बाल कहानी

बहादुर राहुल

पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाला राहुल बहुत ही समझदार बच्चा था। रोज़ की भांति जैसे ही वह स्कूल से निकला, सामने आइसक्रीम वाला नज़र आया। आइसक्रीम राहुल की कमज़ोरी थी। खुश होकर राहुल आइसक्रीम वाले की तरफ लपका। पर यह क्या, आज रोज वाले भैया की जगह कोई और आइसक्रीम बेच रहा था। राहुल को […]

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नीलमणि

एक दिन मम्मी रुही को घर के बाहर गार्डन में बैठा, अंदर चली गई। पौधे के पास बैठी रुही को देखकर पेड़ से उतर कर चिड़िया और गिलहरी भी रुही के पास इधर उधर घूमने लगी रुही ने अपने पास रखी कटोरी से दाना डाल दिया गिलहरी खुशी से झूमकर दाना खाने लगी चिड़िया भी […]

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बालकहानी : शशांक की गुरुभक्ति

सिर्रीवन में सृष्टि ऋषि का आश्र था। आश्रम में रहकर विद्यार्थी विद्या प्राप्त करते थे ; क्योंकि पहले आज की तरह पाठशालाएँ नहीं थीं। विद्यार्थी अपने गुरू की सेवा मन लगाकर करते थे। आश्रम का पूरा काम विद्यार्थी ही किया करते थे ; जैसे – आश्रम की सफाई करना , लकड़ी लाना , पानी भरना […]

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धैर्य का पाठ ( बालकथा )

गर्मी की छूट्टियां शुरू होने वाली थी  , गोलु आज खुद को बहुत हल्का महसूस कर रहा था । ढ़ेरों उत्साह से लबालब दौड़ कर माँ के पास जाते हुए पूछा माँ— “अब मैं बड़ा हो रहा हूँ , आप चाहें तो बाजार का कोई काम मुझे भी करने दे सकती हैं ।” “हूँहहह… मेरा […]

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पतंग की कहानी

बारह वर्ष का विहान रोते-रोते दादा जी के पास आया। दादा जी दादा जी देखो न सबकी पंतग तो आकाश में कलाबाजी खा रही है। पर मेरी पंतग तो ऊपर जाती ही नहीं है। बार-बार नीचे गिर जाती है। मेरे सब दोस्त मुझ पर हंस रहे हैं। सोनू ठीक से उड़ीची नहीं दे रहा था […]

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घमण्डी सप्तपर्णी

एक घना जंगल था। उसमे तरह तरह के पेड़ पौधे थे। भांति भांति के फल-फूल, पशु-पक्षी जंगल की शोभा में चार चाँद लगाते थे। जंगल के बीच में एक शीतल पानी की झील थी जिसके किनारे सप्तपर्णी पेड़ों का एक झुंड था। ये पेड़ इतने पास पास लगे हुए थे कि दूर से देखने पर […]

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मेहनत

मेहनत शुरु से ही अपनी कक्षा में प्रथम आने वाली सोना आज उदास सी थी । घर आते ही बैग एक तरफ फेंका और बिन खाए पिए चुपचाप अपने कमरे में चली गई । “क्या हुआ मेरी सोना को” मम्मी ने प्यार से सोना के सिर पर हाथ फेरते हुए पूछा । “कुछ नहीं ” […]

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बाल कहानी : अपनी ताकत पर कभी घंमड ना करें

एकबार की बात एक घने जंगल में एक बहुत ताकतवर राजा रहता था, उसको अपनी ताकत पर बहुत घंमड था वह हमेशा घंमड में चूर रहता और किसी को भी कुछ नहीं मानता था, वह कभी किसी जरूरतमंद की मदद नहीं करता था । जगल के सब जानवर  उसके अहंकारी व्यवहार को देखकर उससे बहुत […]

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स्कूल (गरीबी पर जीत)

राम एक नवी कक्षा का विद्यार्थी है और हमेशा से पढ़ने लिखने में बहुत ही अच्छे दिमाग का रहा है।आठवी कक्षा तक उसकी अटेंडेंस हमेशा पूरी रहती थी और उसकी पिछली कक्षा आठवीं में तो उसकी अटेंडेंस लगभग 97% थी। इससे उसकी टीचर भी उससे बहुत खुश रहते थे।हमेशा पढ़ाई में अव्वल रहने वाला राम […]

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बाल कथा – डर के आगे जीत

“दादी माँ; माँ कहती हैं हमलोगों को बचपन में हमारी नानी माँ या दादी माँ कहानी सुनाया करती थी । मैं तो आपके साथ रहता नहीं हूँ तो आपसे कभी कहानी नहीं सुन पाया हूँ , क्या आप मुझे कहानी सुना सकती हैं ?” गोलू के प्यार भरे अनुरोध को धरा टाल नहीं सकी उसने […]