सामाजिक

बुढ़ापा और औलाद

आज की संतान बहुत सब्र की बहुत कमी है जवानी में कदम रखते ही उन्हें बुजुर्गो की तरह सत्ता चाहिए ! वे यह भूल जाते है की यह प्रक्रिया समयानुसार स्वत: चलित होती रहती है और ऊनके बुजुर्ग होने पर उन्हें उसी प्रकार प्राप्त हो जाती है लेकिन उन्हें अपनी अस्मिता खतरे में नजर आतीहै। […]

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एक और (अ)संत रामपाल

हिसार, हरियाणा पुलिस ने स्वयंभू संत रामपाल को आखिर में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया| फ़िलहाल वह पूछ ताछ के लिए पुलिस की निगरानी में है. उसकी गिरफ्तारी से पहले जो भी नाटक हुए उससे पूरा देश परिचित है. बीमारी का बहाना बनाकर कोर्ट और पुलिस से बचने का नाटक करनेवाले रामपाल पूर्णत: […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

फलित ज्योतिष पाखंड मात्र है

ज्योतिष के नाम पर विभिन्न प्रकार के प्रपंच समाज में देखने को मिलते हैं। वर्तमान में शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा भीलवाड़ा के ज्योतिषी नाथू लाल व्यास को हाथ दिखाने की खबर मीडिया में जोर शोर से उठ रही हैं। विपक्ष देश के शिक्षा मंत्री को सलाह दे रहा हैं कि उन्हें वैज्ञानिक सोच को […]

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जुकाम की दवा है रूमाल

शीर्षक पढ़कर चौंकिए मत. यह पूरी तरह सत्य है. सर्दी के मौसम में आम तौर पर होने वाले जुकाम का पूरा और पक्का इलाज आप केवल अपने रूमाल से कर सकते हैं. इसे यों समझिये कि हमारे शरीर में तीन दोष होते हैं- कफ, वात और पित्त. जब तक ये तीनों संतुलन की अवस्था में […]

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महर्षि दयानन्द, उनके प्रमुख कार्य और सर्वहितकारी ग्रन्थ

महर्षि दयानन्द प्रज्ञाचक्षु दण्डी गुरू स्वामी विरजानन्द सरस्वती के योग्यतम शिष्य थे। उन्होंने नवम्बर, 1860 से लगभग 3 वर्ष तक उनसे आर्ष व्याकरण एवं वैदिक ग्रन्थों का अध्ययन किया। उनके अध्ययन का उद्देश्य सत्य का अनुसंधान कर सृष्टि के अनेक यथार्थ रहस्यों को जानना था। वह जानना चाहते थे क्या ईश्वर है और यदि है […]

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मनुष्य जीवन का सर्वहितकारी उद्देश्य सत्याचरण

सत्य और असत्य दो शब्द हैं। सत्य किसी पदार्थ का वह स्वरूप होता है जो कि यथार्थ में वैसा ही हो। हम जल के स्वरूप पर विचार करते हैं। जल एक द्रव पदार्थ है। शुद्ध जल रंग रहित होता है। जल का गुण शीतलता प्रदान करना है। इसमें गर्मी का होना अग्नि तत्व के जल […]

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ये कैसी न्याय व्यवस्था ?

संत रामपाल की गिरफ्तारी के लिये सुप्रीम कोर्ट की राज्य सरकार को फटकार l संत रामपाल जैसे तथाकथित संतों को सजा मिलनी ही चाहिये, हम सब यही चाहते हैं l लेकिन यही सुप्रीम कोर्ट इमाम बुखारी के मामले में क्यों चुप्पी साध लेती है ? उसके खिलाफ भी तो सैकडों वारंट जारी हो चुके हैं […]

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यात्रा और पर्यटन से धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक लाभ

जब हम किसी उद्देश्य से एक स्थान से अन्य दूरस्थ स्थान पर जाते हैं तो घर से निकल कर घर वापिस लौटने तक भ्रमण किये गये स्थानों पर जाने को हम यात्रा का नाम देते हैं। यात्रा के अनेक उद्देश्य हुआ करते हैं। जैसे बच्चे सुदूर स्थानों पर रहने वाले अपने माता-पिता, दादी-दादा व नानी-नाना […]

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लेख : बाल -मजदूर

बालश्रम या बाल मजदूरी एक सामाजिक बुराई है , जो आज की भयंकर त्रासदी बनते जा रही है | इससे बच्चों का ही नहीं बल्कि देश का विकास भी प्रभावित होता है | बालमजदूरी कई बार परिवार की मजबूरी और जरुरत बन जाती है | कई बार ऐसा भी होता है कि गरीबी और आर्थिक तंगी […]

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भारतीय संस्कृति पर सीधा हमला है ‘किस आफ लव’

आजकल सोशल मीडिया में एक और चर्चा चल रही है वह है केरल के कोच्चि से शुरू हुआ किस आफ लव अब पूर्णतः राजनैतिक होता जा रहा है और यह साफ पता चल रहा है कि किस आफ लव के आयोजन का एकमात्र उददेश्य केवल और केवल हिंदू संस्कृति की परम्पराओं और मान्यताओं को तहस […]