Category : बाल साहित्य

  • बादल

    बादल

    काले बादल नभ में गरजते , रिमझिम -रिमझिम बरसते बादल , इस तप्त धरती को , शीतलता प्रदान करते बादल , इन बूंदा बूंदी फुहारो में , बच्चे नहाते आँगन में , शोर मचाकर , धूम...


  • बालकविता  स्कूल

    बालकविता  स्कूल

    चुनमुन चुनमुन चल स्कूल, झाड़ किताबो की अब धूल, छुट्टी मे इतना खेले कि पढ़ना लिखना गए सब भूल खत्म हो गई छुट्टी अब तो, रोज़ विद्यालय जाऐंगें, पढ़लिख कर कुछ बन पाऐ काम सभी के...


  • पर्यावरण स्वच्छ बनाओ।

    पर्यावरण स्वच्छ बनाओ।

    वृक्षों से धरती सजाओ, पर्यावरण स्वच्छ बनाओ। इधर-उधर कूड़ा मत फैंको, धरती का कण-कण महकाओ॥ पोलीथीन से नाता तोड़ो, जूट के बैग सब अपनाओ। वाहन कम से कम चलाओ, धुंए से सबको बचाओ। आओ सब मिल...

  • शिशुगीत – 6

    शिशुगीत – 6

    1. रबर गलत लिखे को तुरंत मिटा दे कॉपी मेरी रखता साफ गुस्सा होने से ही पहले टीचर कर देते हैं माफ 2. दूध मम्मी बोले दूध पियो लेकिन मुझे नहीं भाता इधर-उधर जाकर घर में...

  • ईक लहरा बारिश हो गयी

    ईक लहरा बारिश हो गयी

    ईक लहरा बारिश हो गयी शहर गुलाबी हो गये । नदियों के किनारे भीग गये नदियों में बूदें तैर गयी । हवा के झोंके सर्द हुए ईंटों की गर्मी भभक गयी । सडकों पर नाली उफन...



  • चिड़िया

    चिड़िया

      फुर्र-फुर्र करती आई चिड़िया दाना चुगकर लाई चिड़िया सबको प्यारी लगती चिड़िया पंछियों में न्यारी लगती चिड़िया तिनके चुन कर लाती चिड़िया सुन्दर घर बनाती चिड़िया हाथ लगाओ डर जाती चिड़िया उड़ अपने घर जाती...