Category : शिशुगीत

  • शेर

    शेर

    गांव में एक दिन शेर आया, आकर वो हड़कंप मचाया। छोटकू ने दिमाग चलाया, पिंजरे में उसे पकड़वाया।

  • चाचू की छादी

    चाचू की छादी

    मेले चाचू की है छादी, जाऊंगा मैं तो बालाती। चाचू संग चढ़ूंगा घोड़ी, मस्ती करूंगा आज थोड़ी। ओ भाई तुम भी साथ चलो, ज़रा मेले चाचू से मिलो। बने हैं आज ये तो दूल्हा, मुखड़ा इनका...

  • शिशुगीत

    शिशुगीत

    1. चालाक चूहा घर में एक चूहा है आया कुतर-कुतर सब उसने खाया देख-देख सबकी परेशानी पापा लाए चूहेदानी मांँ ने झट से ब्रेड मंँगाया टुकड़ा उसका एक फँसाया चूहेदानी वहीं लगाकर सोये हम कमरे में जाकर...

  • शिशुगीत

    शिशुगीत

    1.  मुखौटे बंदर, भालू और सियार पुलिस, सिपाही, चौकीदार जो चाहें बन जाएँ आप पहन मुखौटे तो लें यार   2. चश्मा मेले में से चश्मा लाया आँखों पर जब आज चढ़ाया वाह-वाह सबने ही बोला लाल...

  • शिशुगीत

    शिशुगीत

    नेता खादी पहने आते नेता सबको हाथ दिखाते नेता करते कम हैं, कहते ज्यादा कुर्सी को लड़ जाते नेता 2. कुर्सी कुर्सी के हैं खेल निराले इसकी खातिर सब मतवाले मुझको भी है कुर्सी प्यारी पढ़ता...

  • शिशुगीत

    शिशुगीत

    फूल फूल खड़े रहते मुस्काते दे रस मीठा मधु बनवाते फ्रेंड इन्हीं की तितलीरानी रोज सुनाती नयी कहानी खुशबू-खुशबू हरदिन खेलें इक-दूजे को पकड़ें-ठेलें आँधी आती तो डर जाते पत्तों में जाकर छिप जाते   2. रूठी...

  • शिशुगीत

    शिशुगीत

    लाठी दादाजी की साथिन लाठी रहे नहीं उनके बिन लाठी पीकर तेल बनी बलशाली मुझको लगती हाथिन लाठी 2. टोपी रंग-बिरंगी आयी टोपी मेरे मन को भायी टोपी खुद को आईने में देखे जिसने यहाँ लगायी...


  • 37.उपकार

    37.उपकार

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)     वृक्ष फूल-फल-अन्न हैं देते, नदियां देतीं पानी, सूरज धूप-रोशनी देता, चंदा अमृत-दानी. धरती धीरज का धन देती, अम्बर प्यार लुटाए, जो करता उपकार जगत में, ईश्वर-सम यश पाए.

  • 36.सीख

    36.सीख

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   फूल हमें हंसना सिखलाते, भौंरे हमको गाना, तितली जग रंगना सिखलाती, पानी प्यास बुझाना. चींटी मेहनत सिखलाती है, दीपक राह दिखाना, पर्वत दृढ़ रहना सिखलाते, मधुमक्खी मधु पाना.