  • आइसक्रीम वाले

    आइसक्रीम वाले

    सुनो भैया आइसक्रीम वाले रोज क्यो नही बेचने आते इस भीषण गर्मी को मैं  कैसे सहता हूं  मै ही जानूं  मेरी गर्मी की छुट्टी हुई पर लगता तुम चले गये  अपनी छुट्टी मनाने सुबह शाम  इंतजार...



  • तरबूज

    तरबूज

    गर्मी के दिनों  मे ये फल  बच्चे के मन को भाता है पापा के घर आने से पहले अपनी फरमाईस सुना देते है ले आना आज पापा मेरे वो प्यारा प्यारा तरबूज  पापा भी बच्चो की...

  • 41.व्यंजन-गीत

    41.व्यंजन-गीत

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   ‘क’ कबूतर पक्षी प्यारा, गुटरु-गूं से लगता न्यारा. ‘ख’ खरगोश सफेद रुई-सा, छूने से भागे छुईमुई-सा. ‘ग’ गमले में पौधे उगते, सुंदर गमले मन को हरते. ‘घ’ घड़ी है समय...

  • 39.सबसे प्यारी मां

    39.सबसे प्यारी मां

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   माता मेरी सबसे प्यारी, सारे जग से है वह न्यारी, दुनिया में प्यारी मां जैसा, कोई नहीं होता उपकारी.   कई देवता मना-मनाकर, मां बालक को पाती है, आंख की...


  • 6. स्वर-सरगम

    6. स्वर-सरगम

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   ‘अ’ अनार से ताकत पाओ, ‘आ’ आम मज़े से खाओ. ‘इ’ इमली खट्टी होती है, ‘ई’ से ईख मधुर होती है. ‘उ’ उल्लू है रात को जगता, ‘ऊ’ ऊन से...