Category : बाल कहानी

  • मेरे खिलौने !

    मेरे खिलौने !

    मिंटू जैसे ही सुबह उठा ममी ने सिर पर हाथ फेर कर कहा आज तुम्हारी बुआ जी और सन्नी आ रहे हैं, मिंटू बहुत खुश हो गया। जल्दी जल्दी नहा धौ लिया और ममी से बार...

  • नन्हा जासूस !

    नन्हा जासूस !

    रात के करीब बारह बज रहे थे, सारे मौहल्ले में तकरीबन सन्नाटा था ! शानु को नींद नहीं आ रही थी बस करवटे ले रहा था, ममी तो दिनभर की थकावट से बिस्तर पर पड़ते ही...

  • आम कैसे खाएं ?

    आम कैसे खाएं ?

    मेहुल सात  वर्ष का प्यारा सा बच्चा था ।  स्कूल में नित नयी शरारतें करता पर किसी को उससे कोई शिकायत नहीं थी क्योंकि उसकी शरारतों से किसी का कोई नुक्सान नहीं  होता था । एक दिन...

  • सहयोग

    सहयोग

    एक पेड़ पर एक चिड़िया रहती थी. उसका नाम चिंकी था. उसी पेड़ की जड़ के पास एक चूहे का बिल था. उसका नाम मिंकू था. चिंकी और मिंकू की दोस्ती पक्की थी. चिंकी सुबह-सवेरे उठकर...



  • खुशी के आंसू

    खुशी के आंसू

    कोमल एक गरीब मां-बाप का बेटा था किसी तरह मेहनत मजदूरी करके सभी का गुजारा चलता था। कभी-कभी काम न मिलने पर चूल्हा एक बार ही जलता। उनके पास इतने पैसे नहीं हो पाते कि कोमल...

  • क्लास में सफाई

    क्लास में सफाई

    स्कूल में आते ही बच्चों का ध्यान मुख्य पटल पर पड़ा जिसपर लिखा हुआ था इस माह से स्कूल प्रबन्धक कमिटी ने तय किया है कि स्वछता अभियान के तहत जो क्लास सबसे ज्यादा साफ़ मिलेगी...

  • सपनों की दुनिया

    सपनों की दुनिया

    आशु! आशु! माँ कब से आवाज़े लगा रही थी, पर आशु सपनों की दुनिया में ही खोया हुआ था। आशु तो बस सोते जागते सपनों में ही खोया रहता था, और बातों के हवाई किले बनाता...