Category : सामाजिक






  • अमृत

    अमृत

    अर्धांगिनी साहबा एक दिन गुरदुआरे से आई। अपने हैंड बैग से उस ने छोटी सी एक शीशी निकाली और बोली,” यह लो थोह्ड़ा सा अमृत पी लो, गुरमीत कौर इंडिया से लाइ है और यह अमृतसर...