Category : इतिहास


  • किसके लिए

    किसके लिए

    धीमे और आराम चलती हुई बस गाड़ी की गति एकदम बदल जाती है। शाम को तीन बजे के लगभग, जाम जमने का समय तो नहीं। खड़ी दूप खिड़की से सीधे घुसकर पहुँचानेवाली गर्मी पसीनों की धाराएँ...


  • नया वर्ष स्पेशल

    नया वर्ष स्पेशल

    कुछ दिन और नहीं कटते अब नये साल के आगमन पर खुशियों के उतप्लावन पल का स्वागत है फूलों के चमन पर खेतों में लहरी हरियारी बगिया में सब्जी की क्यारी सन अठारह गया आज कल...

  • नया वर्ष

    नया वर्ष

    नये साल में नयी उमंगें लाया हैं खुशियों की तरंगें तुझको दिल से करूँ प्रणाम नित नूतन सौन्दर्य की शाम सब कोई तुझको ही बुलाये जल्दी से तू क्यूँ न आये कब से लेटर लिख कर...





  • ठक-ठक, ठक-ठक-5

    ठक-ठक, ठक-ठक-5

    ठक-ठक, ठक-ठक-1 ”ठक-ठक, ठक-ठक”. ”कौन है?” ”मैं हूं 8 साल की गुरुगा हिमा प्रिया.” ”आपकी ख़ासियत?” ”मैं अपने मुंहं मियां मिट्ठू कैसे बनूं? ”तो फिर कौन बताएगा?” ”यह तो स्वयं भारत सरकार बताएगी, जिसने मेरा भारत...