Category : लेख

  • पलाश के रंग

    पलाश के रंग

    ऋतुराज वसंत के आगमन से प्रकृति जब रंगीन होने लगती है और फाल्गुन के आते ही वासंती रंग की धानी चुनरिया ओढ़ चुपके से उसे फाल्गुनी बना देता है | तब प्रकृति होली की हुड़दंग और...





  • सच की होली और उसकी सार्थकता

    सच की होली और उसकी सार्थकता

    सच की होली और उसकी सार्थकता         शरद ऋतु समाप्त हुई।बसन्त ऋतु आ गई।यानी कि अब होली आ गई।चारों ओर का वातावरण त्यौहार का बन गया।गले मिलेंगे।पुराने वैर भाव भुलाएंगे।भाईचारा बनायेंगे।सभी के प्रति समान और सम्मान...