Category : भाषा-साहित्य

  • राष्ट्रभाषा: मनन-मंथन-मंतव्य

    राष्ट्रभाषा: मनन-मंथन-मंतव्य

    भाषा का प्रश्न समग्र है। भाषा अनुभूति को अभिव्यक्त करने का माध्यम भर नहीं है। भाषा सभ्यता को संस्कारित करने वाली वीणा एवं संस्कृति को शब्द देनेवाली वाणी है। किसी भी राष्ट्र की सभ्यता और संस्कृति...


  • देव-वाणी संस्कृत भाषा

    देव-वाणी संस्कृत भाषा

    संस्कृत विश्व की सब से प्राचीन भाषा है तथा समस्त भारतीय भाषाओं की जननी है। संस्कृत का शाब्दिक अर्थ है परिपूर्ण भाषा। संस्कृत पू्र्णतया वैज्ञियानिक तथा सक्षम भाषा है। संस्कृत भाषा के व्याकरण नें विश्व भर...


  • कानपुर में हिंदी का ताजमहल

    कानपुर में हिंदी का ताजमहल

    आज मैं कानपुर के तुलसी उपवन में हूं। अब से 36 साल पहले इस उपवन की स्थापना पं. ब्रदीनारायण तिवारी ने की थी। महाकवि तुलसीदास के प्रति तिवारीजी इतने समर्पित हैं, श्रद्धा से इतने भरे हुए...

  • चीन ने बनाया हिंदी को हथियार…!

    चीन ने बनाया हिंदी को हथियार…!

    चीन हमें आर्थिक और सामरिक मोर्चे पर ही मात देने की तैयारी नहीं कर रहा है बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी वह हमें पटकनी मारने पर उतारु है। उसने चीनी स्वार्थों को सिद्ध करने के लिए...