Category : बाल कविता






  • बालकविता : गाड़ी

    बालकविता : गाड़ी

    छुक-छुक गाड़ी चलती जाती कू-कू की आवाज लगाती पटरी ऊपर दौड़ रही है गाँव बस्ती जोड़ रही है बोली मुझसे मेरी नानी पहले होगी टिकट कटानी हमने अपनी टिकट कटाई दी पटरी पर रेल दिखाई बैठ...

  • बालगीत : समय का मोल

    बालगीत : समय का मोल

    समय नहीं बर्बाद करो तुम समय नहीं बर्बाद करो पहले पढ़ना बहुत जरूरी सब कुछ उसके बाद करो मोल समय का जिसने जाना वो अम्बर छू पाते हैं जो भी व्यर्थ गवाते इसको वो केवल पछताते...


  • बचपन के खेल

    बचपन के खेल

    बन्द हुए स्कूल गली में बच्चे खेले खेल। आगे पीछे दौड़ रहे है छुक छुक करती रेल। भरी दुपहरी तपती धरती इनको नही सताती। जोर जोर आवाज लगाकर मम्मी रोज बुलाती। पल पल में झगड़े करते...

  • मां बस एक मिठास है

    मां बस एक मिठास है

    मां बस एक मिठास है प्यारा-सा अहसास है, मां-सा करीब न कोई होता, आनंद का आभास है. मैं शिप, शिप की कैप्टन मां, मेरे दिल की धड़कन मां, मेरी शक्ति, धुरी है मेरी, हर पल मेरा...