Category : बाल कहानी

  • ऐसी हो दिवाली

    ऐसी हो दिवाली

    मां! मैने अभी खबरों में सुना कैसे हमारे देश को पड़ोसी देशों से खतरा है। मां, सच में हमारे देश को बहुत मुशकिलों का सामना करना पड़ रहा है। काश ! मां मैं जल्दी बड़ा हो...



  • अंकिता की बुद्धिमानी

    अंकिता की बुद्धिमानी

    अंकिता षष्ठ कक्षा की होनहार छात्रो में से एक थी| सभी शिक्षको तथा सहपाठियों से घुलमिल कर  रहा करती थी इसलियें सभी शिक्षकों और सहपाठियों की चहेती बनी रहती थी| विद्यालय मे वार्षिक समारोह होने के...

  • संकल्प की आभा का प्रताप

    संकल्प की आभा का प्रताप

    असम के एक छोटे-से गांव में उस छोटे-से बच्चे का निवास था. गांव भले ही छोटा हो पर, जिसको कुछ महान काम करना होता है उसके लिए जगह के छोटे-बड़े होने के कोई खास मायने नहीं...

  • *श्री क्षय पारो*

    *श्री क्षय पारो*

      सोसायटी के ग्राउन्ड में देवम और उसके साथी क्रिकेट खेल रहे थे। देवम बैटिंग कर रहा था, अधिक ज़ोर से शॉट लगने के कारण बॉल कम्पाउड वॉल के बाहर चली गई। बॉल को लेने के...

  • टॉफी

    टॉफी

    उछल उछल कर बिंदियाँ के पैरों में दर्द होने लगा था I पर उसके नन्हें-नन्हें हाथ काँच के उन मर्तबानों तक पहुँच ही नहीं रहे थे जिन पर रंग बिरंगी खट्टी मीठी गोलियाँ सजी हुई थी...

  • मेरा सच्चा दोस्त

    मेरा सच्चा दोस्त

    बहुत बार आवाज़ लगाने पर भी जब वरूण नहीं रुका को कुणाल को लगा कि वरुण उससे नाराज़ है शायद इसिलिए पलट कर उसकी ओर नहीं देखा। आज घर में भी कुणाल का मन उदास रहा...