Category : शिशुगीत

  • खरगोश ने पूंछ बदल ली

    खरगोश ने पूंछ बदल ली

    छोटा-सा खरगोश निताशा, रहता था छोटे बिल में, अपनी छोटी पूंछ देखकर, बड़ा दुखी होता दिल में. एक लोमड़ी उसने देखी, उसकी लंबी पूंछ निराली, बोला, ”मौसी, पूंछ बदल लो, सचमुच यह तो बहुत निराली.” पूंछ...


  • नया साल

    नया साल

    नया साल है फिर से आया, नई उमंगें लेकर आया. नया साल है नए साल में, हम फिर से संकल्प करेंगे, कभी किसी को दुःख नहीं देंगे, नहीं किसी का बुरा करेंगे. नया साल है नए...

  • दो बूंदों की दवा पिलाओ

    दो बूंदों की दवा पिलाओ

    ममी मुझको स्वस्थ बनाओ, दो बूंदों की दवा पिलाओ, पल्स पोलियो से बचा रहूंगा, तनिक समय मुझ पर भी लगाओ. पांच साल तक दवा पिलाना, पल्स पोलियो रविवार को भूल न जाना, चूक अगर तुमसे हो...

  • सफलता के सुमन

    सफलता के सुमन

    सफलता के सुमन चुनें हम, ह्रदय-सुमन को विकसित कर लें। इन सुमनों की मधुर सुरभि से, अपना जीवन सुरभित कर लें॥ साथी से सहयोग करें हम, पीछे हटें न कभी कर्म से। दीन-दुःखी, निबलों-विकलों की, सेवा...

  • होली आई (बाल गीत)

    होली आई (बाल गीत)

    होली आई, होली आई, अपने साथ खुशी है लाई, खूब गुलाल उड़ेगा अब तो, पिचकारी में रंग भर लाई. आज करेंगे खूब रंगाई, होली आई है मनभाई, घर-घर से आवाज है आई, होली आई, होली आई.

  • मेरा प्यारा भारत देश

    मेरा प्यारा भारत देश

    भारत प्यारा देश हमारा, हम सबकी आंखों का तारा, प्यार इसे हम करते हैं, इसकी रक्षा करते हैं. यहां हुए हैं राम-कृष्ण भी, गांधी और बुद्ध यहां हुए, तिलक-गोखले यहां हुए हैं, शास्त्री जी भी यहां...

  • बुरे कर्म का बुरा नतीजा

    बुरे कर्म का बुरा नतीजा

    आज दशहरा फिर से आया, खुशियां-ही-खुशियां ले आया, सच की सदा विजय होती है, यह हमको बतलाने आया. आज दुकानें खूब सजेंगी, रंग-बिरंगी भली लगेंगी, आज पटाखे खूब जलेंगे, बच्चों की तो धूम मचेगी. मेला आज...

  • व्यंजन बोल उठे

    व्यंजन बोल उठे

    ‘क’ कलम से लिखना सीखो, ‘क’ कमल से हंसना, ‘क’ कलश पानी है भरता, ‘क’ कबूतर उड़ता रहता. ‘ख’ खरगोश है कोमल-कोमल, ‘ख’ खरबूजा गोल-मटोल, ‘ख’ खरल में पिसती बूटी, ‘ख’ खटिया है देखो टूटी. ‘ग’...

  • जोड़ना

    जोड़ना

    एक में एक मिलाओ, आगे की संख्या पाओ. देखो बुजुर्ग एक, चलता लाठी टेक. ये हलवाहे दो, बीज रहे हैं बो. हरे तोते तीन, खाते दाना बीन. मिलकर मछुए चार, रहे मछलियां मार. मोर मुराले पांच,...