Category : बाल साहित्य

  • शिशुगीत

    शिशुगीत

    1. चालाक चूहा घर में एक चूहा है आया कुतर-कुतर सब उसने खाया देख-देख सबकी परेशानी पापा लाए चूहेदानी मांँ ने झट से ब्रेड मंँगाया टुकड़ा उसका एक फँसाया चूहेदानी वहीं लगाकर सोये हम कमरे में जाकर...

  • तुमने ही सिखलाया

    तुमने ही सिखलाया

    सेवा करना सदा सभी की, तुमने ही सिखलाया बापू। दीन जनों को गले लगाना, तुमने ही सिखलाया बापू॥ बुरा न बोलो, बुरा न देखो, बुरा न सुनो बताया बापू। तन-मन-धन से हिंसा छोड़ो, तुमने ही सिखलाया...

  • एक प्रतिज्ञा

    एक प्रतिज्ञा

    एक प्रतिज्ञा आज करें हम, मिलकर कदम बढ़ाएंगे, कड़वे सच से दूर रहें हम, झूठ कभी नहीं मुख से बोलें.   एक प्रतिज्ञा आज करें हम, कुसंगति से दूर रहें, सुसंगति से नाता जोड़ें, औरों का...

  • नाम की धुन दीजिए

    नाम की धुन दीजिए

    प्रिय बच्चो, जय हिंद, कविता लिखना सीखने के इस क्रम में हम आपको अनेक विषयों पर कविता लिखना सिखाते हैं. कविता लिखना सीखते-सीखते आपको लगभग एक साल होने को आया है. आशा है अब आप परिपक्वता...


  • बाल नाटक : परमाणु बिजली घर

    बाल नाटक : परमाणु बिजली घर

    कैलाश ने मां की स्मृति में बालिका स्कूल में स्टेशनरी वितरित कर दी। संचालक मेडम ने जब छात्राओं को कैलाश का परिचय ‘‘परमाणु वैज्ञानिक‘‘ दिया तब कई छात्राऐं अपनी शंकाओं का समाधान पूछने लग गई। मीनाक्षी...

  • छुटकी !

    छुटकी !

    शोभा अपनी सास के साथ सुबह से कन्या पूजन की तैयारी में लगी थी। सब कुछ बन कर तैयार था, जल्दी से कन्याओं को घर पर बुलाने के लिए सासु माँ ने अपने पोते बंटी को...



  • *फूल नहीं तोड़ेंगे हम*

    *फूल नहीं तोड़ेंगे हम*

      14 नवम्बर, बाल दिवस, बच्चों के प्यारे चाचा नेहरू का जन्म-दिवस, देवम के स्कूल में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। सभी छात्र बड़े उत्साह और उमंग के साथ इस दिवस को मनाते हैं।...