Category : भाषा-साहित्य

  • बच्चों के प्रति एक हिंसा

    बच्चों के प्रति एक हिंसा

    गांधी जयन्ती के अवसर पर जब सारा देश सफाई आंदोलन के अभियान पर झाड़ू उठाए सड़कों पर उतर आया था, मैं अपने एक रिश्तेदार से मिलने मेरठ के एक गाँव में गया। महमानदारी और आवभगत हुई।...

  • बाल साहित्य कैसा हो?

    बाल साहित्य कैसा हो?

    अनुभवी अध्यापक लोग बताते हैं कि बी.ए., एम.ए. आदि ऊँची कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाना सरल है लेकिन कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाना बहुत कठिन है। ठीक यही बात साहित्य के विषय...

  • अंग्रेजी की पढ़ाई : बच्चों की तबाही

    अंग्रेजी की अनिवार्य पढ़ाई हमारे बच्चों को कैसे तबाह कर रही है, उसके दो उदाहरण अभी-अभी हमारे सामने आए हैं। पहला तो हमने अभी एक फिल्म देखी, ‘हिंदी मीडियम’ और दूसरा इंडियन एक्सप्रेस में आज दिव्या...

  • लेखनी कब तक कठघरे में

    लेखनी कब तक कठघरे में

    साहित्य सिर्फ समाज का दर्पण ही नहीं होता बल्कि समाज को परिष्कृत कर नई दिशा भी सुझाता है….दिखाता है…..पहला कदम बढ़ाता है और इसके लिए साहित्यकार न जाने कितनी रातें और कितने दिन कुर्बान कर मानसिक...

  • देव-वाणी संस्कृत भाषा

    देव-वाणी संस्कृत भाषा

    संस्कृत विश्व की सब से प्राचीन भाषा है तथा समस्त भारतीय भाषाओं की जननी है। संस्कृत का शाब्दिक अर्थ है परिपूर्ण भाषा। संस्कृत पू्र्णतया वैज्ञियानिक तथा सक्षम भाषा है। संस्कृत भाषा के व्याकरण नें विश्व भर...


  • विश्व नागरी विज्ञान संस्थान

    विश्व नागरी विज्ञान संस्थान

    देवनागरी लिपि भारत की प्राचीन और सर्वाधिक भाषाओं में प्रयुक्त लिपि है। भारत के संविधान में हिन्दी भारत की राजभाषा के रूप में अभिमंडित करने के साथ-साथ देवनागरी लिपि को भी स्वीकार किया गया है। यह...



  • मीडिया के बदलते स्वरूप का असर

    मीडिया के बदलते स्वरूप का असर

    भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है और लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मानी जाती है । लोकतंत्र के एक ऐसे स्तंभ रूप में जिसके बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था की कल्पना ही...