बाल कविता

रंगोली

हमने रंगोली से सीखा है, खुद सज करके सब को सजाना, लक्ष्य बनाया है जीवन का, चमक-चमक जग को चमकाना. यदि न होते रंग सजीले, इस दुनिया में हमारी, सोचो कैसी बेरंग होती, धरती प्यारी प्यारी!

बाल कविता

पंक्षी

  सुबह उड़ते-उड़ते पंक्षी बोले, प्यारे बच्चों क्या हाल-चाल हैं। सुबह से तुम लिखते रहते हो, सचमुच सब बच्चे कमाल हैं।। बच्चों कुछ लिखो हमारे बारे में भी, हम कठिन दौर से गुजर रहे हैं। हमकों खाना कहाँ मिलेगा अब, धरा पर मानव जंगल काट रहे हैं।। तोता मैना चिड़िया कोयल सारे, इसी सोंच में […]

बाल कविता

चार बाल गीत- 5

1.भारत मां एक बना दो हे भारत मां, हम बच्चों को नेक बना दो, जीवन में सद्गुण का धन दे, प्रेम से मालामाल बना दो. सपनीले-महकीले जग में, काश कि भ्रष्टाचार न होता! आतंकवाद का नाम न होता, यह जग कितना सुंदर होता!   2.चंदा मामा चंदा मामा एक संदेशा, सारे जग को देते हैं […]

बाल कविता

बाल कविता – असली फूल दिखाओ

माँ गुड़हल का फूल कहाँ है,लाकर मुझे दिखाओ।चित्रों वाले फूल दिखाकर,मुझको न बहलाओ।हमनें बस गेंदा गुलाब के,देखे फूल असल के।बाकी तो पुस्तक में देखे,झूठे और नकल के।चंपा और चमेली के कुछ,फूल कहीं से लाओ।सदा सुहागन ,बारह मासी,नाम सुने हैं मैनें।आक ,धतूरे के, सुनते हैं,होते फूल सलोने।किसी गाँव में चलकर इनकी,सुन्दर छबि दिखाओ।कहते हैं पीला कनेर […]

बाल कविता

हिंदी है भारत की शान

हम हैं आज के जागरुक बच्चे, हिंदी से है हमको प्यार, भाषाएं कितनी भी सीखें, निज भाषा अपना उपहार. आओ हिंदी को अपनाएं, हिंदी है भारत की शान, राष्ट्र की, राज-काज की भाषा, मातृभाषा मधुर-महान.

बाल कविता

एकता में बल

एक गांव में रहते दो भाई, आपस में करते खूब लड़ाई!! कभी झगड़ा तो कभी रगड़ा, दोनों करते खूब लफरा !! एक दिन पिता ने दौनो को पास बुलाया, मिल जुल कर रहने का पाठ पढाया !! दौनों को कुछ समझ ना आया, पतली लकड़ी का एक गठरी मंगाया!! एक लकड़ी को वो तोड़ दिखाया, […]

कविता गीत/नवगीत बाल कविता हाइकु/सेदोका

जन्मदिवस काव्य-रचनाएं: आपकी-हमारी

(जन्मदिन-हाइकु) मुबारक हो जन्मदिन की वेला मंगल मेला. -गुरमेल भमरा मुबारक हो! (गीत) जिंदगी के गुल्लक में, नया साल मुबारक हो! सूरज की किरणें, रब दी मेहर, मुबारक हो! जिंदगी की नेमतें, बेमिसाल, मुबारक हो! खुद से मुलाकातें, हर पल, मुबारक हो! जन्मदिन तुम्हारा, खुशियों का पिटारा, मुबारक हो! दुआओं में भीगा तन, मन न्यारा, […]

बाल कविता

बाल कविता – सयानी सी जल रानी

इठलाती  सी  बलखाती  सी लहराती  जल   में  रानी  सी जल ही जीवन जल ही जग है जल  में  रहती  महारानी  सी मेरे  घर  के  आंगन  में   इक छोटे   से   घर   में   रहती  है जिस पल देखे वो मुझे निकट यूं  उछल उछल कर कहती हैं गर बनी हो  रक्षक जीवन  की करने  दो  कुछ  मनमानी  […]

बाल कविता

हे प्रभु मन अच्छा ही रखना

हम हैं छोटे फिर भी देखो, महक हमारी जग महकाए, जैसे छोटी सी इक कोयल, चहक-चहक जग को चहकाए. प्रभु ने अच्छा मन दे डाला, सुमन हमारा नाम पड़ा, हे प्रभु मन अच्छा ही रखना, होगा यह उपकार बड़ा.

बाल कविता

मिलकर ऐसी करें पढ़ाई

मिलकर ऐसी करें पढ़ाई, सबका मन ललचाता जाए, फिर कुछ करेंगे जग की खातिर, सबका घर रोशन हो जाए. दे कोई ऐसा ज्ञान हमें भी, मन की गांठें खुलती जाएँ, जिज्ञासा हो शांत सभी की, भीतर का तम मिटता जाए.