सामाजिक

संघ को जानें उसकी शब्दावली से

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में यूं तो अनेक भ्रांतियां समाज में नित्य प्रति फैलाई जाती रहती हैं कई बार यह भ्रांतियां सायास  फैलाई जाती हैं और कई बार वर्षों से उसके बारे में बनाए जा रहे विपरीत वातावरण के प्रभाव स्वरूप स्वतः  ही लोग अपने मानस पर तैयार कर लेते हैं ।कई बार अनेक […]

सामाजिक

स्त्री वंदनीय है

संपूर्णता, सुंदरता और कामुकता सिर्फ़ पत्रिकाओं में छपी तस्वीर मात्र है “मैं सच्ची, सही और हल्की सी सुंदर स्त्री हूँ” कोई महान या मूर्ति की ऊँचाई सी रचना  नहीं, नांहि छरहरी कमर वाली ललना.. थोड़ी कमनीय काया और नर्म दिल की मालकिन हूँ, धैर्य और धधकती ज्वाला भी लहलहाती है मुझमें.. प्रेम की परिभाषा, स्पंदन और स्पर्श को बखूबी […]

सामाजिक

मोबाइल पर देखी है तितली

हम सब ये बातें करते हैं कि आने वाली पीढ़ी चिड़िया – कौओं को भी नही पहचानेगी, सिर्फ चित्र में देखेंगे । पर जब यह घटित रूप में मैंने अनुभव किया तो बड़ा आश्चर्य हुआ, हम क्या दे रहें हैं अपने नौनिहालों को? मेरे पास मेरी ही सोसायटी के कुछ बच्चे पेंटिंग सीखने आते हैं […]

सामाजिक

साफ सफाई

हमारे जीवन में कई ऐसे काम है जो कर्तव्य की श्रेणी आते है,जैसे अपने परिवार का भरण पोषण करना,बच्चों की देखभाल करना आदि.यह तो हमारे व्यक्तिगत कर्तव्य हैंजिसका निर्वाह हम हर हाल में करते हैं. चाहे समय और परिस्थिति कैसे भी क्यों ना हो.हमे हमेशा हमारे निजी कर्तव्यों का विषेश ध्यान रहता है परंतु कुछ […]

राजनीति लेख सामाजिक

इस माननीय की बात ही कुछ और है !

अनेक सेवा, यथा- स्वास्थ्य के बारे में सोचनेवाले, देश के बारे में सोचनेवाले, पैसे जो आपस में लड़ाता है तो कैशलेश की बात सोचनेवाले, आपके ही रुपये को गुल्लक से निकाल बैंक से जोड़ ‘ब्याज’ दिलाने वाले, जाति से निकलकर देश की बात करानेवाले ऐसे कितने प्रधानमंत्री हुए ? इन 6 वर्षों में एक भी […]

सामाजिक

मोर्चे पर महिलाओं के बढ़ते कदम

  भारत में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश ने महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन और कमांडिंग ऑफिसर के स्तर तक उठने के समान अवसर के लिए रास्ता साफ कर दिया तो उधर पाकिस्तान में पहली महिला जनरल की खबर सुर्ख़ियों में है. दुनिया में आज हर क्षेत्र में महिलायें आगे बढ़ रही है और ऐतिहासिक […]

सामाजिक

रंगभेद

रंगभेद यानी श्वेत अश्वेत (गोरे काले) की लड़ाई न जाने कितने सालों से चली आ रही। इस ज्वलंत मुद्दे को उठा कर उस पर कार्य करने की नेल्सन मंडेला की बेहद ही अहम भूमिका रही है। पर सदियों से चला आ रहा रंगभेद का मुद्दा कभी थमा ही नहीं। जब बैरक ओबामा ने  अमेरिका की […]

लेख सामाजिक

बुढ़ापे तक होती है प्यार-तकरार

नहाय-खाय के साथ दिनांक 7 फ़रवरी से प्यार का पर्व ‘वैलेंटाइन-डे’ शुरू हो गई जो की वास्तविक रूप में 14 फ़रवरी को पूरे नशे में पूरी दुनिया में मनाई गई लेकिन ‘प्यार का पर्व’ यही खत्म नहीं हुआ– ‘मार्केटिंग’ को बढ़ावा देने के लिए ‘उच्च कोटि’ के कारोबारी ने प्यार के इस पर्व में ग्रीटिंग-कार्ड्स […]

लेख सामाजिक

यों नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते क्यों देवता ?

पूरी दुनिया 8 मार्च को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के रूप में मनाए जाने की परंपरा को जारी रखे हुए हैं । पहले तो नहीं, परन्तु अब जब यह सोचता हूँ, तो मुझे ताज़्ज़ुब होती है कि वर्ष के 365 दिनों में सिर्फ 1 दिन ही महिलाओं के नाम क्यों ? क्या एक दिन ही उनके […]

सामाजिक

गरीबों का लक अनलॉक कैसे होता है साहब?

कोरोना काल में  दुनिया वाकई काफी बदल गई . लॉक डाउन अब अन लॉक की ओर अग्रसर है , लेकिन इस दुनिया में  एक दुनिया ऐसी भी है , जो लॉक डाउन और अनलॉक का कायदे से मतलब नहीं जानती . उसे बस इतना पता है कि लगातार बंदी से उसके  जीवन की  दुश्वारियां बहुत […]