Category : शिशुगीत

  • शेखचिल्ली के सपने

    शेखचिल्ली के सपने

    एक सेठ का नौकर मूढ़-सा, शेखचिल्ली था उसका नाम, चलते-फिरते, जागते-ऊंघते, सपने लेना उसका काम. एक बार बोला मालिक से, ”मां की याद सताती है, मुझको ऐसा लगता रहता, मां भी मुझे बुलाती है”. मालिक ने...

  • जैसी संगति बैठिए

    जैसी संगति बैठिए

    मोहन एक नेक लड़का था, पढ़ने-लिखने में होशियार, सब करते तारीफ, बड़े भी, करते उसको बेहद प्यार. उसके सब साथी अच्छे थे, करते जन-सेवा का काम, पढ़-लिखकर और खेल-कूदकर, करते थे वो खूब आराम. एक बार...

  • रोटी कौन खाएगा?

    रोटी कौन खाएगा?

    छोटी-सी मुर्गी थी लाल, बतख सफेद थी खूब कमाल, चितकबरी बिल्ली शैतान, काला कुत्ता बड़ा बेईमान. चारों साथ-साथ रहते थे, कभी न आपस में लड़ते थे, मुर्गी तो करती थी काम, बाकी सब करते आराम. एक...

  • खरगोश ने पूंछ बदल ली

    खरगोश ने पूंछ बदल ली

    छोटा-सा खरगोश निताशा, रहता था छोटे बिल में, अपनी छोटी पूंछ देखकर, बड़ा दुखी होता दिल में. एक लोमड़ी उसने देखी, उसकी लंबी पूंछ निराली, बोला, ”मौसी, पूंछ बदल लो, सचमुच यह तो बहुत निराली.” पूंछ...


  • नया साल

    नया साल

    नया साल है फिर से आया, नई उमंगें लेकर आया. नया साल है नए साल में, हम फिर से संकल्प करेंगे, कभी किसी को दुःख नहीं देंगे, नहीं किसी का बुरा करेंगे. नया साल है नए...

  • दो बूंदों की दवा पिलाओ

    दो बूंदों की दवा पिलाओ

    ममी मुझको स्वस्थ बनाओ, दो बूंदों की दवा पिलाओ, पल्स पोलियो से बचा रहूंगा, तनिक समय मुझ पर भी लगाओ. पांच साल तक दवा पिलाना, पल्स पोलियो रविवार को भूल न जाना, चूक अगर तुमसे हो...

  • सफलता के सुमन

    सफलता के सुमन

    सफलता के सुमन चुनें हम, ह्रदय-सुमन को विकसित कर लें। इन सुमनों की मधुर सुरभि से, अपना जीवन सुरभित कर लें॥ साथी से सहयोग करें हम, पीछे हटें न कभी कर्म से। दीन-दुःखी, निबलों-विकलों की, सेवा...

  • होली आई (बाल गीत)

    होली आई (बाल गीत)

    होली आई, होली आई, अपने साथ खुशी है लाई, खूब गुलाल उड़ेगा अब तो, पिचकारी में रंग भर लाई. आज करेंगे खूब रंगाई, होली आई है मनभाई, घर-घर से आवाज है आई, होली आई, होली आई.

  • मेरा प्यारा भारत देश

    मेरा प्यारा भारत देश

    भारत प्यारा देश हमारा, हम सबकी आंखों का तारा, प्यार इसे हम करते हैं, इसकी रक्षा करते हैं. यहां हुए हैं राम-कृष्ण भी, गांधी और बुद्ध यहां हुए, तिलक-गोखले यहां हुए हैं, शास्त्री जी भी यहां...