बाल कविता शिशुगीत

पांच तोते

  तोते आए पांच, दिखा रहे थे नाच, बोला तोता एक, हमें देश पर नाज. तोते आए पांच, दिखा रहे थे नाच, बोला तोता एक, देश पर न आए आंच. तोते आए पांच, दिखा रहे थे नाच, बोला तोता एक, अपने मन को जांच. तोते आए पांच, दिखा रहे थे नाच, बोला तोता एक, आतंक […]

बाल कविता शिशुगीत

नन्ही चिड़िया

नन्ही-सी मैं चिड़िया हूं, अपनी ममा की गुड़िया हूं, लगती हूं मैं भोली-सी, बड़ी गजब की पुड़िया हूं. अभी तलक मैं उड़ नहीं पाती, फुदक-फुदक कर चलती हूं, जब उड़ने की बारी आए, देखूं कहां निकलती हूं. ममा ही मेरी टीचर भी है, बहुत-से पाठ पढ़ाती है, अपने देश से प्यार करने का, प्यारा सबक […]

शिशुगीत

नन्ही चिड़िया

नन्ही-सी मैं चिड़िया हूं, अपनी ममा की गुड़िया हूं, लगती हूं मैं भोली-सी, बड़ी गजब की पुड़िया हूं. अभी तलक मैं उड़ नहीं पाती, फुदक-फुदक कर चलती हूं, जब उड़ने की बारी आए, देखूं कहां निकलती हूं. ममा ही मेरी टीचर भी है, बहुत-से पाठ पढ़ाती है, अपने देश से प्यार करने का, प्यारा सबक […]

बाल कविता शिशुगीत

बाल गीत: आपके-हमारे- 2

एक आह्वान, छह कवियों के बाल गीत! 1.बिल्ली-चूहा बिल्ली बोले म्याऊँ-म्याऊँ, चूहा कहे, ”कहाँ छुप जाऊँ?” बिल्ली बोली, ”छुप न सकोगे, अब तो मेरा भोज्य बनोगे.” ”तुम क्या जानो मुझे पकड़ना, इतना भी आसान नहीं है, यह लो मैं तो दौड़ा-भागा”, बिल्ली न समझी पीछा-आगा. इंद्रेश उनियाल 2.जन्माष्टमी का पर्व कृष्ण कन्हैया की मुरली बाजे, […]

बाल कविता शिशुगीत

बाल गीत: आपके-हमारे- 1

1.आज के बच्चे कल के नेता आज के बच्चे कल के नेता, आगे बढ़ते जाएंगे देश की सेवा करने हेतु, मिलकर कदम बढ़ाएंगे- मत समझो हम नन्हे बालक, हम हैं जलती चिनगारी हम ही गगन गुंजा सकते हैं, आज जो भरते किलकारी दे दो हमको लक्ष्य कठिन भी, जीत के हम दिखलाएंगे देश की सेवा […]

बाल कविता शिशुगीत

साहस के पुतले

इस धरती की कठिन डगर पर, आगे बढ़ते जाएंगे साहस के पुतले बनकर हम, जग को स्वर्ग बनाएंगे- आज हमारी आजादी पर, पांव पड़े गद्दारों के आज हमारी सीमा पर हैं, डेरे खूनी सायों के नई पौध के नन्हे अंकुर, बन महान दिखलाएंगे साहस के पुतले बनकर हम, जग को स्वर्ग बनाएंगे- हममें से कोई […]

बाल कविता शिशुगीत

मेरी अभिलाषा

5 जून ‘पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर विशेष छोटी-सी कुदाल दिलवादे, मैं भी गड्ढा खोदूंगा, उसमें नीम का पेड़ लगाकर, रोज ही जल से सींचूंगा, समय-समय पर खुरपी से मैं, निराई-गुड़ाई भी कर दूंगा, पेड़ बड़ा हो छाया देगा, खुशियों से मन भर लूंगा, इसके हर हिस्से से मिले दवाई, सबके दुःख मैं हर लूंगा, […]

बाल कविता शिशुगीत

बाल गीत: आपके-हमारे

1.ये ले मेरी बर्फी मैं भी खेलूं तू भी खेले आओ मिल कर होली सारी कुट्टी अब्बा कर लें फिर से कर लें दोस्ती अपनी गुझिया मुझको दे दी ये ले मेरी बर्फी मैं भी खेलूं तू भी खेले आओ मिल कर होली सुदर्शन खन्ना ब्लॉग https://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/sudershan-navyug/   2.अच्छी दादी! अच्छी दादी! प्यारी दादी,लादो,’ पिकाचु […]

बाल कविता शिशुगीत

होली

बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत लाल-गुलाबी-नीले-पीले, रंग ले होली आई है. केसर-अबीर-गुलाल सजीले, लेकर होली आई है. तन को रंग लो, मन को रंग लो, जीवन रंगने आई है. टेसू-गेंदा और गुलाब ले, जग महकाने आई है.

बाल कविता शिशुगीत

दो-दो वेलेंटाइन डे मनाऊंगा

लोग तो एक ही वेलेंटाइन डे मनाने को तरसते हैं, मैं दो-दो वेलेंटाइन डे मनाऊंगा, खुश होना तो अपने हाथ में हैं, मैं जी भर खुशियां मनाऊंगा. मां ने मुझको जन्म दिया है, पाल-पोसकर बड़ा किया है, मेरी हर इच्छा पर उसने, अपने को कुर्बान किया है. एक गुलाब माता को देकर, ‘वेलेंटाइन डे’ मनाऊंगा, […]