Category : बाल साहित्य

  • बाल गीत – तितली

    बाल गीत – तितली

    तितली रानी आई है, खुशियां साथ में लाई है, पंख हैं इसके रंगरंगीले, लाल-गुलाबी-नीले-पीले. फूल-फूल पर जाती है, खुशबू ले उड़ जाती है, बच्चों के मन को बहलाती, तितली रानी है कहलाती.


  • मनोकामना

    मनोकामना

    तुम बनो हिमालय सा ऊंचा छू लो नील अकाश,दुनिया के प्रांगण में फैले सुख्याति का प्रकाश।सशक्त तन में बसे एक सुंदर, सुकोमल मन,अनुराग सुगंध से रहे भरा जीवन प्रांगण का उपवन।छाये न जीवन आकाश में दुख...

  • “क.ख.ग.घ. सिखलाऊँगी”

    “क.ख.ग.घ. सिखलाऊँगी”

    मम्मी देखो मेरी डॉल। खेल रही है यह तो बॉल।। पढ़ना-लिखना इसे न आता। खेल-खेलना बहुत सुहाता।। कॉपी-पुस्तक इसे दिलाना। विद्यालय में नाम लिखाना।। मैं गुड़िया को रोज सवेरे। लाड़ लड़ाऊँगी बहुतेरे।। विद्यालय में ले जाऊँगी।...

  • इच्छा

    इच्छा

    पंछी बन मैं उड़ूं एक दिन पंख फैलाकर नील गगन में, रंग बिरंगी जैसे तितलियां उड़ती है, खुशी से चमन में। बातें करती है पुष्पों से और लेती है उनसे परागकण, मैं भी करूं बादलों से...

  • आशीर्वाद

    आशीर्वाद

    केशव रोज़ अपने ममी-पापा और दादी-दादू के पाँव छूकर विद्यालय जाता और सभी उसे ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद देते। ममी ने समझाया था कि बड़ों की इज्जत करनी चाहिये और उनका कहना भी  मानना चाहिये। ऐसा...



  • चम्पू बन्दर

    चम्पू बन्दर

    चम्पू बन्दर मस्त कलंदर। चलता देखो कैसे तन कर। पढ़ने में थोड़ा सा कम पर। शैतानी में पहला नम्बर। डाल डाल कभी पात पात पर, लपक लपक कर उचक उचक कर, अभी आम खा कर बैठा...