सामाजिक

हवा में भी वायरस की मौजूदगी वेहद चिंताजनक

अब तक हम सभी यही सोच रहे थे कि वायरस सिर्फ छूने या संपर्क में आने पर फैलता है लेकिन आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ की टीम ने अपने शोध में कोरोना के हवाई संक्रमण की साक्ष्यों  की पहचान की है। उनका यह मानना है कि इतना बड़ा संक्रमण हवा के जरिए ही हो सकता है। […]

सामाजिक

नारी सशक्तिकरण में हिन्दी साहित्य की भूमिका

आज वर्तमान समय में नारी अपनी प्रतिभाओं के माध्यम से जिस प्रकार नई – नई उपलब्धियों को हासिल कर अपने परिवार, जनपद, प्रदेश तथा देश को गौरवशाली बना रही हैं | इसमें नि:संदेह हिन्दी पत्रकारिता के अतिरिक्त हिन्दी साहित्य का भी विशेष योगदान है | नारी की स्वतंत्रता ही नारी सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य है […]

कविता पद्य साहित्य सामाजिक

धूल-मिट्टी

पत्तों पर जमी धूल,चिपटी है उनसे जैसे चिपटा है विकास मानव सभ्यता से.. टूट-टूटकर मिट्टी बदल गयी है धूल में, ये वही मिट्टी है जो बांध लिया करती थी सबको सबसे और जीवन को जीवन से और गढ़ देती थी हम सब की दुनिया आकार देती थी पेड़-पौधों को माँ जैसे वो मिट्टी बस थोड़ी […]

सामाजिक

चलो सब साथ मिलकर विश्व शांति कि कामना करते हाथ उठाए

हे ईश्वर हम चोरी, भ्रष्टाचार, दंगे, बलात्कार और धर्मांधता के आदी तो बन चुके है। अब रहम करो हर कोई अपने स्वजन खो रहे है, कहीं मौत की खबर सुनने के आदी होते रहे-सहे अहसास भी ना खो दें। ये सोचते हुए की होता है, चलता है ज़िंदगी है। कहीं एक दिन ऐसा ना आए […]

सामाजिक

पुरुष परिवार का एक सशक्त स्तंभ है

कितने विमर्श, कितनी तारीफें, कितनी संवेदना लिखी गई है औरतों को लेकर। पर हर कोई भूल चुका है कि मर्द की आँखों में भी नमी होती है जो पलकों पर ही ठहर गई है, एक कतरा भी बहकर परिवार की खुशियाँ तितर-बितर नहीं होने देता। संसार रथ के दो पहिये जब कदम से कदम मिलाकर […]

सामाजिक

कहाँ तक ये मन को अंधेरे छलेंगे उदासी भरे दिन कभी तो ढ़लेंगे

कितना भी इस पंक्तियों को हम गुनगुनाएं पर ज़िंदगी कि आपाधापी से उलझते एक आतंक से उभरे ना उभरे कि, हर कुछ समय बाद समय अपनी करवट बदलता है, और अपना अनमना और स्याही पहलू दिखा देता है। अच्छा है हम इंसानों के भीतर एक शक्ति ईश्वर ने दी है हल्की सी खुशी का भी […]

सामाजिक

डॉ. अंबेडकर की जाति ?

डॉ. भीमराव को ‘आंबेडकर’ (अम्बेदकर) उपनाम महाराष्ट्र के एक ब्राह्मण शिक्षक ने उन्हें अपना उपनाम उस वक़्त दिए,जब छात्र भीम राव स्कूल के शिक्षक, कर्मी, चपरासी और छात्रों के द्वारा छुआछूत व्यवहार से पीड़ित थे और उन्हें सहानभूति की जरुरत थी । इसप्रकार आंबेडकर उपनाम ब्राह्मण के हैं, लेकिन आज उनके सही उपनाम “सकपाल” की […]

सामाजिक

टीकाकरण के लिए जोरदार अभियान – स्पूतनिक वी वैक्सीन को आपातकालीन अनुमति

वैश्विक रूप से महामारी द्वारा दूसरी बार जोरदार और नए सिम्टम्स, नए आयामों के रूप में जनता पर तीव्र गति से अटैक करने के कारण एक बार फिर पूरा विश्व हर क्षेत्र में दुर्दशा की ओर बढ़ रहा है जो काफी चिंताजनक स्थिति है।… बात अगर हम भारत की करें तो भारत में भी पिछले […]

सामाजिक

कम खाओ, गम खाओ

इन सीधे और सरल शब्दों की गहराई में झाँकने पर बहुत ही सुंदर, सार्थक और जीवनशैली को बदलकर जीवनदर्शन को प्रकाशित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। कम खाने से तात्पर्य ठूंस ठूंस कर खाने से बचने की ओर है। क्योंकि अधिकता हर चीज की खराब होती है।कहा भी जाता […]

सामाजिक

जनरेशन गैप की वर्तमान में बढ़ती समस्या – समाधान आपस में ढूंढना जरूरी

भारत के प्रधानमंत्री ने जिस तरह बुधवार दिनांक 7 अप्रैल 2021 को परीक्षाओं के संबंध में तथा सभी अन्य मुद्दों पर छात्रों को अनेक मंत्र दिए वाकई काबिले तारीफ हैं। परंतु यह मंत्र केवल उन छात्र-छात्राओं तक ही सीमित नहीं रहेंगे, अब उसमें पीढ़ियों के भी भाव समाहित हुए हैं। जिस तरह से माननीय प्रधानमंत्री […]