Category : शिशुगीत

  • चाहो जो देश का हित

    चाहो जो देश का हित

    मिट्टी की सौंधी खुशबू, जो गीत गा रही है, उस गीत से वतन की, मृदु गंध आ रही है. मिट्टी के इन कणों से, केवल बना न तन है, सुख-दुख मिले इसी से, इस से तरंगित...

  • आज के बच्चे कल के नेता

    आज के बच्चे कल के नेता

    आज के बच्चे कल के नेता, आगे बढ़ते जाएंगे देश की सेवा करने हेतु, मिलकर कदम बढ़ाएंगे-   मत समझो हम नन्हे बालक, हम हैं जलती चिनगारी हम ही गगन गुंजा सकते हैं, आज जो भरते...

  • वतन को नमन

    वतन को नमन

    तुझको नमन ऐ मेरे वतन, महिमा तेरी मैं क्या कहूं? तेरे गुणों का गान मैं, हरदम यों ही करती रहूं.   जन्मी यहीं, पली यहीं, खाया यहीं, खेली यहीं, तेरी शरण को छोड़कर, किसकी शरण मैं...

  • बच्चों के टप्पे

    बच्चों के टप्पे

    ए जी स्वेटर नीला है- (2) तेरी कमीज का रंग प्यारे चुन्न-मुन्न पीला है- (2)   दो आम दशहरी हैं- (2) कोट पे चुन्न-मुन्न के दो बटन सुनहरी हैं- (2)   जेबों में पैसे हैं- (2)...

  • फूल-ही-फूल

    फूल-ही-फूल

    फूल हैं खिलते रंग-बिरंगे, मौसम होता है जब अच्छा, दिल सबका खुश होता देख के, लाल गुलाब का प्यारा गुच्छा. कितने ही हों फूल यहां पर, चम्पा भी हो और चमेली, पर गुलाब के खिल जाने...

  • नन्हे सेवक

    नन्हे सेवक

    हमसे है धरती की रौनक, हम धरती की शान हैं हम भारत के नन्हे सेवक, भारत देश महान है-   भाषा-धर्म के झगड़ों को हम, और नहीं चलने देंगे भेदभाव के पचड़ों को हम, और नहीं...


  • शेर

    शेर

    गांव में एक दिन शेर आया, आकर वो हड़कंप मचाया। छोटकू ने दिमाग चलाया, पिंजरे में उसे पकड़वाया।

  • चाचू की छादी

    चाचू की छादी

    मेले चाचू की है छादी, जाऊंगा मैं तो बालाती। चाचू संग चढ़ूंगा घोड़ी, मस्ती करूंगा आज थोड़ी। ओ भाई तुम भी साथ चलो, ज़रा मेले चाचू से मिलो। बने हैं आज ये तो दूल्हा, मुखड़ा इनका...

  • शिशुगीत

    शिशुगीत

    1. चालाक चूहा घर में एक चूहा है आया कुतर-कुतर सब उसने खाया देख-देख सबकी परेशानी पापा लाए चूहेदानी मांँ ने झट से ब्रेड मंँगाया टुकड़ा उसका एक फँसाया चूहेदानी वहीं लगाकर सोये हम कमरे में जाकर...