Category : बाल कविता

  • निराला बचपन

    निराला बचपन

    ” निराला बचपन ” बचपन की वो शरारतें वो पहली बारिश में भीगना, मिट्टी की सोंधी सोंधी सुगंध उष्ण तन- मन को शीतल करना । मन ना माने कोई बंधन आज माटी घुले पानी में डुबकी...

  • तितली

    तितली

                                             बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत 18.तितली तितली रानी आई है, खुशियां साथ में लाई...

  • बापू तेरी शान निराली

    बापू तेरी शान निराली

    बापू तेरी शान निराली, राष्ट्रपिता तुम कहलाए, ऐसी आंधी बनकर आए, अंग्रेजों को भगा पाए. तुमने हमको सिखलाया है, सच बोलो मीठा बोलो, हाथ में लाठी, पाठ अहिंसा, कायरता से मुख मोड़ो. साक्षरता की सीख तुम्हीं...

  • हम बालक

    हम बालक

    हम बालक छोटे अज्ञानीक्यों करे कोई छल बताओ हमको पसंद है चॉकलेट टॉफीक्यों खा जाते बड़े लोग बताओ हम बालक जब मांगे खिलौनेदेते हैं हमको क्यों यह ताने पढ़ो लिखो वक़्त न आयेगा लौटकरक्या बचपन लौटकर...

  • नानी आई

    नानी आई

                                     बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत   16.नानी आई   नानी आई, नानी आई टॉफी-चॉकलेट-बिस्कुट लाई. बेसन के लड्डू और...


  • दादी का जन्मदिन

    दादी का जन्मदिन

    दादी-दादी, प्यारी दादी, आज जन्मदिन आपका दादी, आप भले ही भूल भी जाओ, हम तो नहीं भूले हैं दादी. कहां चलोगी घूमने दादी, हम सब साथ चलेंगे दादी, आता रहे जन्मदिन यों ही, ढेरों बधाई प्यारी...

  • बाल गीत   (लावणी छन्द)

    बाल गीत (लावणी छन्द)

    बढ़े चलो हे  वीर  सिपाही व्यर्थ न समय गवांना है । क्यों उदास तुम बैठ गए हो समय लौट कब आना है ….. कोई छोटा बड़ा नहीं है सब उस प्रभु के बने हुए कभी बचाते...

  • मेरी टीचर सबसे प्यारी

    मेरी टीचर सबसे प्यारी

    मेरी टीचर सबसे प्यारी, प्यार बहुत मुझे करती है, मेरे मन को सुमन बनाने,  की हर कोशिश करती है. नई-नई बातें सिखलाती, ज्ञान-भंडारे भरती है, मेरे मन के हर संशय को, अपने ज्ञान से हरती है....

  • दीपक

    दीपक

    बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत दीपक प्रेम-प्यार का दीपक प्यारा, जग-अंधियारा हरता है. आंधी और तूफानों से भी, तनिक नहीं यह डरता है. खुद जलकर औरों को देता, सुखदाई-तमहारी उजास. इससे सीखें हरदम देना,...