भाषा-साहित्य

हिन्दी की सार्वभौम प्रतिष्ठा के लिए समर्पित प्रयास जरूरी

हिन्दी को जन-जन के हृदय की भाषा बनाने के लिए भाषणों और आडम्बरों से परे रहकर दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मीय-समर्पित भाव से वास्तविक प्रयासों को अपनाना होगा। इसके लिए परस्पर वैमनस्य और उच्चाकांक्षाओं भरे मुखौटावादी व्यक्तित्व को तिलान्जलि देकर हिन्दीसेवियों को स्वस्थ मन और पवित्र भावना से आगे आना होगा। हिन्दी का विकास समय की […]

भाषा-साहित्य

आलेख “दोहाछन्द को भी जानिए”

दोहा छन्द अर्धसम मात्रिक छन्द है। इसके प्रथम एवं तृतीय चरण में तेरह-तेरह मात्राएँ तथा द्वितीय एवं चतुर्थ चरण में ग्यारह-ग्यारह मात्राएँ होती हैं। दोहा छन्द ने काव्य साहित्य के प्रत्येक काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हिन्दी काव्य जगत में दोहा छन्द का एक विशेष महत्व है। दोहे के माध्यम से प्राचीन काव्यकारों ने […]

भाषा-साहित्य

सिंहासन खाली करो कि हिन्दी और भारतीय भाषाएं आती हैं

जब से चिकित्सा शिक्षा को हिन्दी माध्यम से दिए जाने की घोषणा हुई है, तभी से अभी तक कुल मिलाकर लगभग डेढ़ सौ चिकित्सा शिक्षकों, चिकित्सकों, पत्रकार साथियों और गैर चिकित्सीय विद्वानों तथा विद्यार्थियों ने मुझसे बातचीत में सरकार के इस कदम की आलोचना एवं घोर निन्दा की है, उपहास उड़ाया है, आत्मघाती कहा है, […]

भाषा-साहित्य

दक्षिण में जो फुफकार रहे, हिंदी विरोधी ये संपोले उत्तर से छोड़े हैं

नेता जो कुछ भी कहते हैं, वह राजनीतिक जमा, घटा या गुणा करके ही कहते या करते हैं। आए दिन कांग्रेस सहित विपक्षी नेता घुमा – फिरा कर हिंदू घर्म पर ही हमले करते दिखते हैं। इनके द्वारा बाकी किसी धर्म पर ऐसे हमले शायद ही कभी हुए हों। चिदंबरम ने फिर एक बार हिंदुओं […]

भाषा-साहित्य

साहित्य निष्प्राण हो जाएगा अगर जन सरोकार से दूर किया गया

साहित्य को समाज का दर्पण होना चाहिए अर्थात् समाज के चेहरे को हूबहू दिखाने के सामर्थ्य से सम्पन्न। सिर्फ इतना ही नहीं अपितु समाज को उन्नतशील और नवीन राह देना भी साहित्य का दायित्व है। इसलिए एक साहित्यकार को ग्राह्य हृदयी होने के साथ – साथ दूरदर्शी भी होना चाहिए जिससे वह समाज को समझ […]

भाषा-साहित्य

देश में पहली बार हिंदी में चिकित्सा शिक्षा (MBBS) के पाठ्यक्रम का शुभारंभ

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 16 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के भोपाल में देश में पहली बार हिंदी में चिकित्सा शिक्षा (MBBS) के पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने नई शिक्षा नीति में प्राथमिक, टेक्निकल और मेडिकल शिक्षा में मातृभाषा को महत्व देकर बहुत बड़ा ऐतिहासिक निर्णय […]

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भारत नाम और भारतीय भाषाओं के लिए जंतर-मंतर पर हुंकार !

‘वैश्विक हिंदी सम्मेलन’ और ‘जनता की आवाज फाउंडेशन’ द्वारा भारत के नाम और भारतीय भाषाओं से संबंधित विषयों पर देश के विभिन्न प्रदेशों हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं से संबंधित पचासी सामाजिक साहित्यिक भाषा व अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी संस्थाओं के समर्थन एवं सहयोग से एक दिवसीय जागृति अभियान एवं धरने का आयोजन किया गया। […]

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भारतीय साहित्य की वैश्विक गूंज

भारत एक धर्मनिरपेक्ष, सबसे बड़ा लोकतंत्र और आदि अनादि काल से ही साहित्य की सबसे पुरानी या प्रारंभिक कृतियां मौखिक रूप से प्रेषित थी।साथियों हम अगर साहित्य, संस्कृति के इतिहास में जाएं तो हमें पता पता चलेगा कि, भारतीय साहित्य की सबसे पुरानी या प्रारंभिक कृतियाँ मौखिक रूप से प्रेषित थीं।संस्कृत साहित्य की शुरुआत होती […]

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अत्याधुनिकता की खाज और हिंदी

हिंदी एक संस्कृति है। भारतीयता के संस्कार का नाम हिंदी है। कालांतर में उसने एक बोली, भाषा और साहित्य के उच्च स्थान को प्राप्त कर लिया है। वैदिक भाषा ‘छांदस’ से लेकर संस्कृत, पालि, प्राकृत और अपभ्रंश के अनेक सोपानों को पार करती हुई यह ‘हिंदी’ के वर्तमान स्वरूप को प्राप्त हुई है। हिंदी की […]

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हिन्दी

सम्पूर्ण विश्व के विद्वानों ने कालान्तर से ही हिंदी के महत्त्व और महत्ता को स्वीकारा है। यह हमारी विडम्बना ही कही जायेगी कि सम्पूर्ण विश्व में भारत की राष्ट्र भाषा के रूप में हिंदी का ही नाम लिया जाता है मगर अपने ही देश में आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी हिंदी राजभाषा के पद […]