इतिहास

ब्रिटिशसाम्राज्यवाद बनाम क्रूरतम् हत्यारा नादिर शाह

हम सभी इतिहास में क्रूरता व अपने जुल्मोसितम के लिए कुछ बदनाम क्रूर सम्राटों व बादशाहों यथा नीरो, फ्रांस की रानी, नादिर शाह, तैमूरलंग, चंगेज खाँ, एडोल्फ हिटलर, जोज़ेफ स्टालिन आदि का ही नाम सुनते आए हैं, परन्तु अभी पिछले कुछ दिनों से एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र मेंं किस्तों में प्रकाशित ‘कोहीनूर का शाप ‘के […]

इतिहास

युगपुरुष वाजपेयी जी

25 दिसम्बर । यह तारीख भारतीय राजनीति के इतिहास में बहुत ज्यादा मायने रखता है क्योंकि इसी तारीख को भारत के महान नेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म हुआ था । निश्चित रूप से भारत की गौरवशाली माटी वाजपेयी जी को अपनी गोद में पाकर और मी गौरान्वित हो गई होगी क्योंकि भारत […]

इतिहास

महाराजा सूरजमल जाट

पं० मदन मोहन मालवीय ने सन् 1932 में दिल्ली में एक भव्य मन्दिर बनवाने की सोची। जिसे हम लक्ष्मी नारायण मन्दिर के नाम से आज जानते हेँ। इसकी आधारशिला के अवसर पर भारत वर्ष के राजा-महाराजाओं को पधारने का न्यौता दिया गया। काफी राजा महाराजा सज-धजकर इस अवसर पर दिल्ली पहुंचे। जब आधारशिला रखने की […]

इतिहास

महात्मा गांधी का शिक्षा दर्शन

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व आदर्शवादी रहा है। वे न केवल एक महान राजनीतिज्ञ, दार्शनिक, विचारक और समाज सुधारक थे वरन अपने युग के एक महान शिक्षा शास्त्री भी थे। गांधी जी ने शिक्षा पर कोई ग्रंथ नहीं लिखा जिससे उनके शिक्षा संबंधी विचारों को क्रमानुसार समझा जा सके। उनके शिक्षा संबंधी विचार […]

इतिहास

महान राष्ट्रवादी जाट नेता-श्री बच्चू सिंह

(30 नवंबर जन्मदिवस पर विशेष रूप से प्रकाशित) बच्चू सिंह भरतपुर रियासत के राजकुमार थे। भरतपुर के महाराजा किशन सिंह के यहाँ 30 नवंबर 1922 को हुआ हुआ। बच्चू सिंह देशभक्ति, समर्पण , धर्म के प्रति अनुग्रह प्रेरणादायक हैं। 1. बच्चू सिंह एक देशभक्त के रूप में- उस समय राजपरिवारों के युवकों के लिए ब्रिटिश […]

इतिहास धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मनुष्यों की आदि सृष्टि भूगोल के किस स्थान पर हुई?

ओ३म् हमारा यह संसार अत्यन्त विशाल है। संसार में हम पृथिवी के प्रायः सभी देशों को सम्मिलित करते हैं और इसे विश्व भी कहा जाता है। इस पूरे भूगोल में सबसे पूर्व मानव सृष्टि किस स्थान पर हुई थी? इस प्रश्न का उत्तर महर्षि दयानन्द ने सत्यार्थप्रकाश के आठवें समुल्लास में दिया है। उन्होंने प्रश्न […]

इतिहास

चाय की चुस्कियों की दास्तान

       सुबह-सुबह आखें खुलते ही सबसे पहले चाय की ही तलब लगती है। सुबह और शाम अगर चाय नहीं पी तो दिन अधूरा सा लगता है। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में आपको चाय के शौकीन हर घर में मिल जायेंगे। ये हर मौसम में पीये जाने वाला पसंदीदा पेय बन गया […]

इतिहास

उपेक्षा का शिकार, महान गणितज्ञ और भारत का सपूत गुमनामी में यूँ ही चला गया

हमारा भारत महान, अपने ही देश के महान व होनहार सपूतों को उनके जीते-जी न ठीक से पहचान पाता है, न उनका उचित सम्मान ही करता, उनकी जमकर उपेक्षा होती है, उदाहरणार्थ अभी दिवंगत हुए वशिष्ठ नारायण सिंह जो विश्वस्तरीय महान गणितज्ञों आर्यभट्ट, अलबर्ट आइंस्टाइन, रामानुजन, हरगोविंद खुराना, स्टीफेन हॉकिंग जैसे महान गणितज्ञों व वैज्ञानिकों […]

इतिहास

महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह हुए स्मृतिशेष

विश्वविख्यात वैज्ञानिक/ गणितज्ञ आइंस्टीन  और गौस के सिद्धांतों को चुनौती देकर प्रसिद्धि पाने वाले महान गणितज्ञ नहीं रहे। नासा में अपोलो मिशन लांचिंग के दौरान तीस कम्प्यूटर अचानक फेल हो गए, उसी क्षण पेन से सटीक कैलकुलेशन देकर अभियान सफल कराने वाले महान गणितज्ञ हमें छोड़कर चले गए। चक्रीय सदिश समष्टि सिद्धांत पर शोध करके […]

इतिहास

गांधी और ख़लीफत (भाग – 4) – खलीफत आंदोलन की परिणती थी देश विभाजन

खलीफत-समर्थन से शुरू हुई अवसरवादी राजनीति की ही परिणति 1947 ई. का देश-विभाजन था। इस की सैद्धांतिक स्वीकृति गाँधीजी ने कम से कम दस-ग्यारह वर्ष पहले ही दे दी थी। यह कह कर कि “यदि 8 करोड़ मुसलमान न चाहें तो उन्हें साथ बनाए रखने का कोई अहिंसक तरीका मैं नहीं जानता’’ और, किसी ‘‘घर […]