Category : भाषा-साहित्य

  • शिक्षा के माध्यम की भाषा – मातृभाषा

    शिक्षा के माध्यम की भाषा – मातृभाषा

    भाषा शिक्षण का क्षेत्र अनुप्रायोगिक है। इसमें विभिन्न विषयों के शिक्षण के लिए जिस भाषा का प्रयोग होता है, वह शिक्षा का माध्यम कहलाती है। शिक्षा का माध्यम अपनी मातृभाषा भी हो सकती है और दूसरी...


  • दोहा है रस-खान

    दोहा है रस-खान

    दोहा विश्व साहित्य का सर्वाधिक पुरातन और प्रभावी छंद है​। यह अतिशयोक्ति नहीं सत्य है कि दोहा ने संभावित युध्दों को रोका है, संकटग्रस्त नारी की अस्मिता बचाई है, पथ-भटके जनों को राह दिखाई है, प्रेमियों...

  • अखबारों की भ्रष्ट भाषा

    अखबारों की भ्रष्ट भाषा

    सुविख्यात वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक ने अखबारों में भ्रष्ट भाषा का जो मुद्दा उठाया है वह प्रासंगिक और सटीक है। इसमें दो राय नहीं कि पिछले कई सालों से हिन्दी की अखबारों में भ्रष्ट...


  • हिंदी अखबारों की भ्रष्ट भाषा

    हिंदी अखबारों की भ्रष्ट भाषा

    आजकल मैं मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों और गांवों में घूम रहा हूं। जहां भी रहता हूं, सारे अखबार मंगवाता हूं। मराठी के अखबारों में बहुत कम ऐसे हैं, जो अपनी भाषा में अंग्रेजी का...

  • हिंदी का एक उपेक्षित क्षेत्र

    हिंदी का एक उपेक्षित क्षेत्र

    हिंदी इस समय एक विचित्र दौर से गुज़र रही है। अनेक शताब्दियों से जो इस देश में अखिल भारतीय संपर्क भाषा थी, और इसीलिए संविधान सभा ने जिसे राजभाषा बनाने का निश्चय सर्वसम्मति से किया, उसे...


  • इंटरनेट पर हिन्दी

    इंटरनेट पर हिन्दी

    इंटरनेट के माध्यम से आज कहानियां, कविता, उपन्यास, शो़ संवाद, ग्रंथ, न्यूज पत्रिकायें, ईबुक्स एवं ईपत्रिका ने अपनी जड़ें मजबूत करने के साथ साथ हिन्दी का प्रचार प्रसार बढ़ाया है, आप कविता या कहानी लिखने हो...