सामाजिक

क्या आपको दुसरो को पीड़ा में देख आनंद प्राप्त होता है? 

दुख और सुख दोनों ही जीवन के दो अहम भाग है । इस पूरे ब्रहमांड में हर मनुष्य ने इन दोनों ही चीजों का अनुभव अवश्य किया है । ऐसा कोई जीव नहीं जो भगवान के समक्ष दुख की कामना करता हो । हर कोई यही अपेक्षा करता है कि उनके जीवन में कभी भी […]

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आत्महत्या कोई हल नहीं

“चिंता से बचें सुखी जीवन जिएँ” खुद स्वस्थ रहें,दूसरों को भी प्रेरित करें” …. आज मैं बहुत दिनों बाद ये लेख लिख रहा हूँ पिछला लेख मैंने इसी वर्ष मई में लिखा था कोरोना पर “जेलों में भी हो कोरोना का बचाव” जिसका प्रभाव भी दिखा और आज पूरे पाँच महीने बाद लिख रहा हूँ […]

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अन्न का अपमान न करें

इस विश्व में जितने भी जीवित प्राणी है ,पशु पक्षी है या मनुष्य है | हर जीव परिश्रम करता है तो केवल अपनी उर्जा को मिटाने के लिए | अपनी भूक को दिलासा दिलाने के लिए | व उसके लिए भोजन की अति आवश्यकता होती है | अन्न ही वह पदार्थ है जिसे ग्रहण करने […]

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प्रेम करना एक हुनर है जो सबको नहीं आता।

जॉन एलिया लिखते हैं – “एक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं” मुसलसल किसी से प्यार करना बड़ा कठिन काम है जो अच्छे अच्छे रूमानी शायर भी नहीं कर पाते चाहे यहाँ जॉन एलिया हो या फिर अपनी ही किस्मत से बेमुतासिर परबीन शाकिर। सबके दिल […]

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आस्थात्मक पंचमी

प्रत्येक प्राणियों और वृक्ष -पादपों की पूजा -अर्चना हिन्दू धर्म में ही देखे जा सकते हैं, यह इस धर्म की महान विशेषता है । शाकाहार इस धर्म की उन्नत स्थिति है, किन्तु कई जगह बलि -प्रथा और सवर्ण -अवर्ण में भेद नापाक इरादे लिए भी हैं । सनातन हिन्दू धर्म में अवतार और प्रतीक ‘आस्था’ […]

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कोरोना की आपदा इंसानों पर

कोरोना की आपदा इंसानों पर आगई है। जिससे वो जूझता जा रहा है।वही प्रकृति कई तरह के जीव – जंतु का पोषण कर रही है.साथ ही प्रकृति की आबो हवा निर्मल होगई है। स्वच्छता हर स्थान पर नजर आने लगी है। पृथ्वी के रहवासी संक्रमण से जूझ रहे है.ये संक्रमण को समाप्त करने का लक्ष्य […]

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ऑनलाइन सुनने-सुनाने का चलन 

लॉक डाउन में मोबाइल पर कविता ,गाने ,कहानियाँ सुनाने का चलन जोरो पर है। गानों  की कल्पना,राग,संगीत के साथ गायन की मधुरता कानो में मिश्री घोलती  साथ ही साथ मन को प्रभावित भी करती है |गानों का इतिहास भी काफी पुराना है | रागों के जरिए दीप का जलना, मेघ का बरसना आदि किवदंतियां प्रचलित […]

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डायरी 2019 और फीकी दीवाली 2020 में

उन्नीस से निकल 20 में आने से पहले ही वो ‘विष’ हो गई ! सोचा- अगला मैच ट्वेंटी-ट्वेंटी (20 20) होगा, किन्तु आने से पहले CAA और NRC लिए हंगामा खड़ा हो गया…… असम में घुसपैठी बौरा गए….. बंगाल में तो और….. फिर COVID 19….. कई मित्रों के घर प्रसन्नता ‘अंतरंगता’ लिए आई, तो कई […]

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कानून के साथ लिंग संवेदीकरण महिलाओं के लिए अच्छा साबित हो सकता है

लैंगिक असमानता हमारे समाज में एक दीर्घकालिक समस्या है आज भी महिलाओं के साथ कई तरह से भेदभाव किया जाता है. भारत के सामाजिक संदर्भ में कानूनी रूप से महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त है मगर लैंगिक मुद्दों पर समाज को संवेदनशील बनाने की बहुत आवश्यकता है ताकि कोई समस्या न हो. महिलाओं को हिंसा, […]

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गाढ़ा प्रेम

स्त्री-पुरूष के प्रेम में वस्तुत: प्रेम तो औरत ही करती है, पुरुष तो प्रेम का भोग करता है । पुरुष में देने का भाव नहीं होता ! वह सिर्फ स्त्री से पाना चाहता है। प्रेम के इस लेने-देने वाले भाव में स्त्री का अस्तित्व दांव पर लगा है। वह अपना दांव पर सब-कुछ लगा देती […]