पर्यावरण

कृत्रिम रोशनी के कारण जीव-जंतुओं पर मंडराता संकट

हाल ही में, ब्रिटेन की नेचुरल एन्वायरमेंट रिसर्च काउंसिल ने अपने एक अध्ययन में पाया है कि प्रकाश के रंगों और तीव्रता में बदलाव के कारण जीव-जंतुओं की दृष्टि पर जटिल और अप्रत्याशित प्रभाव पड़ रहा है। यह अध्ययन शोध पत्रिका ‘नेचर कम्युनिकेशन’ में प्रकाशित किया गया है। ब्रिटेन के एक्सेटर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा […]

पर्यावरण

रसोई देगी भरपूर खाद

बागवानी का शौक रखना बहुत अच्छी बात है । नर्सरी जाकर मनचाहे पौधे लाकर रोप दिए, बस यहीं खत्म नहीं होती आपकी जिम्मेदारी । इनकी उचित देखभाल करना समय-समय पर खाद पानी देते रहना अनिवार्य होता है तभी ये पनपते हैं, खिलखिलाते हैं । जब तक ये नर्सरी में होते हैं स्वस्थ रहते हैं, फिर […]

पर्यावरण

पर्यावरण पर चित्रांकन

यह सेंट पाॅल चर्च कालेज आगरा में कक्षा 7 में पढ़ने वाले अमोघ बंसल सुपुत्र अनन्त बंसल द्वारा बनायी गयी पेंटिंग है। इसमें उन्होंने पृथ्वी पर प्रदूषण के कुप्रभावों का प्रभावशाली चित्रण किया है। इसमें एक हाथ में बहुत ही स्वच्छ और हरी-भरी धरती माता है, जिसमें पेड़-पौधे और हरियाली के कारण हमें रहने के […]

पर्यावरण लेख

अब प्रकृति की रक्षा का संकल्प ले मनुष्य

वृक्षों द्वारा प्राप्त होने वाली निशुल्क स्वच्छ ऑक्सीज़न का मूल्य आज हमने अपने स्वजनों को खोकर जाना है । कोरोना काल में लोगों की मृत्यु का एक बड़ा कारण समय पर ऑक्सीज़न का न मिलना था। वृक्ष मुफ्त में प्राणवायु (ऑक्सीज़न) प्रदान करते हैं। लेकिन हम लोगों ने अपने स्वार्थ में अँधा होकर प्रकृति को […]

पर्यावरण

आओ घर-घर ऑक्सीजन लगाएँ

आज चारों ओर अफरा-तफरी है , ऑक्सीजन की कमी  के कारण मौत का तांडव चल रहा है । हर इन्सान अपने शरीर के ऑक्सीजन स्तर की नियमित जाँच कर रहा है, कहीं कमी तो नहीं? यह दोषारोपण का वक्त नहीं बल्कि सबक लेने और संकल्प उठाने का वक्त है । बातें सिर्फ किस्से – कहानी […]

पद्य साहित्य पर्यावरण

पर्यावरण प्रहरी है डॉ.कुँवर सुखदेव निषाद

पर्यावरण प्रहरी है डॉ.कुँवर सुखदेव निषाद ………………………………………………………..   कहने में और करने में जमीन आसमान जैसा फर्क होता है | लोग सोशल मीडिया पर चिल्लाते दिखाई दे रहे हैं, कि वृक्षारोपण करो ! लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कहीं वृक्षारोपण करता नहीं दिखाई दे रहा हैं | आज देश में कोरोना महामारी के कारण देश […]

पर्यावरण

एक कदम पर्यावरण की ओर

सूनापान महसूस नहीं करती मैं मैंने आंगन में खुशियां पाली हैं, कुछ महकते फूल पौधे लगाए हैं कुछ चहकते घोंसले सहेजे हैं। जी हां, ये मेरा व्यक्तिगत अनुभव है। वैसे भी हरी-भरी धरा, लहलाते खेत, पेड़ पौधे किसके मन को नहीं भाते…? बसंत ऋतु में पीत परिधान पहने सरसों के खेत, बुरांश, फ्योंली और वृक्ष […]

पर्यावरण

वन्य पशुओं के संरक्षण की वास्तविकता

( विश्व पृथ्वी दिवस,22 मई के अवसर पर ) अक्सर हमारे देश में पर्यावरण बचाने और प्रदूषण से मुक्ति के लिए वृहद वृक्षारोपण का नाटक करने में,नदियों को प्रदूषणमुक्त करने में अरबो-खरबों रूपयों का वारा-न्यारा कर दिया जाता है,जबकि वास्तविकता यह है कि उसमें होता कुछ नहीं है,वृक्षारोपण में लगाए गये पौधों में से 98 […]

पर्यावरण

पशु पक्षियों को टीकाकरण कर सुरक्षित किया जाए 

शेरों में भी संक्रमण हुआ।उन्हें होम कोरेंटन किए जाने की खबर सुर्खियों में आयी।पशु पक्षियों में और अधिक ना फैले इस हेतु इनकी भी वेक्सीन तैयार रखे ताकि इनका संक्रमण होने से उपचार हो सके।देखा जाए तो पक्षियों की श्रवण शक्ति ,दॄष्टि तीव्र होती है | पक्षियों को वर्षा का बहुत ज्ञान होता है जैसे […]

पर्यावरण

धरती माँ को बचाने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने होंगे

(पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल के अवसर पर) इस पूरे ब्रह्मांड में हमारी पृथ्वी ही हरी-नीली अभिनव रंगों से आभाक्त अभी तक एकमात्र ग्रह है, जिस पर सांसों के स्पंदन से युक्त चलते फिरते जीव , रंग-बिरंगी तितलियों, चिड़ियों, फूलों, फलों से लदे हरे-भरे, पेड़-पौधे, लताएं, नीला इन्द्रधनुषी आकाश, रिमझिम बरसात, पेड़-पौधे, जंगलों और बर्फ से […]