राजनीति

अनैतिक मानसिकता का विरोध जरूरी

कई दशकों के षड्यंत्र, प्रताड़ना, हिन्दू कन्याओं के अपहरण, जबरन निकाह, षड़यंत्र पूर्वक किए गए प्रेम के नाटक के बाद निकाह और फिर धर्म बदलकर मुसलमान बनाने के षड़यंत्र पर बड़े विलंब के बाद एक निर्णायक कानून बनाने का अवसर है। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक सहित अनेक राज्य अब लव जिहाद के विरुद्ध कानून बनाने […]

राजनीति

बेघर आखिर कब तक बेघर रहेंगे ?

अपने सस्ते श्रम के साथ शहरों को शहर बनाए रखते हुए भी, शहरी बेघर व्यक्ति बिना किसी आश्रय या सामाजिक सुरक्षा के सख्त जीवन जीते हैं। उन्हें बेघर, छतविहीन, आश्रय-रहित और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के रूप में वर्णित किया जाता है। भारत की जनगणना आवासहीन आबादी ’को उन व्यक्तियों के रूप में परिभाषित […]

राजनीति

शिक्षक

बिहार सरकार का मानना है– ‘शिक्षक राष्ट्र – निर्माता नहीं होता है और अगर होते भी होगें, तो नियोजित शिक्षक तो कतई नहीं है’ । आखिरकार बिहार सरकार माननीय पटना उच्च न्यायालय के ‘समान काम के समान वेतन’ के फैसले के विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय चला ही गया यानी नियोजित शिक्षकों को समान काम का […]

राजनीति

ड्रेन ऑफ़ वेल्थ – बदस्तूर जारी है।  

भारत से अभी भी और ब्रिटेन और अमेरिका के द्वारा आर्थिक निकास या धन-निष्कासन हो रहा है। जब एक कुशल व्यक्ति ब्रिटेन या अमेरिका की ओर पलायन करता है, तो उसके साथ इन देशों को दुर्लभ कौशल प्राप्त होते हैं, जो भारतीय धन (चाहे उसके पिता या करदाता ने अर्जित किया हो इससे कोई फर्क […]

राजनीति

संविधान से ही संचालित होता है देश

परिवार देश की लघुतम इकाई होती है। परिवार से मिलकर ही एक वृहत्् समाज की रचना सम्भव होती है। प्रत्येक घर-परिवार एवं समाज में सदस्यों के कार्य व्यवहार एवं आचरण हेतु एक अलिखित नियमावली या संहिता होती है। परिवार एवं समाज अपने सदस्यों से अपेक्षा रखता है कि समाज की बेहतरी के लिए सभी इन […]

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व्यथित लोकतंत्र….

बधाई, राहुल जी ! परंतु बचकानी हिंदी से बचते हुए उचकानी हिंदी में आइये । आपने लालू जी को फिर MP बनने नहीं दिए और विधेयक को फाड़ डाले । वहीं अय्यर के मणि (विष) को शंकर तक ले चले गए… ये दम तो दिखाया आपने, किन्तु 2019 क्या 2024 तक तो चट्टान है आपके […]

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हरी झंडी, जीती झंडी !

अंतिम राउंड के मतदान के बाद गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जैसी ‘एग्जिट पोल’ की रुझान आई थी, कमोबेश मतगणना – परिणाम वही रहे । हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार की करारी हार हुई, तो श्री नरेन्द्र भाई मोदी के प्रधानमंत्री पद पर चयन होने पर और एतदर्थ गुजरात के मुख्यमंत्री […]

राजनीति

आप अभिमन्यु हैं, पेट से ही सीखकर आये हैं ?

बिहार सरकार का मानना है– ‘शिक्षक राष्ट्र – निर्माता नहीं होता है और अगर होते भी होगें, तो नियोजित शिक्षक तो कतई नहीं है’ । आखिरकार बिहार सरकार माननीय पटना उच्च न्यायालय के ‘समान काम के समान वेतन’ के फैसले के विरुद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय चला ही गया यानी नियोजित शिक्षकों को समान काम का […]

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सीमांचल का सबक

बिहार विधानसभा के चुनावों में ओवैसी की पार्टी को अकेले पाँच सीटें मिल जाना कोई साधारण बात नहीं है। इसके दूरगामी परिणाम होना अवश्यंभावी है। सीमांचल का क्षेत्र बिहार के उत्तरी-पूर्वी कोने पर वह क्षेत्र है जहाँ गर्दन जैसा एक सँकरा गलियारा प्रारम्भ होता है जो समस्त पूर्वोत्तर भारत को शेष देश से जोड़ता है। […]

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1979 राजनीति के पुरोधा

1979 में जब अंदरूनी कारणों से श्री मोरारजी भाई देसाई की जनता पार्टी की सरकार नहीं रही और माननीय देसाई जी प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र दिए, तब उनके कैबिनेट में उप प्रधानमंत्री का दर्ज़ा प्राप्त वरेण्य सहयोगी और प्रख्यात किसान नेता चौधरी चरण सिंह जोड़ – तोड़ और कांग्रेस के समर्थन से व्यक्ति के रूप […]