Category : भाषा-साहित्य

  • हिंदी अखबारों की भ्रष्ट भाषा

    हिंदी अखबारों की भ्रष्ट भाषा

    आजकल मैं मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों और गांवों में घूम रहा हूं। जहां भी रहता हूं, सारे अखबार मंगवाता हूं। मराठी के अखबारों में बहुत कम ऐसे हैं, जो अपनी भाषा में अंग्रेजी का...

  • हिंदी का एक उपेक्षित क्षेत्र

    हिंदी का एक उपेक्षित क्षेत्र

    हिंदी इस समय एक विचित्र दौर से गुज़र रही है। अनेक शताब्दियों से जो इस देश में अखिल भारतीय संपर्क भाषा थी, और इसीलिए संविधान सभा ने जिसे राजभाषा बनाने का निश्चय सर्वसम्मति से किया, उसे...


  • इंटरनेट पर हिन्दी

    इंटरनेट पर हिन्दी

    इंटरनेट के माध्यम से आज कहानियां, कविता, उपन्यास, शो़ संवाद, ग्रंथ, न्यूज पत्रिकायें, ईबुक्स एवं ईपत्रिका ने अपनी जड़ें मजबूत करने के साथ साथ हिन्दी का प्रचार प्रसार बढ़ाया है, आप कविता या कहानी लिखने हो...



  • भाजपा क्यों लगने दे, यह कलंक?

    भाजपा क्यों लगने दे, यह कलंक?

    उत्तरी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली का नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा है। ये दोनों निगमें ऐसे भयंकर काम करने जा रही हैं, जिन्हें गुरु गोलवलकर या दीनदयाल उपाध्याय देख लेते तो अपना माथा कूट लेते।...



  • यावज्जीवम् अधीते विप्रः

    यावज्जीवम् अधीते विप्रः

    यावज्जीवम् अधीते विप्रः अर्थात् बुद्धिमान व्यक्ति जीवन भर अध्ययन करता है।  ऊपर दिया गया कथन प्राचीन ऋषियों की प्रसिद्ध उक्ति है जो उनकी जीवन – दृष्टि का परिचायक है। मनुष्य और पशु में सबसे बड़ा अंतर उनके...