भाषा-साहित्य

कवि अज्ञेय और उनकी प्रसिद्ध कविता ‘कतकी पूनो’

कवि ‘अज्ञेय’ की प्रसिद्ध कविता ‘कतकी पूनो’ ! कार्तिक पूर्णिमा की रात है और इस रात की सुंदरता स्वयं में अप्रतिम है। यह रात हल्की-हल्की ठंड की दस्तक लिए आती है और फिर जब उसमें चाँद की शीतलता को महसूस किया जाए तो बरबस वातावरण कवितामय हो जाता है और तब प्रस्तुत कविता कुदरत में […]

भाषा-साहित्य

शारदा सिन्हा के ‘छठ’ लोकगीतों में कुछ असभ्य शब्दों का गायन ?

सूर्योपासना और लोकआस्था का प्रकृति-पर्व ‘छठ’ के आते ही बिहार, झारखंड, पश्चिमी प. बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल इत्यादि अवस्थित श्रद्धालुओं द्वारा कैसेट, सीडी, मोबाइल, लाउड स्पीकर, साउंड बॉक्स इत्यादि के मार्फ़त ‘छठ’ गीत सुनने को मिलने लग जाते हैं। पहले पद्मश्री विंध्यवासिनी देवी, अनुराधा पौडवाल, फिर तो छैला बिहारी आदि के द्वारा गाई गई […]

भाषा-साहित्य

दीपावली से छठ तक

‘दीपावली से छठ तक’ शीर्षक न्यूज़फ़ीचर, जो जयपुर (राजस्थान) से प्रकाशित राष्ट्रीय साप्ताहिक ‘आमख्याल’ के दिनांक- 09.12.1993 अंक में प्रकाशित हुई थी । खासकर ‘छठ’ पर सदानंद पाल द्वारा लिखित और प्रेषित इसतरह के रिपोर्टिंग की आयु अब 27 बरस हो गयी है ! ध्यातव्य है, ‘दीपावली से छठ तक’ नामक शीर्षक राष्ट्रीय साप्ताहिक ‘आमख्याल’ […]

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अंतरतम प्रेम

वर्ष 2019 में T20 क्रिकेट में कर्म ही पूजा है (Work is worship) रही, तभी तो बांग्लादेश के हाथों ‘भारत’ की बड़ी हार हुई ! •••••• कवि मिथिलेश राय जी की प्रासंगिक कविता तो पढ़िये- “परदेश गए लोग जब गांव लौटते हैं! तब चिड़िया ज्यादा चहकतीं हैं कुत्ते पूँछ अधिक हिलाते हैं बहुत दिनों बाद– […]

भाषा-साहित्य

मीत से प्रीति

कथाकार दिवाकर जी की कहानी ‘देहरी भई बिदेस’ पढ़ा, जो 07 नवम्बर ’16 के ‘आउटलुक’ (हिंदी) में छपा है । इस कहानी में माता यशोदा … मेरी माँ का नाम भी यही है, जो मेरे पास रहती है, परंतु कथा-पुत्र के तरह मैं हरगिज़ नहीं, हो भी नहीं सकता ! कहानी का प्रकाशन टटकी है, […]

भाषा-साहित्य

हिन्दी वालों की हिन्दी वालों से हिन्दी के लिए लड़ाई

“पूजनीय बड़े पिता जी और माता जी, आप लोग मुझे माफ कर देना. मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया…… मैं जा रहा हूं. मैं जिन्दगी से परेशान हो गया हूँ. आप लोग मुझे माफ करना.” राजीव के सुसाइट नोट का यह एक अंश है. 11 सितंबर 2020 को यूपी पीसीएस का रिजल्ट आया. मेधावी […]

भाषा-साहित्य

लोकगीतों में डिक्टेटरी !

प्रो. शारदा सिन्हा के ‘छठ’ गीतों में प्रयुक्त ‘अभद्र’ (!) शब्दों के गायन पर रोक लगाई जाए ? सूर्योपासना और लोकआस्था का प्रकृति-पर्व ‘छठ’ के आते ही बिहार, झारखंड, पश्चिमी प. बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल इत्यादि अवस्थित श्रद्धालुओं द्वारा कैसेट, सीडी, मोबाइल, लाउडस्पीकर, साउंड बॉक्स इत्यादि के मार्फ़त ‘छठ’ गीत सुनने को मिलने लग […]

भाषा-साहित्य

राजनीति और साहित्य की लौह महिला

भारतरत्न ‘प्रियदर्शिनी’ और ज्ञानपीठ विजेत्री ‘अमृता’ की निर्वाणदिवस पर श्रद्धासुमन ! क्रिकेट और राजनीति में ‘गलबहियाँ’ या ‘गिरहबानियाँ’ प्रदर्शन के आधार पर होती है । यही कारण है, बचपन में माँ को खोनेवाली आनंद भवन की इंदु को स्वाधीनता संग्राम में व्यस्त पिता जमाहिर से जो कुछ दुलार मिल सकी हो, परंतु ‘शांतिनिकेतन’ में ‘प्रियदर्शिनी’ […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म भाषा-साहित्य

रोड शो- 11 : बातें मजेदार व ज्ञानवर्धक बातों की

आज बातें मजेदार व ज्ञानवर्धक बातों की करते हैं. ज्ञातव्य है कि इनमें से अनेक मजेदार व ज्ञानवर्धक बातें हमारे प्रबुद्ध पाठक-कामेंटेटर सुदर्शन खन्ना द्वारा प्रतिक्रियाओं में व्यक्त की गई हैं. ये तो हम सब जानते हैं कि रक्त दान से किसी का जीवन बचाया जा सकता है. लेकिन अगर मैं पूछूँ कि कोई अकेला […]

भाषा-साहित्य

21 वीं सदी के बेबाक लेखक

जिनसे कई बार मुलाकात हुई है, तो जिनके कई ‘पत्र’ मेरे पास है और जिनकी सम्पादकत्व में ‘हंस’ में कई बार छपा हूँ मैं; उस 21वीं सदी के कबीर व नई कहानी के पिता “राजेन्द्र यादव” की पुण्यतिथि (28 अक्टूबर)  पर सादर नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि ! ●●साहित्यकार राजेन्द्र यादव का रचना-संसार:- ■कहानी-संग्रह :- देवताओं […]