Category : सामाजिक



  • सदाचार बनाम समलेंगिकता

    सदाचार बनाम समलेंगिकता

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैगिंकता को धारा 377 के अंतर्गत अपराध करार दिया गया था। यह मामला फिर से कोर्ट में पुनर्विचार के लिए आया है। अपने आपको सामाजिक कार्यकर्ता कहने वाले, आधुनिकता का दामन थामने वाले...