ब्लॉग/परिचर्चा भाषा-साहित्य

‘मैगी केस’

केस तो आपने बहुत-से सुने होंगे, पर ‘मैगी केस’ शायद ही सुना हो! जी हां यह ‘मैगी केस’ बड़ा खतरनाक निकला. अब मैगी तो बच्चों को बहुत पसंद है, वे हर समय मैगी की रट ही लगाए रखते हैं, लेकिन दो-तीन बार खाकर वे बोर भी हो जाते हैं. फिर उन्हें पिज्जा-बर्गर यानि इंस्टेंट फुड […]

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मुंडका के दर्द में मरहम

कुछ लोगों का जन्म ही घाव देकर सर्व सत्यानाश के लिए होता है, वहीं कुछ लोगों का जन्म ही मरहम बनकर इंसानियत की मिसाल बनने के लिए होता है. मुंडका के दर्द में बबलू जी ऐसे ही मरहम बनकर उभरे! “कितनों को बचाया, उनकी गिनती कौन करे!” “खुद को कितनी चोटें लगी हैं, उनकी परवाह […]

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चेटीचंड: झूलेलाल जयंती

चेटीचंड भारत एवं पाकिस्तान के सिंधी समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है जो नववर्ष के प्रथम दिन मनाया जाता है. विश्व के अन्य भागों में बसे हुए सिंधी लोग भी चेटीचंड मनाते हैं. यह हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के दूसरे दिन (अर्थात वर्ष प्रतिपदा के अगले दिन) मनाया जाता है.   […]

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हमने भी सीखा- 11

मुक्तक आके तेरे दर बिना दीदार के लौट गए हमारा तो कुछ न बिगड़ेगा लोग तुम्हें बेवफा कहेंगे. सफर सफ़रमय ही रहता जो तेरे होने का मधुर एहसास साथ नहीं होता. पॉजीटिव होना अच्छा है कभी-कभी निगेटिव होना भी वरदान है कोरोना ने समझाया है. जीवन के हर पुल को पार करते रहे आसानी से […]

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हमने भी सीखा- 10

मुक्तक दूर रहो या पास तेरे होने का ख्याल ही मन को राहत देता है. जीतने की ख्वाहिश बहुत है… हर मोड़ पर ताज पाने की सिफारिश बहुत है, हमें तो जो मिला, जैसा मिला, खा लिया और जी लिए… सारे जहां का हो भला, अपने प्रभु से गुजारिश बहुत है. तू ही मेरी इबादत, […]

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हमने भी सीखा- 9

      मुक्तक मां की डिग्रियों पर मत जाना जनाब मन को पढ़ने की डिग्री हर मां के पास होती है. आंख बंद करके भी हम तेरी तस्वीर देख लेते हैं आंख के अंधे समझते हैं दुनिया वाले हमें ये बात और है. बिन बादल-बरसात के भीगने का आनंद लेते रहे हम प्रभु की […]

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हमने भी सीखा- 8

  मुक्तक हमारा विश्वास है मां और आशा भी ‘मां’ प्यार शब्द की सबसे उत्तम परिभाषा है- ‘मां’ मां निर्मल संगीत है, मां स्नेही मीत है, मां के दिल को जिसने पहचाना, उसकी हरदम जीत है. मां की वजह से दुनिया में शोहरत, मां की वजह से दुनिया में इज्जत, हम दुनिया में आए मां […]

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हमने भी सीखा-7

दो मुक्तक सबल बनना चाहो, तो खुद को सामर्थ्यवान समझो, वरना निर्बल बनने को कौन रोक सकता है! प्यार एक मधुर भावना है, प्यार में न लेने न देने की कामना है, मन में मुहब्बत वाला सबसे ज्यादा खूबसूरत तब लगता है, जब उसमें न कोई विकार न वासना है.