Category : सामाजिक

  • हम ज़िदा कब थे?

    हम ज़िदा कब थे?

    हम ज़िंदा कब थे? अगर हम ज़िंदा होते तो किसी औरत को बलात्कार नहीं सहते किसी व्यक्ति की निंदा नहीं करते भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाते न कि उसमे भागीदारी बनते अगर हम ज़िंदा होते तो...



  • सदाचार बनाम समलेंगिकता

    सदाचार बनाम समलेंगिकता

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैगिंकता को धारा 377 के अंतर्गत अपराध करार दिया गया था। यह मामला फिर से कोर्ट में पुनर्विचार के लिए आया है। अपने आपको सामाजिक कार्यकर्ता कहने वाले, आधुनिकता का दामन थामने वाले...