अन्य लेख

ब्राह्मणवाद से बाहर निकलिए !

‘रामायण’ के रचयिता वाल्मीकि ‘डोम’ यानी शूद्र थे, ब्राह्मण नहीं ! ‘महाभारत’ के रचयिता व्यास ‘निषाद’ यानी शूद्र थे, ब्राह्मण नहीं ! ‘ब्राह्मणत्व’ से बाहर आइए ! ‘ब्राह्मण’ कोई जाति नहीं, वो तो वर्ण है और वर्ण means रंग (colour) भी होता है । अगर हम colour blindness से बच निकलते हैं और ‘सादा जीवन, […]

अन्य लेख

मन चंगा तो कठौती में गंगा

देश की सत्ता जब अहंकारी हो गया, तब देश गुलाम हो गया। तब महान स्वतंत्रता सेनानी लाल -बाल- पाल के बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र में भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को विघ्नहर्त्ता श्री गणेश की आराधना कर भारत को एक सूत्र में बाँधने हेतु व एकता में लाने हेतु जो पूज्य कार्यार्थ नींव रखे, कालांतर में […]

अन्य लेख

चिरवास्तव

पवित्र ‘कुरान’ का ईमानदारी से पाठ यानी सूरह-42. अश-शूरा:– शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा महरबान, निहायत रहम वाला है । ……. और बेशक ज़ालिमों के लिए दर्दनाक अज़ाब है ।तुम जालिमों को देखोगे की वे डर रहे होंगे उससे जो उन्होंने कमाया और वह उनपर ज़रूर पड़नेवाला है । जो लोग ईमान लाए […]

अन्य लेख

राष्ट्रनिर्माता कौन : शिक्षक या नेता ?

आज कइयों टाइप के शिक्षक हैं, क्यों ‘गुरु’ नहीं अब कोई ! ये पंचायत शिक्षक, प्रखंड शिक्षक, बेसिक ग्रेड शिक्षक, स्नातक ग्रेड शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, सहायक शिक्षक, जगन्नाथ मिश्रा के टीचर, लालू के बीपीएससी वाले शिक्षक, नीतीश के टीचर, पारा टीचर, नगर शिक्षक, नगर पंचायत शिक्षक, नगर निगम टीचर, नगर परिषद टीचर, […]

अन्य लेख

जिंदगी की सीख से बड़ा कोई गुरु नहीं !

ज़िन्दगी हर रोज़ सिखाती है, ‘ज़िन्दगी’ से बड़ा कोई ‘गुरु’ नहीं ! 5 सितम्बर को ‘शिक्षक दिवस’ मनाए जाने का सरकारी स्तर पर कोई प्रमाण नहीं है ! दूसरी तरफ, जिसतरह से दोनों सरकारों ने ‘नियोजित’ शिक्षकों के प्रति घृणा और वैरभाव रखा है, इसे मनाने का कोई औचित्य नहीं रह गया है । फिर […]

अन्य लेख

5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाए जाने की कोई सरकारी अधिसूचना नहीं ?

5 सितम्बर को ‘शिक्षक दिवस’ मनाए जाने के कोई सरकारी अधिसूचना/आदेश नहीं है ! वर्ष 2014 में सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI act) के तहत मैंने ‘प्रधानमंत्री कार्यालय’ से 5 सितम्बर को ‘शिक्षक दिवस’ मनाए जाने संबंधी सरकारी-आदेश की प्रति की मांग किया गया था, जवाब में PMO ने पहले ‘मानव संसाधन विकास मंत्रालय’, फिर […]

अन्य लेख

काहू को हैप्पी होंगे ‘टीचर्स डे’ (व्यंग्य)

काहू को हैप्पी होंगे ‘शिक्षक दिवस’ ? ये पंचायत शिक्षक, प्रखंड शिक्षक, बेसिक ग्रेड शिक्षक, स्नातक ग्रेड शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, सहायक शिक्षक, जगन्नाथ मिश्रा के टीचर, लालू के bpsc वाले शिक्षक, नीतीश के टीचर, पारा टीचर, नगर शिक्षक, नगर पंचायत शिक्षक, नगर निगम टीचर, नगर परिषद टीचर, ज़िला परिषद टीचर, 34540 टाइप्ड […]

अन्य लेख

येन केन प्रकारेण सत्ता से चिपके रहना

हर पिछड़ा वर्ग उन्हें प्यार करता था, तबतक ही…. जब वह खुद मुख्यमंत्री रहे ! तब से नहीं, जब खुद नहीं रहे, तो बीवी को सत्ता ! बीवी नहीं, तो बेट्टे को सत्ता ! उस पार्टी में एक से एक कद्दावर नेता रहने के बावजूद ! ‘माई हथुआ राज मिल गइल’ – पहलीबार मुख्यमंत्री बनने […]

अन्य लेख

मर्जी आपकी

सोच तो बदलने से रहा, साहब ! अगर सोच बदलने की प्रतीक्षा करते रहें, तो कोई देश कानून ही क्यों बनाये ? देश की आज़ादी के 25 साल बाद भी जाति प्रमाण-पत्र में ‘ग्वाला’ शब्द दर्ज़ होता था, जिससे दबंगों और सवर्णों द्वारा इसी नामार्थ संबोधित किया जाते रहा, इस जाति के लोगों में हीनता […]

अन्य लेख

खेल के एक जादूगर की जयंती

‘राजीव गाँधी’ खेलरत्न अवार्ड का नाम ‘मेजर ध्यानचंद’ खेलरत्न अवार्ड अब से ! ध्यानचंद को फुटबॉल में पेले और क्रिकेट में ब्रैडमैन के समतुल्य माना जाता है और दोनों से उनकी मुलाकात भी हुई । हॉकी गेंद इस कदर उनकी स्टिक से चिपकी रहती थी कि प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को अक्सर आशंका होती थी कि वह […]