सामाजिक

प्रेम

एक दूसरे की भावनाओं को समझना दुनिया का सबसे दुष्कर कार्य है । प्रेम की मूल भावना प्रेम को बाहरी रूप में देखना ही नहीं अपितु प्रेम की गहराई में उतरना है । कुछ अनसुलझे सवालों को तलाशना भी प्रेम का ही रूप है । प्रेम को परिधि और शर्तों में बाँधना भी प्रेम का […]

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छुअन अत्याचार/ शारीरिक शोषण

छुअन अत्याचार एक जघन्य अपराध है और यह दिन प्रतिदिन बहुत बढ़ता जा रहा है। अगर हम आज भी नहीं जागे तो यह समस्या हमारे सामने एक दिन अपने भयावह रूप में आकर खड़ी हो जाएगी। आज के बदलते परिवेश में महिलाओं को चारों तरफ़ से आँख खोलकर चलने की ज़रूरत है क्योंकि आज की […]

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डुगडुगी

युवा दिवस पर विशेष ”पबजी की थी लत, मां ने मोबाइल छीनकर तोड़ा तो बेटे ने कर ली खुदकुशी..” ”नाटक देखकर छात्र ने किया खुद के अपहरण का ड्रामा, मांगे ₹20 लाख” और ”साल 2018 में 10,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने ली अपनी जिंदगी, 10 साल में सबसे ज्यादा” जैसे समाचार देख-सुनकर डुगडुगी बहुत चिंतित […]

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पशुओं से बलात्कार : एक मानसिक विकार

अगर मैं कहूं कि बलात्कार एक मानुषिक प्रवृत्ति है तो शायद आप इसे मनुष्य का अपमान समझेंगे। लेकिन अगर आप इसे पाशविक प्रवृत्ति कहेंगे तो यह पशु का अपमान होगा, क्योंकि कोई पशु बलात्कार नहीं करता। नवजातों से, नाबालिगों से, युवतियों से, वृद्धाओं से, यहां तक कि लाशों से बलात्कार की खबरें आती रही हैं। […]

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ललित लेख – मैं जाड़ा हूँ

सबका अपना -अपना मौसम होता है। जिसमें सब अपने मन की करते हैं। जब मौसम की जवानी आती है। सब क़ायनात झुक जाती है। मैं जाड़ा कहलाता हूँ । सबकी तीन अवस्थाओं की तरह मेरी भी तीन अवस्थाएँ होती हैं। बचपन ,यौवन और वृद्धावस्था। शरद ही मेरा बचपन है।बचपन किसे अच्छा नहीं लगता, चाहे वह […]

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नव वर्ष नए संकल्प

नव वर्ष भारतवर्ष में ही नहीं पूरे विश्व में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है मगर नव वर्ष में क्या हमने कभी नव वर्ष के साथ अपनी सोच को बदला,अपने विचारों को अग्रसर किया,अपनी गंदी नियत को साफ किया,बेमतबल के धर्म के नाम पर होने वाले लड़ाई झगड़ों को बंद किया, नहीं बिल्कुल भी नहीं […]

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विधवा

एक विधवा औरत की पूरी जिंदगी जीना, किसी अभिशाप से कम नहीं होता हैं। इन्हें अशुभ और मनहूस मान लिया जाता हैं। इन्हें क्या पहनना है? कैसे रहना हैं? कहाँ जाना है?, ये घर परिवार और समाज फैसला करते हैं। थोड़ी रंगीन साड़ी पहन ली, या कुछ शौक श्रृंगार कर ली तो, उसपे व्यंग्य कसे […]

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दक्षिण एशिया के देशों में व्याप्त अंधविश्वास और उससे अपनी जान गंवाते लोग

दक्षिण एशिया के देश यथा भारत,पाकिस्तान, बांग्लादेश,नेपाल,श्रीलंका,म्यांमार आदि देश अभी भी भयंकर गरी़बी,अशिक्षा,अंधविश्वास आदि से बुरी तरह त्रस्त हैं,मसलन अभी पिछले दिनों लगे सूर्यग्रहण में कई समाचार पत्रों में भारत और पाकिस्तान से यह समाचार विस्तृत रूप से सचित्र प्रकाशित हुए कि,जिसमें वहां के अंधविश्वासी लोग अपने शारीरिक रूप से अपंग बच्चों को इस अंधविश्वास […]

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पूस की रात

पूस की रात प्रेमचंद की प्रमुख कहानियों में से एक है. प्रधान मंत्री मोदी ने पिछले दिनों अपने मन की बात में इस कहानी की चर्चा भी की थी. कम जोत वाले एक किसान की हालत क्या होती है, प्रेमचंद से बेहतर भला कौन जान सकता है. यह कहानी आजादी से पहले की है. तब […]

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साल का आखिरी दिन, और नववर्ष का सुस्वागतम्

“यह वर्ष तो बीतने को है। यह वर्ष आपके लिए सुखद रहा होगा ऐसी उम्मीद है। नववर्ष भी आपके लिए सदा शुभ मंगलमय रहे, आपकी उम्मीदें संकल्प पूरे हो ऐसी शुभकामनाऐ ।” चाहे साल का आखिरी दिन हो या जिन्दगी का। दोनों ही हसीन होते हैं। रात को बारह बजने का घंटा बजते ही तारीख […]