Category : लेख

  • उन्नति का मार्ग

    उन्नति का मार्ग

    समस्त जीवधारियों में मनुष्य को श्रेष्ठ माना गया है। अथर्ववेद में कहा गया है कि हे पुरुष, यह जीवन उन्नति करने के लिए है, अवनति करने के लिए नहीं। परमेश्वर ने मनुष्य को दक्षता और कार्यकुशलता...








  • भक्ति का स्वरूप

    भक्ति का स्वरूप

    ईश्वर भक्ति ईश्वर की पूजा व उसका सत्कार है। भक्त अपने जिन कृत्यों से अपने अराध्य देव को प्रसन्न करने की चेष्टा करता है वह सब भक्ति के अन्तर्गत आता है। भक्त का अराध्य ईश्वर है...