Category : ब्लॉग/परिचर्चा


  • जन-जन का सहकार-3

    जन-जन का सहकार-3

    जन-जन का जब हो सहकार, मिल सकता आनंद-उपहार. साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना  एक अकेला थक जायेगा मिल कर बोझ उठाना  साथी हाथ बढ़ाना———- इसी हाथ बढ़ाने का दूसरा नाम है- जन-जन का सहकार. जन-जन...

  • ‘रुक जाना नहीं’: एक शानदार पहल

    ‘रुक जाना नहीं’: एक शानदार पहल

    रुक जाना नहीं तू कहीं हार के कांटों से चलके मिलेंगे साये बहार के. 1974 की फिल्म इम्तिहान का यह लोकप्रिय गीत बहुत खूबसूरत और प्रेरणादायक है. इसी गीत से प्रेरणा लेकर मध्य प्रदेश में माध्यमिक...


  • करवट

    करवट

    कभी एक कहावत सुना करते थे- ”देखें ऊंट किस करवट बैठेगा?” आजकल न तो यह कहावत सुनाई देती है, न ही ऊंट दिखाई देते हैं. ऊंट दिखाई भी कहां से देंगे? ऊंट तो रेत पर चलते...



  • छंद

    छंद

    छंद कविता का अभिन्न अंग है,  छंद से है कविता की शान, सरस और प्राभावशाली हो, गति और लय से बढ़ता मान. जिन छंदों की गणना में हैं, लेते वर्णों का आधार, उनको वर्णिक छंद कहते...

  • दुष्कर्म पर नया अध्यादेश

    दुष्कर्म पर नया अध्यादेश

    कठुआ समेत कई इलाकों में बच्चियों के साथ हुई दरिंदगी के बाद ऐसे आरोपियों को फांसी की सजा की मांग के लिए देश भर में आवाज उठाई गई. इसके बाद शनिवार(२१.०४.२०१८) को केंद्र सरकार ने 12...

  • अर्थ डे और हम

    अर्थ डे और हम

    आज सुबह उठते ही मुझे याद आया, कि आज अर्थ डे यानी पृथ्वी दिवस है. अर्थ डे के साथ ही याद आई जेन गुरु की एक छोटी-सी प्रेरक कहानी- “एशिया में आम तौर पर लोग ठंडे...