Category : बाल कविता

  • 4. कृष्ण बना दे

    4. कृष्ण बना दे

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   मां मुझको तू कृष्ण बना दे, देश प्रेम की लगन लगा दे, छोटा-सा पीताम्बर पहना, छोटी-सी वंशी दिलवादे. मोरपंख का मुकुट सजीला, मेरे शीश पे आज सजा दे, माखन-मिश्री खूब...

  • 3. धन्यवाद

    3. धन्यवाद

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   धन्यवाद हे आनंददाता, शक्तिदाता, दयानिधान, हे सुखदायक धन्यवाद है, सृष्टि के मालिक भगवान. तुम ही सबका हित करते हो, रखते हो हम सबका ध्यान, सद्बुद्धि दे, सत्पथ पर प्रभु, चलवाना...

  • 2. प्रार्थना

    2. प्रार्थना

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   सर्वशक्तिमान दाता, प्रेममय संसार दो, वाणी में हो मधुरता, मन में मृदुलता-सार हो.   आयु की रक्षा करो प्रभु, प्राण की रक्षा करो, ध्यान की रक्षा करो प्रभु, ज्ञान की...

  • 1. शारदे मां

    1. शारदे मां

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) शारदे मां, शारदे मां, हमको अपना प्यार दे मां, बल-बुद्धि-विद्या-ज्ञान-दान दे, भव से हमको तार दे मां. श्वेतवसन हैं मत तुम्हारे, श्वेतकमल तेरा आसन है, मधुर कंठ-वर देने वाली, हंस तुम्हारा...




  • काव्यमय कथा-14 : झूठा गड़ेरिया

    काव्यमय कथा-14 : झूठा गड़ेरिया

    भेड़ चराने वाला रामू, करता था मनमानी, एक बार मज़ाक करने की, उसने मन में ठानी. ”आया भेड़िया मुझे बचाओ”, कहकर वह चिल्लाया, ”जल्दी आकर मुझे बचाओ, यहां भेड़िया आया. लाठी लेकर लोग आ गए, ”कहां...

  • एक और सूरज

    एक और सूरज

    एक और सूरज सदियों पहले टकराए ग्रह, कहते हैं उससे धरती बनी ! “आग का गोला” थी तब ये, फिर धीरे- धीरे शान्त हुई !! जल, वायू और हरियाली से, फिर था इसमें जीवन उभरा !...