Category : बाल साहित्य


  • बुरा करो किसने समझाया

    बुरा करो किसने समझाया

    एक बार जंगल में स्थित झरबेरी बड़ी मगन थी देवदार भी खड़ा प्रेम से उसको जीवन से लगन थी झरबेरी करती  झर-झर देवदार सायं-सायं करता एक में कांटों का साम्राज्य दूसरे से सौन्दर्य था झरता सौन्दर्यशाली...

  • चुन्नू मुन्नू

    चुन्नू मुन्नू

    नन्हे मुन्ने बच्चों को समर्पित……. ” चुन्नू मुन्नू” आओ खेलें चुन्नू मुन्नू मिलकर सब कोई खेल, बातें करें एक दूजे से बढ़ाएं आपस में मेल। बनाए स्वयं को तंदुरुस्त होगा बलशाली हमारा तन, खूब हंसे संग...

  • निराला बचपन

    निराला बचपन

    ” निराला बचपन ” बचपन की वो शरारतें वो पहली बारिश में भीगना, मिट्टी की सोंधी सोंधी सुगंध उष्ण तन- मन को शीतल करना । मन ना माने कोई बंधन आज माटी घुले पानी में डुबकी...

  • तितली

    तितली

                                             बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत 18.तितली तितली रानी आई है, खुशियां साथ में लाई...

  • गड़रिया और सिंह

    गड़रिया और सिंह

    शीघ्र प्रकाश्य पद्यकथा कृति बिना विचारे का फल से प्रकाशन हेतु गड़रिया और सिंह नदी किनारे हरा- भरा जंगल एक स्थित था अनेक पशु-पक्षी वहां थे रोज जंगल में मंगल था   सारी दुनिया उपकार की...

  • बापू तेरी शान निराली

    बापू तेरी शान निराली

    बापू तेरी शान निराली, राष्ट्रपिता तुम कहलाए, ऐसी आंधी बनकर आए, अंग्रेजों को भगा पाए. तुमने हमको सिखलाया है, सच बोलो मीठा बोलो, हाथ में लाठी, पाठ अहिंसा, कायरता से मुख मोड़ो. साक्षरता की सीख तुम्हीं...

  • हम बालक

    हम बालक

    हम बालक छोटे अज्ञानीक्यों करे कोई छल बताओ हमको पसंद है चॉकलेट टॉफीक्यों खा जाते बड़े लोग बताओ हम बालक जब मांगे खिलौनेदेते हैं हमको क्यों यह ताने पढ़ो लिखो वक़्त न आयेगा लौटकरक्या बचपन लौटकर...

  • नानी आई

    नानी आई

                                     बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत   16.नानी आई   नानी आई, नानी आई टॉफी-चॉकलेट-बिस्कुट लाई. बेसन के लड्डू और...