Category : बाल साहित्य

  • साहसी बकरा

    साहसी बकरा

    चंचल नटखट भोलू बकरा, निर्भय फिरता-कूदता था, उछल-कूद करता था दिन भर, नहीं किसी से डरता था. एक बार पिकनिक करने को, जंगल में जाने की ठानी, मना किया था सब मित्रों ने, बात किसी की...

  • ग्रीष्मावकाश

    ग्रीष्मावकाश

    बन्द हुए स्कूल गली में बच्चे खेले खेल। आगे पीछे दौड़ रहे है छुक छुक करती रेल। भरी दुपहरी तपती धरती इनको नही सताती। जोर जोर आवाज लगाकर मम्मी रोज बुलाती। पल पल में झगड़े करते...


  • सूरज दादा

    सूरज दादा

    ”सूरज दादा, सूरज दादा, कहो चमकते कैसे हो? युगों-युगों से पलक न झपकी, फिर भी दमकते कैसे हो? कौन-सी गैस से मिले रोशनी, कौन-से पंप से देते हो? कौन तुम्हें ईंधन देता है, कैसे तुम ले...

  • गुड़िया की शादी !

    गुड़िया की शादी !

    रीचा बड़े ही प्यार से अपनी गुड़िया को सजा रही थी उसने कितने दिनो से शोर मचाया हुआ था कि वो अपनी गुड़िया की शादी प्रियंका के गुड्डे से सोमवार को करेगी। पापा और ममी के...

  • सुर संगम (नर्सरी गीत नाटिका)

    सुर संगम (नर्सरी गीत नाटिका)

    प्रस्तुतकर्त्ता- छोटा-सा खरगोश नताशा, पेश हुआ ले एक तमाशा, सुनो-सुनो हे प्रिय श्रोताओं, प्रिय बहिनों और प्रिय भ्राताओं. खरगोश- आज खुशी का दिन है आया, जंगल में मंगल है छाया, ताल-वाद्य का होगा संगम, सबका ही...

  • बाल -गीत

    बाल -गीत

    जो चादर देख पाँव पसारते, जरूरतो में कभी न हारते . न मुश्किल में हाथ पसारते , न रिश्तों में कभी धन तलाशते. बिना सोचे जो करते खर्चा , उनका बिलो का घना पर्चा . मेहनत...

  • तितली रानी

    तितली रानी

    तितली रानी – तितली रानी रंग बिरंगें पंखों वाली घास – फुस पर विचरण करती सब रंगों मे सुंदर लगती कभी लताएँ , कभी फूलों पर इधर- उधर वो खूब इतराती तुझे देख सब बच्चें खुश...

  • कृतघ्न कौन?

    कृतघ्न कौन?

    एक आदमी पेड़ के नीचे, बैठा-बैठा ऊंघ रहा था, एक शेर भी बहुत दूर से, मानव की गंध सूंघ रहा था. आंख अचानक खुली मनुष्य की, देखा उसने शेर आ रहा, डरकर भागा मानव आगे, पीछे-पीछे...