Category : भाषा-साहित्य

  • देव-वाणी संस्कृत भाषा

    देव-वाणी संस्कृत भाषा

    संस्कृत विश्व की सब से प्राचीन भाषा है तथा समस्त भारतीय भाषाओं की जननी है। संस्कृत का शाब्दिक अर्थ है परिपूर्ण भाषा। संस्कृत पू्र्णतया वैज्ञियानिक तथा सक्षम भाषा है। संस्कृत भाषा के व्याकरण नें विश्व भर...


  • कानपुर में हिंदी का ताजमहल

    कानपुर में हिंदी का ताजमहल

    आज मैं कानपुर के तुलसी उपवन में हूं। अब से 36 साल पहले इस उपवन की स्थापना पं. ब्रदीनारायण तिवारी ने की थी। महाकवि तुलसीदास के प्रति तिवारीजी इतने समर्पित हैं, श्रद्धा से इतने भरे हुए...

  • चीन ने बनाया हिंदी को हथियार…!

    चीन ने बनाया हिंदी को हथियार…!

    चीन हमें आर्थिक और सामरिक मोर्चे पर ही मात देने की तैयारी नहीं कर रहा है बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी वह हमें पटकनी मारने पर उतारु है। उसने चीनी स्वार्थों को सिद्ध करने के लिए...





  • व्यंग्य

    व्यंग्य

    व्यंग्य में इतनी आपाधापी,अंतर्विरोध क्यो है ?हम आगे बढ़ने के बजाय कदमताल क्यों करने लगते हैं। ऐसा क्यों है ? ऐसा व्यंग्य में ही क्यों है ? आखिर व्यंग्य का सही विधान क्या है ? या...

  • हिंदी का विरोध और राजनीति

    हिंदी का विरोध और राजनीति

    हिंदी विरोधी ट्वीटर कैंपेन #NammaMetroHindiBeda (हमारी मेट्रो, हम नहीं चाहते हिंदी) के बाद दो मेट्रो स्‍टेशनों चिकपेट और मैजेस्‍टिक के हिंदी में लिखे गए नामों को 3 जुलाई को पेपर और टेप की मदद से ढक...