लेख सामाजिक

पुरुष और स्त्रियों में एक-दूसरे से संबंध कितनी और क्यों हो ?

फेमिनिज्म क्या है ? पुरुषों के संसर्ग स्त्रियों का न रहना या पुरुष नाम से ही चिढ़ होना या पुरुषों के डिक्टेटरशिप या दादागिरी से मुक्ति पाना ! लोग फेमिनिज्म की बात करते हुए ‘पत्नियों पर नोट्स’ लिख डाले हैं । आखिर क्यों जरूरत पड़ी- पत्नियों पर नोट्स लिखने की ? शादी ही नहीं करते […]

सामाजिक

चार व्यापार-जो लॉकडौन के बाद सबसे तेजी से बढ़ेंगे

आज कोरोना महामारी के कारण हमे जो नुकसान हुआ हैं इसकी भरपाई की जिम्मेदारी जितनी सरकार की हैं उतनी हमारी भी है। किसी भी देश को आगे ले जाने में वहाँ रहने वाले लोगों का सबसे बड़ा योगदान होता हैं। आज के इस बिगड़े हुए हालात में अब ये हमारी जिम्मेदारी बनती हैं कि हम […]

सामाजिक

लड़की या संपत्ति

एक लड़की की जिंदगी घर से शुरू होकर घर पर ही खत्म हो जाती है ।आज भी एक लड़की की पढ़ाई लिखाई से ज्यादा उसके घर के कामों को महत्व दिया जाता है ।उसकी ईमानदारी से ज्यादा उसके रूप और सौंदर्य को ज्यादा अहमियत दी जाती है । शादी से पहले एक हँसती खिलखिलाती लड़की […]

लेख सामाजिक

पोर्न अभिनेत्री और फ़िल्म अभिनेत्री में अंतर !

पोर्न अभिनेत्री और फ़िल्म अभिनेत्री में अंतर ! वेश्या और फिल्म अभिनेत्री में अंतर ! श्री घीसाराम शर्मा लिखते हैं कि वेश्या और फिल्म अभिनेत्री में क्या अंतर है? फेसबुक पर किसी की एक पोस्ट पर गरमागरम बहस के दौरान एक बुद्धिजीवी पुरूष ने किसी से पूछा- “आपकी नजर में एक वेश्या और एक फिल्म […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म सामाजिक

सतरंगी समाचार कुञ्ज-26

(अनोखे विवाह विशेष कड़ी) आप लोग जानते ही हैं, कि ‘सतरंगी समाचार कुञ्ज’ में सात रंगों के समाचार हम लिखते हैं, शेष रंगों के समाचार कामेंट्स में आपकी-हमारी लेखनी से लिखे जाएंगे. आइए देखते हैं इस कड़ी के सात रंग के समाचार, इससे पहले इस कड़ी के बारे में एक जरूरी बात. इस कड़ी के […]

सामाजिक

संघ को जानें उसकी शब्दावली से

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में यूं तो अनेक भ्रांतियां समाज में नित्य प्रति फैलाई जाती रहती हैं कई बार यह भ्रांतियां सायास  फैलाई जाती हैं और कई बार वर्षों से उसके बारे में बनाए जा रहे विपरीत वातावरण के प्रभाव स्वरूप स्वतः  ही लोग अपने मानस पर तैयार कर लेते हैं ।कई बार अनेक […]

सामाजिक

स्त्री वंदनीय है

संपूर्णता, सुंदरता और कामुकता सिर्फ़ पत्रिकाओं में छपी तस्वीर मात्र है “मैं सच्ची, सही और हल्की सी सुंदर स्त्री हूँ” कोई महान या मूर्ति की ऊँचाई सी रचना  नहीं, नांहि छरहरी कमर वाली ललना.. थोड़ी कमनीय काया और नर्म दिल की मालकिन हूँ, धैर्य और धधकती ज्वाला भी लहलहाती है मुझमें.. प्रेम की परिभाषा, स्पंदन और स्पर्श को बखूबी […]

सामाजिक

मोबाइल पर देखी है तितली

हम सब ये बातें करते हैं कि आने वाली पीढ़ी चिड़िया – कौओं को भी नही पहचानेगी, सिर्फ चित्र में देखेंगे । पर जब यह घटित रूप में मैंने अनुभव किया तो बड़ा आश्चर्य हुआ, हम क्या दे रहें हैं अपने नौनिहालों को? मेरे पास मेरी ही सोसायटी के कुछ बच्चे पेंटिंग सीखने आते हैं […]

सामाजिक

साफ सफाई

हमारे जीवन में कई ऐसे काम है जो कर्तव्य की श्रेणी आते है,जैसे अपने परिवार का भरण पोषण करना,बच्चों की देखभाल करना आदि.यह तो हमारे व्यक्तिगत कर्तव्य हैंजिसका निर्वाह हम हर हाल में करते हैं. चाहे समय और परिस्थिति कैसे भी क्यों ना हो.हमे हमेशा हमारे निजी कर्तव्यों का विषेश ध्यान रहता है परंतु कुछ […]