Category : शिशुगीत

  • मां मुझको वो कथा सुना दे

    मां मुझको वो कथा सुना दे

    मां मुझको वो कथा सुना दे, सुनकर जिसको वीर शिवा ने, कदम बढ़ाया और चले वो, मातृभूमि की शान बढ़ाने. मां मुझको वो ज्ञान सिखा दे, सुनकर जिसको अर्जुन जी ने, पांडव कुल की आन बचाई,...

  • ज्यामितीय आकार

    ज्यामितीय आकार

    चार भुजाएं मेरी बच्चो, चारों ही हैं एक बराबर, चार बराबर कोण हैं मेरे, खुश होता हूं ‘वर्ग’ कहा कर. चार भुजाएं मेरी बच्चो, आमने-सामने एक बराबर, चार बराबर मेरे कोण, ‘आयत’ मुझको कहो कृपा कर....

  • हर दिन जो चॉकलेट डे होता

    हर दिन जो चॉकलेट डे होता

    कितना अच्छा होता ममी! हर दिन जो चॉकलेट डे होता, तुम दे देती चॉकलेट मुझको, जब भी मैं रूठकर रोता. बार-बार मैं रूठता और फिर कभी मानता कभी मनाता, इसी तरह हर दिन ममी जी, प्यार आपका...

  • साहस के पुतले

    साहस के पुतले

    इस धरती की कठिन डगर पर, आगे बढ़ते जाएंगे साहस के पुतले बनकर हम, जग को स्वर्ग बनाएंगे- आज हमारी आजादी पर, पांव पड़े गद्दारों के आज हमारी सीमा पर हैं, डेरे खूनी सायों के नई...

  • टेडी डे

    टेडी डे

    टेडी डे भाई टेडी डे, भैया टेडी लाकर दे, टेडी-संग फोटो खिंचवाकर, मैं भी मनाऊंगा टेडी डे. पिंक-लाल टेडी मत लाना, ये तो रंग जनाने हैं, नीला और बसंती टेडी, मुझको लगते प्यारे हैं.

  • मोर की Good MOrning

    मोर की Good MOrning

    कहा मोर ने Good Morning, देता हूं मैं Best Warning, सुबह जल्दी नहीं जगे तो, बन न सकोगे के Mom के Darling. सुनो मोर की Good Morning, मानो उसकी Best Warning, सुबह जल्दी जगो और उठ...

  • चॉकलेट डे

    चॉकलेट डे

    ममी आया चॉकलेट डे, एक चॉकलेट के पैसे दे, एक चॉकलेट भैया से लूंगा, चॉकलेट एक पापा देंगे. एक चॉकलेट मैडम को दूंगा, एक चॉकलेट छोटी बहिना को, एक चॉकलेट मैं भी खाऊंगा, ऐसे मनाऊंगा उत्सव...

  • एक देश अनेक धर्म

    एक देश अनेक धर्म

    देश हमारा एक है बच्चो, अलग-अलग हों चाहे धर्म, अपना-अपना धर्म पालते, करते रहना है शुभ कर्म. रहते हिंदू इस भारत में, करते पूजा मंदिर में, ‘राम-कृष्ण’ कह शीश झुकाते, हाथ जोड़ते मंदिर में. यहीं पर...

  • मिठाई और रेखागणित

    मिठाई और रेखागणित

    बरफी होती है चौकोर, मुझको बहुत सुहाती है, मीठी-मीठी, ताजी-ताजी, मुझे बहुत ही भाती है.   लड्डू होता दानेदार, बड़े मजे से खाती हूं, ममी से दस पैसे लेकर, लड्डू गोल ले आती हूं.   पीली-पीली...

  • स्वर बोलते हैं

    स्वर बोलते हैं

    ‘अ’ अनार पर बैठा है, मन ही मन में ऐंठा है. ‘आ’ ने आम का गुटका खाया, अटक गया तब आ चिल्लाया. ‘इ’ इमली पर हो सवार, पहुंची सात समंदर पार. ‘ई’ ने घर में ईख...