इतिहास

प्रख्यात शिक्षाविद -भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

 “केवल निर्मल मन वाला व्यक्ति ही जीवन के आध्यात्मिक अर्थ को समझ सकता है स्वयं के साथ ईमानदारी आध्यत्मिक अखंडता की अनिवार्यता है।” ये शब्द थे भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जिन्होंने  अपने जीवन के चालीस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक बन कर निकाले। वे कहते थे “कला मानवीय आत्मा की गहरी परतों […]

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हिन्दी ग़ज़ल के सशक्त हस्ताक्षर दुष्यन्त कुमार

दुष्यन्त कुमार की पैदाइश उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद की तहसील नजीबाबाद के ग्राम राजपुर नवादा में 1 सितम्बर 1933 में हुई थी। आम बोलचाल के शब्दों को अश्आर में ढाल कर उन्होंने  हिन्दी ग़ज़ल को बड़ी बुलन्दी अता की। जनता के ज़बान से आज भी उनके शे’र अक्सर ओ बेसतर सुनने को मिल जाते […]

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राष्ट्रीय खेल दिवस (29 अगस्त)

हाकी के जादूगर  महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रुप में मनाया जाता है। इसी दिन खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भारत के राष्ट्रपति द्वारा खेलों में विशिष्ट योगदान देने के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है. इन सम्मानों में राजीव गांधी खेल रत्न, […]

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फ़िराक़ गोरखपुरी (28.08.1996–13.03.1982) विनम्र श्रद्धांजलि

अजब जादू भरे अश्आर के ख़ालिक़, सभी को  याद है अब भी  गुले नग़मा। फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी में गुल-ए-नगमा, मश्अल, रूह-ए-कायनात, नग्म-ए-साज, ग़ज़लिस्तान, शेरिस्तान, शबनमिस्तान, रूप, धरती की करवट, गुलबाग, रम्ज व कायनात, चिरागां, शोअला व साज, हजार दास्तान, बज्मे जिन्दगी रंगे शायरी के साथ हिंडोला, जुगनू, नकूश, आधीरात, परछाइयाँ और तरान-ए-इश्क जैसी खूबसूरत […]

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राष्ट्रीय खेल दिवस यानि मेजर ध्यानचंद जन्म दिवस

भारत को ओलंपिक मे स्वर्ण पदक दिलवाने वाले महान और कालजयी हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के प्रति सम्मान प्रकट करने लिए उनके जन्मदिन 29 अगस्त को हर वर्ष भारत मे राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप मे मनाया जाता है । इसी दिन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रपति भवन में भारत के महामहिम राष्ट्रपति […]

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चैंपियन: सुषमा स्वराज

चैंपियन शब्द हम बचपन से सुनते आए हैं और अनेक बार हमें भी चैंपियन की उपाधि मिली है, लेकिन चैंपियन की परिभाषा पर ध्यान देने का कभी विचार ही नहीं आया. बात सही भी है, हर बात या काम का एक नियत समय होता है. शायद अब चैंपियन की परिभाषा पर विचार करने का समय […]

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दुनिया की सबसे प्रखर वक्ता और असाधारण महिला राजनेता : सुषमा स्वराज

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का अचानक यूं हम सबसे दूर चले जाना न केवल भाजपा के लिए वरन् सम्पूर्ण राजनीतिक दलों के लिए अपूरणीय क्षति है। वे एक ऐसी महिला राजनेता थीं, जो अपने सौम्य और मधुर व्यवहार के लिए जानी जाती थीं। जो व्यक्ति उनसे एक बार मिल लेता था, वह उनका फैन […]

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26 जुलाई पर विशेष – कारगिल विजय के 20 वर्ष

26 जुलाई 1999 वह दिन था जब पाकिस्तान ने भारतीय सेना के आगे घुटने टेक दिए थे। सीमा पार घुसपैठ करने वाले पाक के पास भारत के सामने झुकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। भारतीय जवानों के साहस, वीरता और जज्बे के सामने पड़ोसी मुल्क की सेना हार मान चुकी थी और तत्कालीन […]

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स्वतंत्रता संग्राम में गांधी जी का योगदान

भारत में मुगल साम्राज्य से जब सता अंग्रैजों के हाथ में गई तो पहले अंग्रैजों का भारत में आना व्यापारिक उदेश्य था पर धीरे-धीरे उनका राजनैतिक रुप भी सामने नजर आने  लगा। और वे अपने इस कुटिल चाल में कामयाब भी हो गये । उन्होंने धीरे –धीरे अपने पैर पसारने लगे और दमन तथा शोषण […]

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झारखण्ड में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस

स्वतन्त्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का झारखण्ड से गहरा नाता था।नेता जी के झारखण्ड में सक्रियता का उल्लेख झारखण्ड के इतिहास में  उल्लेख है।  1920 के दशक में एक बार टाटा स्टील के मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच गहरा विवाद हो गया।नेताजी जमशेदपुर आए और कर्मचारियों की अगुआई में मैनेजमेंट के साथ समझौते […]