Category : लेख




  • स्वार्थी मानसिकता

    स्वार्थी मानसिकता

    जैसा कि हम सभी जानते है पढ़ने से व्यक्ति की आलोचनात्मक चेतना  विकसित होती है, जिससे वह निजी और सामाजिक स्तर पर परिवर्तनकारी काम कर सकता है।अफसोस तब होता है जब लोग पढ़ने की प्रक्रिया को...