इतिहास

महानायक  नेताजी सुभाष चंद्र बोस

भारत के महान सपूत महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था। नेता जी आजीवन स्वाधीनता संघर्ष ,युद्ध तथा सैन्य संगठन में रत रहे। सुभाष बाबू के जीवन पर स्वामी विवेकानंद, उनके गुरू स्वामी रामकृष्ण परमहंस तथा महर्षि अरविंद के गहन दर्शन  और उच्च भावना का प्रभाव था  । नेता जी ऋषि अरविंद की […]

सामाजिक

आजादी की निश्चित सीमा जरूरी

विवाह तय होने के बाद शादी पूर्व तक लड़के लड़कियों की आजादी की निश्चित सीमा इसलिए भी जरूरी है कि समय के बदलाव की बयार में ठहरना खतरनाक होता है ,परंतु उड़ना बहुत खतरनाक। आज के बदलते परिवेश में जब शिक्षा का स्तर बढ़़त ले रहा है। सोशल मीडिया की जरुरत और उपयोग प्रभावी होती […]

भाषा-साहित्य

मराठी को लेकर महाराष्ट्र सरकार का सराहनीय निर्णय

हाल ही में महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि महाराष्ट्र में तमाम दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नाम अनिवार्यत: मराठी भाषा में देवनागरी लिपि में ही होंगे। पहले भी इस प्रकार का आदेश था लेकिन अब इसे पूरी गंभीरता से लागू करने का निर्णय लिया गया है। निश्चय ही अपनी जनता के […]

सामाजिक

निरंकुश अभिव्यक्ति की आपदा

अभिव्यक्ति और दस्तावेजीकरण अब उस युग में पहुंच चुके हैं जहाँ इनकी अपार संभावनाएं और प्रचुर माध्यम उपलब्ध हैं। इनका जी भर कर और जम कर उपयोग हो रहा है। बिना किसी रोक-टोक और सीमा के बोला भी जा रहा है, लिखा भी जा रहा है, और परोसा भी जा रहा है। अब सब तरफ […]

राजनीति

हिंदू धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने की होड़

प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम राजनीति व तुष्टिकरण का काफी प्रभाव रहा है। प्रदेश में चाहे लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा या नगर निगम तक के चुनावों में प्रदेश के सभी सेकुलर राजनैतिक दल किसी न किसी प्रकार से मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे हैं। लेकिन 2014 से मोदी लहर व 2017 से […]

अन्य बाल साहित्य सामाजिक

सवाल-जवाब- 3

प्यारे बच्चो, आयुष्मान-बुद्धिमान-सेवामान, हमें जब भी आपके जानने योग्य सामग्री मिलती है, हम पत्र के द्वारा आपके लिए प्रस्तुत करते हैं. आज जानकारी प्रस्तुत है भारत के इन 10 गांव के बारे में, जो शहरों से भी बेहतर हैं, कहीं आमदनी तो कहीं का रिवाज इन्हें बनाता है खास– साल 2011 की जनगणना के मुताबिक़ […]

इतिहास

एक उत्कृष्ट ऐतिहासिक धरोहर–रामनगर का मोतीमहल

पुरातत्व व इतिहास की अनेक धरोहरें हमें हमारे गौरवशाली अतीत से मिलाती हैं।ऐसी धरोहरें जिनमें भव्यता भी है,और वैभव भी।उन्हीं में से एक है-मंडला जिले के रामनगर में स्थित गोंडकालीन स्मारक मोती महल । जिसका निर्माण सन् 1667 ईसवी में गोंड राजा हृदय शाह द्वारा पवित्र नर्मदा नदी के किनारे करवाया गया था |इस महल […]

सामाजिक

राष्ट्र चेतना

“राष्ट्र चेतना” यानी राष्ट्रीय भावना की जागृति। हालंकि इसका फलक बहुत ही विस्तारित है।परंतु राष्ट्र चेतना कोई मंदिर की घंटी नहीं है जो जब जी में आया बजा के चले आये। सबसे पहले तो राष्ट्र की चेतना को थोड़ा दूर रखिए और स्वयं में चेतना की जागृति करिए। राष्ट्र चेतना की जागृति कोई खेल नहीं […]

सामाजिक

खिलंदड़ी की चुनाव सभा

खिलंदड़ी की चुनाव सभा का बैनर देखकर हम रुक गए. रुकने का एक कारण तो चुनाव सभा के इस अजीबोगरीब नाम का होना था, दूसरे एक पुरानी-सी कार की ड्राइविंग सीट से उतरती हुई खिलंदड़ी को देखकर भी रुकना पड़ा. आप यह न समझें, कि खिलंदड़ी से हमारी पुरानी जान-पहचान थी. असल में हमने न […]

सामाजिक

जैसे हैं, वैसे ही रहें भी, और दिखें भी

जो हम हैं वह हैं ही, यह हमारी मौलिकता ही है कि हम ‘हम’ हैं। परमात्मा ने जैसा शरीर, मन और बुद्धि प्रदान की है उसी के अनुरूप साँचे में ढले हुए हैं। जैसे भी हम हैं वैसे हैं क्योंकि दुनिया में भगवान ने हर व्यक्ति को अलग मौलिक स्वरूप और गुणधर्म प्रदान किया है। […]