धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

सुख दुख तो अतिथि हैं

वर्ष 1971 में आई फिल्म कभी धूप कभी छांव में गायक कवि प्रदीप का मशहूर गीत सुख दुख दोनों रहते जिसमें जीवन है वो गांव, कभी धूप तो कभी छांव, ऊपर वाला पासा फेंके नीचे चलते दांव, कभी धूप तो कभी छांव यह गीत आज हर युवा को सुनना चाहिए क्योंकि आज का युवा हमारे […]

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योग दिवस

अंतरराष्ट्रीय  योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है | पहला अंतराष्ट्रीय योग दिवस 2015 में मनाया गया था| तबसे ही इसकी शुरूआत हुई इस दिन विश्व में करोड़ो लोगों ने योग किया योग व्यायाम एक  प्रभावशाली प्रकार है जिसके माध्यम से शरीर के अन्य अंगों को मजबूत बनाया जा सकता है| मन […]

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संगीत: मन का मीत

आज 21 जून संगीत दिवस है. फ्रांस में वर्ष 1982 में विश्व संगीत दिवस को मनाने की शुरुआत की गयी थी इसे मनाने का उद्देश्य है कि संगीत के महत्व को समझाया जा सके और नए कलाकार उभर कर सामने लाये जाये. जितना भी काव्य है, उसमें सुर-लय-ताल के समागम से संगीत का प्रादुर्भाव होता […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म स्वास्थ्य

योग की महिमा

वैसे तो हर दिन विशेष होता है, पर आज का दिन 21 जून विशेष रूप से विशेष है. यह तो हम सबको याद ही रहता है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. प्रश्न उठता है कि 21 जून को ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस क्यों मनाया जाता है. भारतीय परंपरा के मुताबिक, […]

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योग की भक्ति में अद्भुत शक्ति है

योग से शरीर में कान्ति बढ़ती है और मन में शांति बढ़ती है। योग तन-मन में स्फुर्ति बना कर एक नई ऊर्जा का नवसंचार तो करता ही है बल्कि आत्मा का विकास भी करता है। योग का अर्थ ही जोड़ना है।जो मानव के जीवन को सकारात्मक उर्जा से जोड़ने का काम करता हो; आत्मा से, […]

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उत्तर पूर्व में असम के गुवाहाटी शहर की यात्रा

यात्रावृत 💐💐💐💐💐💐💐 उत्तरी पूर्वी भारत की हरियाली ने मुझे सदैव आकृष्ट किया है। मैं जब – जब वहां गयी हूँ इसकी हरीतिमा से बंध गयी हूँ। 11जून 2022 पुनः मुझे उत्तर पूर्वी भारत की ओर आने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त हुआ । अभी तक मैं जितनी बार यहां आयी हूँ अपने पतिदेव के साथ आई […]

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कबीर दास जी एक सन्त होते हुए भी समाज सुधारक थे

कबीर दास जी एक सन्त होते हुए भी समाज सुधारक थे।एक सन्त के रूप में इन्होंने ईश्वर,ब्रम्ह,जीव जगत,धर्म आस्था,कर्म कांड पर निर्गुण निराकार उपासक के रूप में अपनी दमदार लेखनी चलायी है।ठीक इसी तरह एक समाज सुधारक के रूप में कबीर दास जी नीति न्याय,आडम्बर,अंधविश्वास,पाखंड पर अपनी कलम चलाते हुए करारा प्रहार भी किया है। […]

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गंगा दशहरा

गंगा दशहरा ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मनाया जाता है |यह हिंदुओं का मुख्य पर्व है कहा जाता है| इस दिन गंगा को भागीरथ अपने पूर्वजों की अस्थियां विसर्जन करने के लिए  धरती पर लाये थे इसलिए इस दिन को दश ( दस) हरा )( हरण करने वाली) अर्थात दशहरा को दस पापों से छुटकारा […]

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प्रेमानुभूति भाग -1 ‘प्रेम वियोगी ना जीवे, जीवे तो बौरा होई।‘

प्रेम जगत का सार स्वरुप है । जिसने ये समझा वह कृष्ण हो गया और जो इसमें समाहित हुई वह श्री राधा हो गईं । गोपियों का प्रेम भी कितना निर्मल, निश्छल और पवित्रता से भरा रहा होगा कि जिसके वशीभूत होकर परात्पर परब्रह्म श्री कृष्ण आँसू बहाते हैं। कैसा दिव्य भाव रहा होगा कि […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

बाधित प्रतिमा या यंत्र निगेटिव ऊर्जा निःसृत करते हैं

हम मंदिर बनाते हैं खास तौर पर जैन मंदिर तो उसकी एक ही वेदी पर अनेकों प्रतिमाएँ विराजमान कर देते हैं। यदि मंदिर की वेदी पर अधिक स्थान नहीं होता है तो सबसे बड़ी प्रतिमा के आगे कुछ छोटी प्रतिमा, उससे आगे और छोटी इस तरह से एक-एक प्रतिमा के आगे एकाधिक प्रतिमाएँ स्थापित कर […]