बाल कहानी

नन्हा सैनिक

चारों ओर से धमाकों की आवाज़ आ रही थी I ऐसा लग रहा था मानो दीपावली हो, पर यह पटाखों की नहीं बल्कि हथगोलों और बंदूकों की आवाज़े थी I सन्नाटे को चीरती जब किसी जवान की बन्दूक चलने की आवाज़ आती तो मानों पनघट और चौबारे भी थरथरा उठते I इन्ही के बीच दस […]

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बाल कहानी – शंख का कमाल

रामधन बहुत गरीब लेकिन अच्छे स्वभाव का व्यक्ति था | उसने एक साधु की खूब सेवा की | साधु ने उसकी सहायता के लिए उसे एक शंख दिया | कहा कि इसको रोज पूजा के समय बजाने से तुम्हें एक सोने का सिक्का मिलेगा |  रामधन खुश होकर घर आ गया | रोज सोने का […]

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बाल कहानी – बदल गई ईशा

ईशा बड़ी ही नकचढ़ी लड़की थी | उसकी अपनी किसी भी सहेली से ज्यादा दिन तक पटरी नहीं बैठती थी | जरा – जरा सी बात पर तुनकती रहती | जिधर से घर मे आती , मम्मी से किसी न किसी सहेली की शिकायत जड़ देती | – “ रेशू ने मेरे सामने अपनी गुड़िया […]

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बाल कथा : अनमोल उपहार

नन्ही सी पीहू खिड़की में से देख कर ही खुश हो रही थी चिड़ियों का चहचहाना। जब से वह अपने चाचा के पास इस बड़े शहर में पढ़ने -रहने आयी है तब से वह इन चिड़ियों को खिड़की में से ही देखा करती है। शहरों में ना पेड़ दिखाई देते है ना ही पंछी। उसे […]

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तीन वरदान

मोनू एक गरीब सपेरा था। वह अपनी विधवा माँ के साथ एक झोपड़ी में रहता था। गरीबी के कारण वह पढ़ लिख नहीं सका। इसलिए जंगल में साँप पकड़कर उनका जहर निकालता और पिटारी में भरकर लोगो को घूम-घूम कर दिखाता। जो लोग साँपों को नाग देवता के रूप में पूजते, वे मोनू को पैसे […]

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बाल -कथा : पुलकित की शरारत

” टन -टन !!” घंटी बजी। यह स्कूल की आधी -छुट्टी की घंटी बजी है। सभी बच्चे अपने -अपने टिफिन लिए कक्षा से बाहर  हो लिए।  केशव , राघव , विपुल , प्रतीक और पुलकित ये पांच बच्चे जो की छठी कक्षा के छात्र हैं  और आपस में मित्र भी हैं । पुलकित इनमे से सबसे ज्यादा शरारती था। उसे […]

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बाल कहानी : चंचलू और पेड

तड़ाक ! तड़ाक ! की आवाज जंगल की शांति को भंग कर रही थी, चोटी का पसीना एड़ी से होते हुए जूते को गीला कर रहा था। इन सब बातों से बेखबर चंचलू कुल्हाड़ी चलाए जा रहा था। तभी धड़ाम की आवाज के साथ पेड़ जड़ से अलग हो ओंधे मुंह गिर पड़ा। आह भर […]

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बाल कहानी : हीरा मोती

टिंकू स्कूल से घर जा रहा था । रास्ते में उसे एक दुबली–पतली भिखारिन मिली, जिसका पेट भूख के कारण अंदर घुस गया था। साड़ी भी जगह –जगह से फटी , मैली कुचैली। उसने अपनी कमजोर सी हथेली टिंकू के सामने फैला दी। उसे देख टिंकू को बहुत दुख हुआ। उसकी समझ में नहीं आ […]

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बाल कहानी – आतंकी फँस गया चक्कर में

बहुत पहले की बात है. नागपुर के जंगल में जहरीले सांपों का एक परिवार रहा करता था. उसके मुखिया नागराज का बेटा संपोलिया बड़ा ही शरारती और उपद्रवी स्वभाव का था. वह जबसे यह जानने-समझने लायक हुआ कि सांपों के खतरनाक जहर के कारण दुनिया के सभी जीव – जन्तु उनसे बहुत डरते हैं. तबसे […]

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बालकहानी – तीन सवाल

सीतापुर गाँव में दीनू नाम का एक किसान रहा करता था I वह बहुत ही सीधा -साधा और मेहनती था I पर उसका पड़ोसी जुगनू बहुत ही चालाक एवं दुष्ट प्रवृत्ति का था I गाँव वालो को अपनी लच्छेदार बातों में फँसाता और तरह तरह की शर्त लगाता I अपनी चालाक बुद्धि से वह ऐसे […]