भाषा-साहित्य

मराठी को लेकर महाराष्ट्र सरकार का सराहनीय निर्णय

हाल ही में महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि महाराष्ट्र में तमाम दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नाम अनिवार्यत: मराठी भाषा में देवनागरी लिपि में ही होंगे। पहले भी इस प्रकार का आदेश था लेकिन अब इसे पूरी गंभीरता से लागू करने का निर्णय लिया गया है। निश्चय ही अपनी जनता के […]

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विश्व हिंंदी दिवस

हिंदी की लोकप्रियता को लेकर समूचे विश्व में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी प्रेमियों के लिए इस दिवस का विशेष महत्व है। 2018 की जानकारी के अनुसार विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा हिंदी लगभग 70 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बोली जाती है। जबकि 1.12 अरब के […]

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भारत के जन-मन की आत्मा है हिंदी*

विश्व हिंदी सम्मेलन के द्वारा विश्व स्तर पर हिंदी का प्रचार प्रसार हेतु भारत में सर्वप्रथम नागपुर में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति वर्धा के तत्वावधान में 10 जनवरी 1975 से 14 जनवरी 1975 तक आयोजित हुआ। इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के द्वारा हुआ था। इस सम्मेलन में 30 देशों के […]

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शेर कहने का सलीका, सीख मेलाराम से

पाकिस्तानी उर्दू अखबार जमींदार के सम्पादक मौलाना जफ़र अली खाँ ने एक बार किसी नौसिखिये शायर से आज़िज़ होकर उसे समझाते हुए कहा था- तोड़ता है शायरी की टांग क्यों ऐ बेहुनर, शेर कहने का सलीका सीख मेला राम से। सियालकोट (वर्तमान पाकिस्तान) में दीपोके गाँव में 26 जनवरी 1895 को पं० मेलाराम वफ़ा जी […]

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संस्कृत : कुछ रोचक तथ्य………

संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जान कर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा। आज हम आपको संस्कृत के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं,जो किसी भी भारतीय का सर गर्व से ऊंचा कर देंगे; 1. संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है। 2. संस्कृत उत्तराखंड की आधिकारिक भाषा है। […]

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अपनी मातृभाषा में बोलने पर गर्व का अनुभव हो

भारत माता की गोद में एक से बढ़कर एक अनेक ऐसी ख़ूबसूरत उपलब्धियां, हजारों वर्ष पूर्व से उपलब्ध है जिनकी अणखुट संरचना, प्राकृतिक ख़ूबसूरती, विशाल भारतीय संस्कृति, भारतीय भाषाओं के साहित्यग्रंथों सहित अनेक अपार क्षमता वाली बौद्धिक संपदा का विशाल भंडार देख संपूर्ण विश्व हैरान था!! जिस पर नज़र लग गई थी!! जिससे हजारों वर्षो […]

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अयोध्यावाले

माँ जीवन शैफाली की कविता, यथा- “मैं तुम्हारी अयोध्या हूँ श्रीराम ! सीता के राम अहिल्या के राम कौशल्या के राम कैकयी के राम सुमित्रा के राम शबरी के राम दशरथ के राम भरत के राम लक्ष्मण के राम हनुमान के राम विभीषण के राम विश्वामित्र के राम और रावण के भी राम राम तो […]

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दीप जले, दिल ना जले

भारत के प्राय: गाँव-क़स्बे में कोई न कोई सैनिक अथवा सैन्याधिकारी के परिवार रहते हैं। हमारे तरफ से उनके परिवार को प्रत्येक पर्व-त्यौहारों में हस्तलिखित सुन्दरतम स्केचिंग कर शुभकामना-सन्देश रजिष्ट्री डाक से भेजे जाय, ताकि सैनिक परिवार इसे फ्रेमिंग कर रख सके। रजिष्ट्री शुल्क के रूप में 22 रुपये जो भारतीय डाक विभाग को दिया […]

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शोध लेख : महात्मा गांधी और हिंदी भाषा

गांधीजी भाषा के माध्यम से देश को भाषाई एकता के साथ भावनात्मक रूप से, सांस्कृतिक रूप से भाषा की अस्मिता को भारत की आत्मा में प्राण फूंक कर जगाना चाहते थे। बहुसंस्कृति और बहुभाषिकता और बहूधर्मी वाले भारत में अंग्रेज अपनी अंग्रेजी भाषा के माध्यम से भारत को सेंध लगा चुके थे ऐसे समय में […]

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कब तक उपेक्षित रहेगी हिन्दी?

विश्व में प्रचलित भाषाओं में संस्कृत को छोड़कर सबसे प्राचीन हिंदी भाषा है। हिंदी भाषा वैज्ञानिक भाषा है। हिंदी साहित्य दुनिया का सबसे श्रेष्ठ साहित्य है। भारतवर्ष की मातृभाषा है। १४ सितंबर १९४९ को हिंदी को भारत की राजभाषा घोषित किया गया, परंतु आज विडंबना यह है कि भारत वर्ष में ही हिंदी उपेक्षित है। […]