सामाजिक

निंदक नियरे मत राखिए

कहा जाता है कि हम जिन लोगों की सोहबत में रहते हैं उनके व्यक्तित्व का हमारे व्यक्तित्व पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। जिन लोगों के संपर्क में हम अक्सर रहते हैं उनकी बोलचाल ,भाषा शैली हाव-भाव और आदतों का हम पर काफी गहरा असर होता है इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता ।इसका […]

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“स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर”अभियान

अन्तर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस हर देश में प्रतिवर्ष  सितंबर के तीसरे शनिवार को मनाया जाता है। इस वर्ष 17 सितंबर, 2022 को भारत सरकार अन्य स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समाज के साथ मिलकर भारत के पूरे समुद्र तट पर स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर पर स्वच्छता अभियान चलाएगी। क्योंकि समुद्र और महासागरों से मानवीय जीवन जुड़ा […]

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सुंदर सुरों की नदियाँ जाने किस ओर मुड़ गईं

कभी मेरे देश में बहती बयार से खुशबू आती थी अमन के फूलों की, कौनसा मौसम कत्ले-आम की शमशीर साथ लाया जो रक्त रंजीत कर गया भूमि भारत की… मिले सुर मेरा तुम्हारा तो सुर बनें हमारा इन सुंदर सुरों के सरगम की नदियाँ जानें किस ओर मूड़ गई, टूट गई अपनेपन की लय हरे, […]

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रिश्तों में तकरार की वजह बन रही सोशल मीडिया व मोबाइल

भारत की आजादी और संविधान निर्माण के बाद पहली दफा ऐसा हुआ कि पंचवर्षीय पंचायती राज व्यवस्था का चुनाव 7 वर्षों बाद होने जा रहा था; प्रत्याशी से लेकर मतदाता हर कोई एक अलग ही उल्लास में नजर आ रहा था ; आखिर इतने दिनों बाद मतदान करने और चुनाव जीतने का सौभाग्य जो प्राप्त […]

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अपने डॉक्टर

आज डॉक्टर्स  डे है,आज के दिन यदि एक शल्यचिकित्सक को याद नहीं करेंगे तो अपने इतिहास के प्रति अन्याय हो जायेगा।      अपने चारों वेदों के बारे में हम जानते है , यानि कि नाम तो सुना ही हैं हम ने।अथर्ववेद या ऋग्वेद में से किसी एक का एक हिस्सा माना जाता है।  ऋषि […]

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घर के बुजुर्ग उपेक्षित क्यों?

ये घर घर की कहानी हैं जो हरदम हम देख रहें हैं।लेकिन जिम्मेवार कौन,ये प्रश्न हैं तो, हम खुद ही हैं जिम्मेवार आज के इस प्रश्न के।वो कहानी थी न,ससुर को वृद्धाश्रम भेज ने के लिए बहु खुशी खुशी समान बटोर रही थी जैसे बेटी का दहेज, लेकिन जब कंबल हाथ में लिया तो उसे […]

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मोह कभी-कभी घातक भी होता है

आज दिल वेदना से भरा हुआ इस कदर घायल हो चुका था कि अपने जज्बातों को रोकना पा रहे हैं और अपनी वेदना ओं को कलम के जरिए आप सभी तक पहुंचाने के लिए मेरी कलम ने मुझे मजबूर कर दिया मेरी वेदना का कारण आज सिर्फ मोह है , मोह भी एक ऐसी चीज […]

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वृद्धाश्रम की वेदना

सिसकती है कई ज़िंदगीयां उस दोज़ख के भीतर एक गुमनाम सी उम्र ढ़ोते, सुलगती है ममता और वात्सल्य पिता का ज़ार-ज़ार रोते.. मन को झकझोरने वाले द्रश्य पनपते है कलयुग के कारीगरों की करतूतों को उजागर करते, वृद्धों की आँखों से पश्चाताप छलकता है असुरों को पैदा करने की सज़ा पाते..उस जननी के ख़्वाबगाह से बहते […]

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क्यों नारी को हीन बनाया बनाया गया

हमारे देश में नारी की आदि  काल से ही देवी रूप में पूजी जा रही हैं उसी देश में नारी का सम्मान का हनन,मानसिक और शारीरिक रूप से सालों से होता रहा हैं।जिसमे सिर्फ मां सीता या द्रौपदी ही नहीं अनेक नारियां हैं जिनके बारे में हम ज्यादा कुछ जानते ही नहीं।अहिल्या शीला क्यों बनी?दत्तात्रेय […]

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आओ रिश्तों की खुशबू में नहाएं

सृष्टि रचना कर्ता ने सृष्टि में मानवीय प्राणी की रचना कर उसके जीवन में अनेकों खूबसूरत श्रेष्ठ गुणों की खान को भी उसकी उम्र रूपी जीवन में संलग्न कर दिया है ताकि अपनी कुछाग्र बुद्धि के बल पर उसका उपयोग कर सकें, जिसने नहीं किया उसका जीवन नीरसता से भरता है। जिसने उपयोग किया वह […]