Category : बाल साहित्य

  • साहस के पुतले

    साहस के पुतले

    इस धरती की कठिन डगर पर, आगे बढ़ते जाएंगे साहस के पुतले बनकर हम, जग को स्वर्ग बनाएंगे- आज हमारी आजादी पर, पांव पड़े गद्दारों के आज हमारी सीमा पर हैं, डेरे खूनी सायों के नई...

  • टेडी डे

    टेडी डे

    टेडी डे भाई टेडी डे, भैया टेडी लाकर दे, टेडी-संग फोटो खिंचवाकर, मैं भी मनाऊंगा टेडी डे. पिंक-लाल टेडी मत लाना, ये तो रंग जनाने हैं, नीला और बसंती टेडी, मुझको लगते प्यारे हैं.

  • *बेटी-युग*

    *बेटी-युग*

    सतयुग, त्रेता, द्वापर बीता, बीता कलयुग कब का, बेटी-युग  के  नए  दौर  में,  हर्षाया   हर   तबका। बेटी-युग में खुशी-खुशी है, पर महनत के साथ बसी है। शुद्ध-कर्म  निष्ठा का संगम, सबके मन में दिव्य हँसी है।...

  • मोर की Good MOrning

    मोर की Good MOrning

    कहा मोर ने Good Morning, देता हूं मैं Best Warning, सुबह जल्दी नहीं जगे तो, बन न सकोगे के Mom के Darling. सुनो मोर की Good Morning, मानो उसकी Best Warning, सुबह जल्दी जगो और उठ...

  • चॉकलेट डे

    चॉकलेट डे

    ममी आया चॉकलेट डे, एक चॉकलेट के पैसे दे, एक चॉकलेट भैया से लूंगा, चॉकलेट एक पापा देंगे. एक चॉकलेट मैडम को दूंगा, एक चॉकलेट छोटी बहिना को, एक चॉकलेट मैं भी खाऊंगा, ऐसे मनाऊंगा उत्सव...

  • एक देश अनेक धर्म

    एक देश अनेक धर्म

    देश हमारा एक है बच्चो, अलग-अलग हों चाहे धर्म, अपना-अपना धर्म पालते, करते रहना है शुभ कर्म. रहते हिंदू इस भारत में, करते पूजा मंदिर में, ‘राम-कृष्ण’ कह शीश झुकाते, हाथ जोड़ते मंदिर में. यहीं पर...

  • मिठाई और रेखागणित

    मिठाई और रेखागणित

    बरफी होती है चौकोर, मुझको बहुत सुहाती है, मीठी-मीठी, ताजी-ताजी, मुझे बहुत ही भाती है.   लड्डू होता दानेदार, बड़े मजे से खाती हूं, ममी से दस पैसे लेकर, लड्डू गोल ले आती हूं.   पीली-पीली...

  • स्वर बोलते हैं

    स्वर बोलते हैं

    ‘अ’ अनार पर बैठा है, मन ही मन में ऐंठा है. ‘आ’ ने आम का गुटका खाया, अटक गया तब आ चिल्लाया. ‘इ’ इमली पर हो सवार, पहुंची सात समंदर पार. ‘ई’ ने घर में ईख...

  • कैसे होते अच्छे बच्चे?

    कैसे होते अच्छे बच्चे?

    प्रश्न- क्या तुम हो जी अच्छे बच्चे?  उत्तर- हां जी, हम हैं अच्छे बच्चे. प्रश्न- क्या करते हैं अच्छे बच्चे? उत्तर- ये करते हैं अच्छे बच्चे. जल्दी सोते जल्दी जगते, सबसे पहले वंदन करते, नित्य बड़ों...