Category : शिशुगीत

  • 25.जनसंख्या-विस्तार की समस्या

    25.जनसंख्या-विस्तार की समस्या

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   छोटी-सी धरती पर देखो, भीड़ लगी है लोगों की, खाना-कपड़ा-पानी-बिजली, घर को तरसते लोगों की. अज्ञानी-अनपढ़ लोगों की, संख्या बढ़ती जाती है, बीमारों और बेकारों की, संख्या चैन गंवाती है.

  • 24.साक्षरता

    24.साक्षरता

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   ‘क ख ग घ’ ‘अ आ इ ई’, साक्षरता सिखलाती है, अक्षर लिखना-पढ़ना-गिनना, सिखा राह दिखलाती है. श्रम की महिमा, कार्यकुशलता, जागरुकता और ज्ञान मिले, साक्षरता से जीवन महके, प्रेम-प्यार...

  • 23.दो बूंदों की दवा

    23.दो बूंदों की दवा

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   हम सब भारतवासी मिलकर, जागेंगे और जगाएंगे, दो बूंदों की दवा पिलाकर, देश को स्वस्थ बनाएंगे. पांच साल तक के बच्चों को, नियम से दवा पिलानी है, पोलियो से उन्हें...

  • 22.चौराहे की बत्तियां

    22.चौराहे की बत्तियां

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   ‘ठहरो’ कहती बत्ती लाल, कर लो थोड़ा-सा आराम, पीली कहती ‘हो तैयार’ कर लो अपने को होशियार. हरी घास-सी बत्ती कहती, ‘अब चल दो और पहुंचो पार, चलना प्यारो संभल-संभलकर,...

  • 21.चिड़िया

    21.चिड़िया

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   चिड़िया उड़ती फुर्र-फुर्र-फुर्र-फुर्र, नील गगन तक जाती है, चीं-चीं चूं-चूं गीत सुहाना, बड़े प्यार से गाती है. अपने छोटे बच्चों को वह, खुद उड़ना सिखलाती है, बड़े प्यार से चुग्गा-दाना,...

  • 20.तोता

    20.तोता

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) यह क्या है? यह तोता है, हरे रंग का होता है, तीखी चोंच लाल है इसकी, कभी न धीरज खोता है. नील गगन में उड़ता है यह, पेड़-शाख पर रहता है,...

  • 19.मोर

    19.मोर

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) रंग-बिरंगा पक्षी मोर, सिर पर धारे सुंदर ताज, पंखों पर प्यारे चंदोवे, भारत को है इस पर नाज़. खाता है यह कीड़े-मकोड़े, कें-कें-कें-कें करता है, जब छाएं अम्बर पर बादल, नाच-नाच...

  • 18.तितली

    18.तितली

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) तितली रानी आई है, खुशियां साथ में लाई है, पंख हैं इसके रंगरंगीले, लाल-गुलाबी-नीले-पीले. फूल-फूल पर जाती है, खुशबू ले उड़ जाती है, बच्चों के मन को बहलाती, तितली रानी है...

  • 17.मेरी प्यारी मां

    17.मेरी प्यारी मां

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) माता मेरी सबसे प्यारी, सारे जग से है वह न्यारी, दुनिया में प्यारी मां जैसा, कोई नहीं होता उपकारी. खुद खाए या नहीं, कभी भी, मुझे न भूखा रखती है, मेरे...

  • 16.नानी आई

    16.नानी आई

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से) नानी आई, नानी आई टॉफी-चॉकलेट-बिस्कुट लाई. बेसन के लड्डू और बर्फी, मक्खन-पेड़े और मलाई. सुंदर-सुंदर खेल-खिलौने, नन्हा-सा कम्प्यूटर लाई. झूमूं-गाऊं-नाच दिखाऊं, नानी आई, नानी आई.