Category : बाल साहित्य


  • मेहनत की जीत

    मेहनत की जीत

    अपने वजन से भी भारी , दाना ले चींटी चढ़ी अटारी। कुछ दूर चढ़कर गिर जाती, फिर सम्हलकर चढ़ने लगती। एक नहीं क़ई बार गिरी, फिर भी वो हिम्मत न हारी। जीत की उसमें था विश्वास,...

  • धरती तपती

    धरती तपती

    तप्त तवा-सी धरती तपती। अम्बर से है आग बरसती।। गली-गली जल रही शहर की। कली-कली सूखी उपवन की।। साँय-साँय लू-लपट लगाये। तरु-छाया भी सिमट सुखाये।। पशु-पक्षी सब फिरें तड़पते। इधर उधर छाया को तकते। सूखे पोखर-ताल...






  • ग़ुब्बारे वाला

    ग़ुब्बारे वाला

    बचपन में एक झोले वाला मुझको बड़ा रिझाता था हाथों में बांसुरी लिए मधुर तान सुनाता था सुरम्य रसीली बंसी की धुन पर हर बालक सम्मोहित था जब जब तान बंसी की सुनता मन उल्लास से...

  • सपनों का संसार

    सपनों का संसार

    कितना प्यारा होता हैसपनों का संसार होते हैं यहाँ पर क़ई असंभव चमत्कार आकाश में हम उड़ते हैं दरिया में गोते लगाते हैं फूलों के घर बनाके मोतियों से सजाते हैं सुरज-चाँद से मिलके हम खेलते...