इतिहास लेख

असली शेर-ए-कश्मीर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

असली ‘शेर-ए-कश्मीर’ और कश्मीर के शहीद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मदिवस पर सादर नमन ! सर आशुतोष मुखर्जी वैज्ञानिक और शिक्षाविद थे, उनके सुपुत्र डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी आज़ादी से पहले बंगाल विधान परिषद के सदस्य और फजलूल हक की सरकार में वित्त मंत्री थे। जब प्रांत में मुस्लिम लीग की लीला विध्वंसक हो […]

इतिहास लेख

भारतीय राजनीति के ‘बाबूजी’

‘बाबूजी’ के उपनाम से ख्यात स्व. जगजीवन राम भारतीय राजनीति के वैसे चट्टान थे, जो 1937 से 1986 (मृत्युपर्यंत) तक लगातार विधायक व सांसद जरूर रहे और देश के प्रथम श्रम मंत्री से लेकर 40 साल तक हर प्रधानमंत्री के अधीन केंद्रीय मंत्री पद को सुशोभित किया। कांग्रेस -जनता पार्टी- कांग्रेस समीकरण में रहे, रेल […]

इतिहास

गुरु सु जीवन का आधार

🌻गुरु सु जीवन का आधार 🌻 गुरु सु जीवन का आधार गुरु का हो सदा ही सत्कार हरि रूठे तो गुरु सहायक गुरु रूठे तो कहां उद्धार🌻 गुरु सत्संग की महिमा गाए नाम सुमिरन की राह दिखाएं खोल देता गुरु ज्ञान के द्वार गुरु सु जीवन का आधार🌻 प्रकाश स्तंभ गुरु जीवन में स्व स्वरूप […]

इतिहास धर्म-संस्कृति-अध्यात्म लेख

गुरु पूर्णिमा के महात्म्य क्यों हैं ?

महर्षि पराशर और मछुआरिन मत्स्यगंधा उर्फ सत्यवती के प्रेम संयोग से उत्पन्न संतान, जो कृष्ण यानी काले रंग के थे तथा जिनका जन्म द्वीप में हुआ था और जो सभी धार्मिक साहित्य में पारंगत थे अर्थात कृष्ण द्वैपायन व्यास, जो कालांतर में वेदव्यास के नाम से ख्यात हुए । दैनिक जागरण के अनुसार, महर्षि वेदव्यास […]

इतिहास

व्यूह में अभिमन्यु

चक्र व्यूह का गठन हो रहा फिर से आज विरोधी द्वारा दुर्योधन शकुनि संग मिलकर छल बल झोंक रहा है सारा लेश नहीं है नीति नियम का द्वार जयद्रथ रोक खड़ा है पता नहीं अर्जुन का, खोजो, क्षेत्र छोड़ कर किधर पड़ा है? घात लगा कर घात हो रहा अभिमन्यु आघात का मारा चक्र व्यूह […]

इतिहास धर्म-संस्कृति-अध्यात्म लेख

स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि

स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि 4 जुलाई को है। जो 40 वर्ष भी जी न पाए और इतनी ही उम्र में पूरी दुनिया को सनातन ‘हिंदुत्व’ की सीख दे गए । उन्होंने तब महिलाओं के प्रति प्रथम सम्मानार्थ सर्वप्रथम उन्हें संबोधन करने को लेकर ‘बहन’ (भगिनी) शब्द अंग्रेजी यानी Sisters के रूप में किए। सन 1893 […]

इतिहास राजनीति लेख

चीन-चान

चीन ने पिछले दिनों ‘वन बेल्ट,वन रोड’ (OBOR) पहल पर चर्चा के लिए 60 से अधिक देशों को आमंत्रित किया था, जिनमें भारत शामिल नहीं हुआ । चूंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए OBOR एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, इसके तहत एशियाई, अफ्रीकी और यूरोपीय देशों के साथ चीन को सड़क और जलमार्गों को साथ […]

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जीवित किंवदंती : नेताजी सुभाष

नअंग्रेजी राज से प्रताड़ित और अपने ही जमींदारों से शोषित-वंचित भारतीयों के मसीहा थे – सुभाष चंद्र बोस । आई.सी.एस. में चौथा स्थान और देशसेवा के लिए कलक्टरी छोड़ी तथा जनमानस में छा गए । दो बार कांग्रेस के अध्यक्ष होकर भी वे पार्टी-पॉलिटिक्स से ऊपर की चीज हो गए थे, क्योंकि वे मानवता से […]

इतिहास लेख

शहीदों को सादर नमन

जिसतरह से कोई भी माँ हो, ‘माँ’ ही होती है, बावजूद ‘भारत माता’ की अलग ही महत्ता और पहचान है, उसी भाँति सभी शहीद समान सम्मान और आदर के वरेण्य पात्र होते हुए भी इन शहीदों में सरदार भगत सिंह की अलग महत्ता और विशिष्टता है । तभी तो इसे यूँ ही ‘शहीद-ए-आज़म’ नहीं कहा […]

इतिहास

महात्मा गांधी भी कुशल डॉक्टर थे !

महात्मा गांधी उर्फ़ गांधीजी, जिन्हें पूरा भारत ‘राष्ट्रपिता’ के नाम से पुकारते हैं, पर उन्हें मैं ‘बचपन’ से दादू कहता आया हूँ, तो ‘दादू’ की रचना “आरोग्य की कुंजी” पढ़ी, जिसे पढ़ने में मात्र 40 मिनट लगे, लेकिन समझ अभी भी रहा हूँ। गांधीजी जब 1942-44 के बीच ‘आगाखां महल, पुणे’ में नजरबन्द थे, तब […]