Category : बाल कहानी


  • आशीर्वाद

    आशीर्वाद

    केशव रोज़ अपने ममी-पापा और दादी-दादू के पाँव छूकर विद्यालय जाता और सभी उसे ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद देते। ममी ने समझाया था कि बड़ों की इज्जत करनी चाहिये और उनका कहना भी  मानना चाहिये। ऐसा...





  • जानवर !

    जानवर !

    बंटी जल्दी जल्दी स्कूल की ओर जा रहा था,तभी एक नज़र पिंकी के पापा पर पड़ी! पिंकी के पापा उसी ओर आ रहे थे, पर अचानक बंटी के कदम रुक गए …..ये क्या? पास की झाड़ियों में...

  • अनुभव

    अनुभव

    मनोज दसवीं कक्षा में पढ़ता था। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ वह खेलकूद में भी बहुत तेज था। वार्षिक परीक्षा समाप्त हो चुकी थी । उसके सभी पर्चे अच्छे हुए थे।...

  • सबक

    सबक

    बहुत पुरानी बात है। नंदनवन में एक तालाब था। उसके किनारे एक बेल का पेड़ था। उस पेड़ पर एक नटखट बंदर रहा था। वह दिन भर उछलकूद करता रहता था। इस पेड़ से उस पेड़...

  • बालकहानी-  खिलखिलाता परिवार

    बालकहानी- खिलखिलाता परिवार

    नदी के किनारे-किनारे सुंदरम गाँव बसा हुआ था। ऊंचे ऊंचे पहाड़ ,बहता हुआ पानी,महकते फूल और हरियाली के बीच खिलखिलाता गाँव। जो वहाँ आता जाने का नाम न लेता। गांववालों को ही नहीं,बच्चों तक को को...