राजनीति

अरे, गुड्डी इतनी नाराज क्यों हो गई?

कभी-कभी किसी का नाराज होना भी समझ से बाहर हो जाता है। फिर उसका समर्थन और विरोध सामने वाले की पोजीशन देखकर किया जाता है। ऐसा ही कुछ बबुआ और गुड्डी के मामले में हुआ है। असल में बबुआ ने कहा था कि ड्रग्स की तस्करी और युवाओं द्वारा इसका सेवन करना हमारे देश के […]

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गड़बड़झाला

ऐसे राज्य में धड़ाधड़ इंजीनियरिंग संस्थान खोले जा रहे हैं, परंतु वहाँ एक भी लेक्चरर नहीं है ! कैसे एआईसीटीई उसे मान्यता दे देते हैं ? बिना लेक्चरर के पास ऐसे बी.टेक., जिसे प्रैक्टिकल कुछ भी नहीं आता है, इसे ही गेस्ट लेक्चरर बना कर पॉलिटेक्निक संस्थान को भेजा जाता है । काफी संख्या में […]

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सूचना और शिकायत में अन्तर समझे

सूचना के माध्यम से आँकड़ो का एकत्रीकरण करके उन्हे सम्बंधित संस्था, प्राधिकारी और सरकार तक प्रेषित किया जाता है, ताकि आपके सेवारत क्षेत्र को अधिक कार्यकुशल व प्रभावी बनाया जा सके। सूचनाओं का आदान- प्रदान एक नियत व्यवस्था के तहत सम्पादित होता है। सूचनाओं के संकलन के लिये संस्था,विभाग,सरकार या अधिकारी द्वारा किसी कर्मचारी को […]

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सदी के महानायक का मौन-मुखर व्यक्तित्व

बोलने को तो सभी बोलते हैं। नदी, नाले, समंदर, झरने भी बोलते हैं। पशु-पक्षी भी बोलते हैं। महसूस करें तो विनाश के पूर्व और बाद का सन्नाटा भी बोलता है। किन्तु ये सब सिर्फ बोलते हैं या सिर्फ चुप रहते हैं। इंसान ही ऐसा है जो बोलकर भी चुप रह सकता है और चुप रहकर […]

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पंथनिरपेक्षता

टोपी ना पहनो, तो उसपर प्रॉब्लम! खाली पैर रहो, तो उसपर प्रॉब्लम ! ….किन्तु एक दाढ़ीवाले ने दूसरे दाढ़ीवाले को चुना, यह प्रॉब्लम नहीं हुआ ! कोई भी व्यक्ति जो मानव होने का दावा करता है, वह धर्मनिरपेक्ष हो ही नहीं सकता है, किन्तु वह पंथनिरपेक्ष हो सकता है! हमारे संविधान में ‘सेक्यूलर’   शब्द का […]

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मिशन कर्मयोगी : सिविल सेवा सुधार और मोदी सरकार

आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था। देश के इस्पाती चौखट माने जाने वाली सिविल सर्विसेज में सुधार की हरी झंडी मोदी सरकार ने दे दी । राष्ट्रीय  सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम का नामकरण भी “मिशन कर्मयोगी ”  कर दिया गया । इसके तहत सरकारी अधिकारियों को काम को ज्यादा बेहतर और उपादेयी तरीके से […]

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क्या लोकतांत्रिक सरकार की यही कार्यशैली है ?

महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। जिस प्रकार से बीएमसी ने अवैध बताते हुए नोटिस देने के 24 घंटो के भीतर ही एक अभिनेत्री के दफ्तर पर बुलडोजर चलाया और अपने इस कारनामे के लिए कोर्ट में मुंह की भी खाई उससे राज्य सरकार के लिए भी एक असहज स्थिति उत्पन्न […]

राजनीति

बढ़ती जनसंख्या, घटते संसाधन 

      जनसंख्या वृद्धि कही न कही हमें आने वाले समय में भयंकर दुष्परिणाम की तरफ ले जा रही है, इसपर हम आज न सचेत हुए तो आने वाले समय में संसाधनों के लिए महायुद्ध जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता हैं । क्योंकि दैनिक उपयोग के संसाधन जैसे की पेट्रोल, डीजल, पेयजल, निवास और खेती हेतु भू-भाग इत्यादि सीमित मात्राहै।      जनसंख्या नियंत्रण […]

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चलना जरा सम्हल के कंगना, अंगना टेढ़ा है

भारत की व्यावसायिक/व्यापारिक राजधानी मुम्बई यूँ तो हमेशा से ही खास रही है। आजकल उद्धव- संजय की नादानियों ने और कंगना की विरुदावलि ने तापमान कुछ ज्यादा ही बढ़ा दिया है। देश की तथाकथित बुद्धिजीवी जनता भी दो खेमों में एक-दूसरे पर गुर्राती नजर आ रही है। केन्द्र में बैठी भाजपा मुफ्त के अलाव में […]

राजनीति

भारत की धाक

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव लगभग आने वाले हैं, प्रचार और बयान बाजी चरम पर है। सम्पूर्ण विश्व का आकर्षण भी इस चुनाव में निहित समझें तो गलत नही होगा, क्योंकि विश्व जानता है कि अमेरिका के नेतृत्व परिवर्तन से विश्व के कई निर्णयों में परिवर्तन भी संभव है। जहां वर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप अपनी ताकत बढ़ाने […]