Category : लेख



  • कवि और कविता संवाद

    कवि और कविता संवाद

    एक दिन कविता अचानक कवि से बोली, तुम्हारी नीरसता भरी बातें मेरे शब्दों का श्रृंगार बिगाड़ देती हैं कवि ने विस्मयता से कहा, नीरस क्या लगता है तुम्हे? कविता बोली, तुम हमेशा मुझे बलिदान की देवी...



  • विद्या और मधु

    विद्या और मधु

    विद्या आध्यात्मिक एवं भौतिक सभी प्रकार के सत्य वा यथार्थ ज्ञान को कहते हंै। विद्या को विज्ञान भी कहा जा सकता है। विद्या से ही हमें आपनी आत्मा, परमात्मा व सृष्टि के सत्य व यथार्थ स्वरूप...

  • पर्यटकों के साथ लूट

    पर्यटकों के साथ लूट

    महाबलेश्वर महाराष्ट्र के सतारा जिले के अंतर्गत आने वाला एक मशहूर पर्यटन स्थल जहां न सिर्फ़ दूर दराज के लोग छुट्टियां का आनंद मनाने यहां आते हैं बल्कि आस पास के कई शहरों के लोग यहां...

  • एक प्रशासक का राजनीति में आना …

    एक प्रशासक का राजनीति में आना …

    कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दो कार्यकाल अर्थात लगातार दस साल तक प्रधान मंत्री की कुर्शी सम्हालानेवाले डॉ. मनमोहन सिंह एक प्रशासक थे. वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने कई आर्थिक सुधर करवाये, जो अनवरत जारी...

  • अस्तेय-व्रत

    अस्तेय-व्रत

    अस्तेय का अर्थ है– चोरी न करना। किसी वस्तु को बिना मूल्य चुकाए या परिश्रम किए बिना प्राप्त करना भी चोरी है। जिस वस्तु पर हमारा अधिकार नहीं हैं, उसे पाने की इच्छा बीजरूप में चोरी...