ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति

किराये का मकान और केजरीवाल

आदमी अपने कर्मों के कारण कितनी जल्दी अर्श से फ़र्श पर आता है, इसका ताज़ातरीन उदाहरण हैं आप के नेता अरविन्द केजरीवाल। जो आदमी कुछ ही दिन पहले दिल्ली की जनता का हीरो था, आज ज़ीरो है। उसको शरण देने के लिये दिल्ली में कोई तैयार नहीं हो रहा है। समाचार है कि दिल्ली में […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति

आज मुसलमान ही मुसलमान का दुश्मन क्यों बना है?

अजीब नज़ारा है. जिस इस्लाम को भाईचारे और समानता की मिसाल के रूप में पेश किया जाता है, आज उसी इस्लाम को मानने वाले एक दूसरे के जानी दुश्मन बने हुए हैं. दुनिया के किसी भी देश में देख लो, जहां भी मुसलमानों की अच्छी खासी संख्या है, वहीँ आज सबसे अधिक अशांति है. भारत […]

ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति

मोदी सरकार में हिंदी भाषा व पड़ोसियों के साथ रिश्तों में आये अच्छे दिन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान देश की जनता के साथ अच्छे दिन लाने का वायदा किया था। जिसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत प्रारम्भ कर दी है। हालांकि उन्हें कई कठिन परीक्षाओं में अभी खरा उतरना है। मीडिया की खबरों के अनुसार प्रधानमंत्री स्वयं सुबह दस बजे से ही काम शुरू कर देते […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म ब्लॉग/परिचर्चा

महाभारत में दुर्वासा ऋषि- सत्य से परे

आज तक समाचार पत्र लिखता है की – “दुर्वासा अपने गुस्से के लिए जाने जाते हैं और जब वो द्वारका आते हैं तो श्री कृष्ण पूरी कोशिश करते हैं कि महर्षि दुर्वासा को थोड़ा सा भी गुस्सा नहीं आए. इसी कोशिश में श्री कृष्ण अपनी पत्नी रुक्मिणी के साथ पूरे नग्न तक हो जाते हैं […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म ब्लॉग/परिचर्चा

क्या वेदो में विज्ञान है?

पिछले दो -तीन शताब्दियों से जैसे जैसे पश्चिमी विज्ञानं ने तरक्की कर रहा है , उन्होंने विज्ञानं के क्षेत्र में अभूतपूर्व अविष्कार किये जिससे निश्चय ही मानवता भला हो रहा है । मनुष्य का जीवन सुगम और सुविधा पूर्ण हुआ है , उन्ही अविष्कारो के कारण सिमटती गई , मनुष्य के बीच दूरियाँ कम हुई। […]

ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति

चारे-वाले लालू और बे-चारे नीतीश

जब से नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ अपनी पार्टी जनता दल (यूजलेस) का गठबंधन तोडा है, तब से उनकी हालत लगातार दयनीय होती जा रही है. हालांकि उनकी पार्टी के लोग ऐसा करना नहीं चाहते थे, लेकिन नीतीश ने अपनी सत्ता की धौंस दिखाकर उनको मजबूर कर दिया. उसी समय राजनैतिक विश्लेषकों ने यह […]

ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति सामाजिक

उत्तराखंड का शोक !

कोई नालायक और अकर्मण्य सरकार होने पर आम जनता को क्या-क्या भुगतना पड़ता है, यह उत्तराखंड की कांग्रेस सरकारों (विजय बहुगुणा और हरीश रावत दोनों) को देखकर बखूबी समझा जा सकता है. पिछले वर्ष केदार घाटी में बाढ़ से भयंकर तबाही हुई थी, जिसमें हजारों तीर्थयात्रियों के प्राण चले गए और अकूत आर्थिक हानि हुई […]

ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति सामाजिक

महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध : दोषी कौन ?

उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के अधिकांश प्रांतों में महिलाओं के प्रति बर्बर अपराधों की संख्या मेें चुनावों के बाद अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। यह बेहद चिंता व शर्म का विषय है। विशेषकर उत्तर प्रदेश में आधी आबादी के लिए जीना मुहाल हो गया है। उप्र में महिलायें व युवतियां कहीं पर भी सुरक्षित नहीं […]

ब्लॉग/परिचर्चा लेख सामाजिक

पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति का संवाहक है ‘फादर्स डे’

वर्तमान समय में जब पूरे विश्व में आर्थिक उदारीकरण और ग्लोबलाइजेशन का दौर चल रहा है उस समय कुछ नयी संस्कृति के पर्वों और डे का उदय हो रहा है। आज का युग मीडिया का युग है। आधी से अधिक वैश्विक संस्कृति मीडिया के प्रचार- प्रसार से अधिक प्रभावित हो रही है। प्रतिदिन कोई न […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

आने वाले संकट का सामना करने को तैयार देश

किसी भी देश में प्राकृतिक और अप्राकृतिक संकट आना साधारण बात है. अगर उस देश की सरकार जागरूक हो और समय रहते किसी संभावित संकट का सामना करने कि तैयारी कर ले, तो बड़े से बड़े संकटों का सरलता से मुकाबला किया जा सकता है और उसके कारण होने वाली हानि को कम से कम […]