Category : बाल साहित्य

  • अच्छे बच्चे

    अच्छे बच्चे

      रेल चली भई छुक छुक छुक। हमने बोला रुक रुक रुक। ड्राइवर था वो बड़ा सयाना। उसने पूछा कहाँ है जाना। हम बोले नानी जी के घर। ड्राइवर बोला ज़ोर से हँस कर। पहले मुझको...


  • अच्छी आदतें

    अच्छी आदतें

    झटपट जागो सुबह को मोनू जाना है तुम्हें पाठशाला, दांतुन करके नहा धोकर पीना है दूध, भर प्याला। करो ना परेशान मां को तुम मां होती है बहुत ही प्यारी, ममता से भरा है मन उसका...

  • सदा सच ही तुम बोलो ।

    सदा सच ही तुम बोलो ।

    मीनू गोलु बंटी सुनो,पहले तोलो फिर बोलो। जब भी बोलो कभी,सदा सच ही तुम बोलो। सच की ताकत पहचानो,ये काम की बात है; झूठ के होते पाँव नहीं,झूठे का क्या विश्वास है। कभी कभी सच हमें,माना थोड़ा...


  • नन्हा जादूगर

    नन्हा जादूगर

      ” नन्हा जादूगर ” आसमान से आया ज़मीं पे चाँद का एक टुकड़ा दो नैना हैं जादू भरे उज्ज्वल प्यारा सा मुखड़ा । पल भर में हर ले दुख सारे उसकी प्यारी सी मुस्कान बोले...


  • *जग-मग सबकी मने दिवाली*

    *जग-मग सबकी मने दिवाली*

      जग-मग सबकी मने दिवाली, खुशी उछालें  भर-भर थाली।   खील खिलौने और  बताशे, खूब   बजाएं    बाजे   ताशे।   ज्योति-पर्व है,ज्योति जलाएं, मन के  तम को  दूर  भगाएं।   दीप जलाएं  सबके  घर पर, जो नम ...

  • बाल-साहित्य

    बाल-साहित्य

    बच्चों की आवश्यकताएँ  सर्वव्यापी है , जहाँ उन्हें ज्ञान देने की आवश्यकता है , वही उन्हें सम्मान देने की भी आवश्यकता हैं| उन्हें संस्कारी बनाना है तो उसे सुविचारी भी  बनाना है , उन्हें परम्परा और...

  • तभी दशहरा होता है

    तभी दशहरा होता है

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत) अंधकार से जीते उजाला, तभी दशहरा होता है. शांति की हो विजय नाद पर, तभी दशहरा होता है. प्रेम विजित हो जब ईर्ष्या पर, तभी दशहरा होता है. न्यायी...