ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति लेख

मैगी, मैंगो, मंदिर, मानसून, मुसलमान और मोदी

दो मिनट में तैयार होने वाला नूडल मैगी अब विषाक्त घोषित हो गया …लगभग पूरे देश में मैगी पर प्रतिबन्ध लग चुका है. नेस्ले इंडिया ने भी फिलहाल अपने इस प्रोडक्ट को बाजार से हटाने का फैसला कर लिया है जबकि उसका तर्क अभीतक यही है कि इसमें कोई भी हानिकारक पदार्थ मानक से ज्यादा […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वेदों का पुरूष-सूक्त और मन्त्रों में विहित रहस्यात्मक सत्य ज्ञान

ऋग्वेद के दशवें मण्डल का नव्वेवां सूक्त पुरूष-सूक्त के नाम से विख्यात है। इस सूक्त की मन्त्र संख्या 16 है। यह सभी मन्त्र यजुर्वेद के 31 वें अध्याय में भी आये हैं। ऋग्वेद के 16 मन्त्रों के अलावा यजुर्वेद में 6 मन्त्र अधिक हैं। इन 6 मन्त्रों को उत्तर-नारायण-अनुवाक की संज्ञा दी गई है। अथर्ववेद […]

राजनीति

भारत की शि‍क्षा नीति‍ और राजभाषा नीति

जैसा कि‍ सभी जानते हैं भारत 15 अगस्‍त 1947 को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ। सभी यही समझते हैं कि‍ हम उस दि‍न स्‍वतंत्र हुए। लेकि‍न यह एक बहुत बडा धोखा था। महात्‍मा गांधी ने अंग्रेजों से सामने बि‍ना कि‍सी शर्त के पूर्ण स्‍वतंत्रता की मांग रखी थी। लेकि‍न भारत के ही कुछ स्‍वार्थी […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वेदों में सरस्वती

सरस्वती नदी की खोज एक ऐतिहासिक घटना है। प्राचीन संस्कृत वाङ्मय में सरस्वती का अनेकशः उल्लेख है। यह मात्र एक नदी नहीं है, अपितु हमारी संस्कृति का एक अमूल्य स्रोत है। सरस्वती हमारे इतिहास का स्रोत भी है। अधिकतर नगरों का विकास नदियों के किनारे हुआ। इस दृष्टि से सरस्वती के मूल मार्ग की खोज […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

महर्षि दयानन्द द्वारा आद्य राजर्षि मनु के कुछ हितकारी उपदेशों का सत्यार्थ प्रकाश में प्रस्तुतिकरण

ओ३म वेद सर्वप्राचीन ग्रन्थ हैं। वेदों के बाद अत्यन्त प्राचीन ग्रन्थों में मनुस्मृति का नाम आता है। सौभाग्य से वैदिक साहित्य के शत्रु जिन्होंने  हमारे तक्षशिला एवं नालन्दा व अन्य पुस्तकालयें को अग्नि को समर्पित कर नष्ट किया, इन्हें नष्ट नहीं कर पाये। ईश्वर की यह महती कृपा आर्य जाति के प्रति दिखाई देती है। […]

इतिहास

 टिहरी गढ़वाल से प्राप्त कुषाण कालीन स्वर्णिम मुद्राएँ

भारतीय इतिहास में सर्वप्रथम स्वर्णिम मुद्राएँ प्रचलित करने का श्रेय कुषाण शासक विम कद्फिसेज़ को है| कालान्तर में उसके उत्तराधिकारियो ने भी स्वर्णिम मुद्राओं के प्रचलन की परम्परा को अक्षुण्ण रखा| कुषाणों का साम्राज्य पश्चिमोत्तर में अफगानिस्तान से लेकर पूर्व में बिहार, उड़ीसा राज्यों तक तथा उत्तर में चीन से लेकर दक्षिण में गुजरात व […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मूर्तिपूजा और महर्षि दयानन्द

ओ३म् हमारा देश अनेक मत-मतान्तरों का देश है। प्रायः सभी मत ईश्वर के अस्तित्व को स्वीकार करते हैं परन्तु आश्चर्य की बात यह है कि  संसार में ईश्वर के एक होने पर भी सभी मतों में उसके स्वरूप की मान्यतायें व उपासना पद्धतियां भिन्न-भिन्न हैं। इसका कारण क्या है? क्या सभी मतों की ईश्वर के […]

स्वास्थ्य

पीठ दर्द का इलाज

आजकल पीठ के दर्द की शिकायत बहुत पायी जाती है। इसके कारण हो सकते हैं- व्यायाम न करना, मोटा तकिया लगाकर सोना और गलत तरीके से बैठना या चलना। हमें सभी कार्य करते समय, बैठते और चलते समय भी रीढ़ को बिल्कुल सीधी रखना चाहिए अर्थात् जमीन के लम्बवत्। सोते समय भी बिना तकिया लगाये […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

महर्षि दयानन्द और उनके सत्य व सर्वहितकारी मन्तव्य

ओ३म् महर्षि दयानन्द संसार में सम्भवतः ऐसे पहले धार्मिक महापुरूष हुए हैं जिन्होंने ईश्वरीय ज्ञान वेदों का प्रचार करने के साथ अपने मन्तव्यों तथा अमन्तव्यों का भी सार्वजनिक रूप से पुस्तक लिखकर प्रचार किया है। धार्मिक महापुरूष प्रायः अपनी मान्यताओं के विस्तृत व्याख्यात्मक ग्रन्थ लिख दिया करते हैं। उन्हीं ग्रन्थों को उनके शिष्य व अनुयायी […]

स्वास्थ्य

घुटनों का दर्द

आजकल विशेषतः महिलाओं में और पुरुषों में भी घुटने के दर्द की समस्या आम है। इसके कई कारण होते हैं। शरीर का वजन अधिक होना सबसे बड़ा कारण है। वजन का सबसे अधिक प्रभाव घुटनों पर ही पड़ता है। जिनके कूल्हे का आकार और वजन बहुत अधिक है, उनके घुटनों में दर्द होना लगभग अवश्यंभावी […]