Category : बाल कविता








  • मन का हौसला

    मन का हौसला

    जिसके मन में हो हौसला, डरे न वह देखकर फासला। चाहे जितनी दूर हो मंजिल, कर ही लेता है वह हासिल। चाहे चंदा न चमके नभ में, तमस पसरा हो चाहे पथ में। निडर कभी उससे...