Category : सामाजिक





  • लेख

    लेख

    चिंता मानव स्वभाव का अभिन्न अंग है। अधिकतर लोग अधिकांश समय चिंता से घिरे रहते हैं। भविष्य में उत्पन्न हो सकने वाली कठिनाइयों की चिंता। हमारी उर्जा का एक बड़ा भाग इसी चिंता में व्यय होता...




  • कुछ तो चल रहा है

    कुछ तो चल रहा है

    कुछ तो चल रहा है। कुछ तो ऐसा है, जिसके कारण लोगों ने आक्रोश दिखाया है। पिछले साल से ही एक बीमारी आई है, कमाल है इस बीमारी का नाम और इलाज भी पता है, लेकिन...

  • लेख

    लेख

    जीवन जीने के दो ही मार्ग हैं, प्रथम लोगों की बातों पर ध्यान न देकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहो एवं द्वितीय लोगों की बातें सुनने और उन्हें उत्तर देने में अपना अमूल्य समय नष्ट कर...