Category : बाल कविता


  • अभिलाषा

    अभिलाषा

    छोटे-छोटे बालक हैं हम, काम मगर करते हैं महान, मत समझो कमजोर हमें तुम, साहस में ही अपनी शान. आंधी-पानी-तूफानों से, डर जाएं जो हम वो नहीं, बाधाएं कितनी भी आएं, हमको उनका गम है नहीं....

  • रंगों की कहानी

    रंगों की कहानी

    इक खरगोश था चिट्टा राम यार उसका, कौआ कालीराम ॥ खाना पीना और सो जाना सिवा इसके कोई और न काम ॥ इक दिन कालू कौआराम बोला चिट्टा राम से ॥ मैं काला तू चिट्टा गोरा...


  • सबसे प्यारी मां

    सबसे प्यारी मां

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) माता मेरी सबसे प्यारी, सारे जग से है वह न्यारी, दुनिया में प्यारी मां जैसा, कोई नहीं होता उपकारी. कई देवता मना-मनाकर, मां बालक को पाती है, आंख की पुतली से...


  • साहसी बकरा

    साहसी बकरा

    चंचल नटखट भोलू बकरा, निर्भय फिरता-कूदता था, उछल-कूद करता था दिन भर, नहीं किसी से डरता था. एक बार पिकनिक करने को, जंगल में जाने की ठानी, मना किया था सब मित्रों ने, बात किसी की...

  • ग्रीष्मावकाश

    ग्रीष्मावकाश

    बन्द हुए स्कूल गली में बच्चे खेले खेल। आगे पीछे दौड़ रहे है छुक छुक करती रेल। भरी दुपहरी तपती धरती इनको नही सताती। जोर जोर आवाज लगाकर मम्मी रोज बुलाती। पल पल में झगड़े करते...


  • बाल -गीत

    बाल -गीत

    जो चादर देख पाँव पसारते, जरूरतो में कभी न हारते . न मुश्किल में हाथ पसारते , न रिश्तों में कभी धन तलाशते. बिना सोचे जो करते खर्चा , उनका बिलो का घना पर्चा . मेहनत...