राजनीति

आत्मघाती मानसिक विकृति का शिकार होती कांग्रेस

ऐसा प्रतीत हो रहा है कि एक के बाद एक करारी पराजयों के कारण कांग्रेस का नेतृत्व मनोविकृति का शिकार होकर देश की राजधानी दिल्ली की विधानसभा चुनावों मेें शून्य पर निपटने के बाद अब देश के अन्य राज्यों में भी शून्य की ओर जाना चाहता है। आजकल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाधी व […]

राजनीति

नागरिकता कानून के विरोध के नाम पर मुस्लिम तुष्टीकरण की विकृत राजनीति

संसद से पारित नागरिकता संशोधन विधेयक केे खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं और लखनऊ के घंटाघर से लेकर दिल्ली के शाहीन बाग तक महिलाएं अपने बच्चों को लेकर धरने पर बैठ गयी हैं। सीएए के खिलाफ जिस प्रकार से धरना प्रदर्शन व विरोध आंदोलन आदि चल रहे हैं उससे यह साफ पता […]

राजनीति

भारत की शक्ति का प्रतीक के-4 एसएलबीएम मिसाइल

एक दार्शनिक का कथन है कि ‘आपको शांति से जीना है तो स्वयं को ताकतवर बनकर ही रहना पड़ेगा। ‘ यह कथन सर्वकालीन तौर पर कटुसत्य और यथार्थवादी तथा सैद्धांतिक बात है, क्योंकि आपके पड़ोसी को यह ठीक से पता हो कि आप शक्तिशाली नहीं हैं, तो वह हमेशा आपको अनावश्यक रूप से परेशान करता […]

राजनीति

क्या हम शरणार्थी हैं ?

-गंगा ‘अनु’ संसद के दोनों सदनों में नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो चुका है और महामहिम राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह अब नागरिकता संशोधन कानून में परिणत हो चुका है। लेकिन पश्चिम बंगाल समेत देश के अन्य जगहों पर इसका विरोध लगातार जारी है। इस विधेयक के संसद में पास होने के बाद पश्चिम […]

राजनीति

गणतन्त्र के सात दशक

 परिवर्तन का जोश भरा था, कुर्बानी के तेवर में। सब कुछ हमने लुटा दिया था, आजादी के जवर में।। हम खुशनसीब हैं कि इस वर्ष 26 जनवरी को 71वाँ गणतन्त्र दिवस मना रहे हैं। 15 अगस्त सन् 1947 को पायी हुई आजादी कानूनी रूप से इसी दिन पूर्णता को प्राप्त हुई थी। अपना राष्ट्रगान, अपनी […]

राजनीति

युवा दिवस और नागरिक संशोधन कानून ( CAA )

१२ जनवरी १८६३ को स्वामी विवेकानंद का जन्म कोलकाता में हुआ उनके जन्मदिवस को युवा दिवस के रूप में पुरे देश में मनाया जाता है . स्वामी विवेकानंद को दुनिया विश्व शिक्षक ( Universal Teacher ) के रूप में भी जानती है . १८९३ में शिकागो में विश्व धर्म महासभा में दिए गए उनके भाषणों […]

राजनीति

संस्कृति संरक्षण और शिक्षा

यह कल्पना करना ही भयावह लगता है कि अगर शिक्षा न होती तो क्या होता? अगर शिक्षा न होती तो प्राचीनतम् विचारों का क्रमबद्ध संकलन होना सम्भव नहीं होता। गुरुकुल या विद्यापीठ अथवा आज के अत्याधुनिक विद्यालय नहीं होते। समाजीकरण की सतत् प्रक्रिया सुचारु नहीं हो पाती। हमारी अनमोल धरोहर जिसे हम आज भी गर्व […]

राजनीति

परीक्षा : उम्मीदवार की या जनता की

जनतन्त्र जनतामय होता है। जनता के बीच से जनता द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि जननायक, जननेता, जनसेवक या ऐसे ही बहुतेरे विशेषणों से सुशोभित होता है। ग्राम पंचायत से संसद तक निर्वाचन की प्रक्रिया ही आधारभूत है। संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक अर्हताओं को पूरा करके किसी भी एक पद के लिए दर्जनों उम्मीदवार मतदाताओं के समक्ष […]

राजनीति

पाकिस्तान में ननकाना साहिब पर हमला क्यूँ?

ननकाना साहब पाकिस्तान के प्रांत में स्थित एक शहर हैं जिसका वर्तमान नाम सिख धर्म के गुरु! गुरु नानक देव जी के नाम पर पड़ा जिसका पुराना नाम हैं ‘राय– भोई– दी तलवड़ी’ था यह लाहौर से 80 किलोमीटर दक्षिण –पश्चिम में स्थित हैं इसे महाराजा रणजीत सिंह ने गुरु नानक देवजी के जन्म स्थान […]

राजनीति

दुनिया को उपदेश देता, दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी देश

‘पर उपदेश कुशल बहुतेरे ‘वाली भारतीय कहावत, इस धरती के सबसे बड़े आतंकवादी देशों, यथा अमेरिका और मरणासन्न ब्रिटेन जैसे देशों पर बिल्कुल सटीक बैठती है, इन युद्धपिपासु और मानवहंता देशों पर अब तक दर्जनों निरपराध देशों को बर्बाद करने, उनके राष्ट्राध्यक्षों की निर्मम हत्या कराने, दुनिया भर में करोड़ों मनुष्यों का खून बहाने, कई […]