Category : सामाजिक


  • आत्ममंथन

    आत्ममंथन

    किसी इंसान की ज़िंदगी का वह दौर सबसे भयावह होता है जहाँ पूरी दुनिया की भीड़ मिलकर भी उसकी तन्हाई दूर नही कर पाती। उसके चारों ओर हँसते हुए चेहरे उसको रोने के लिए उत्साहित करते...

  • दूसरा प्यार

    दूसरा प्यार

    जब आप किसी का दूसरा प्यार होते हैं तब आपसे उम्मीदें कम होती हैं और आपका काम ज्यादा। आपके हिस्से नही आता वो बेइंतहा प्यार जिसकी आप अपने प्रेमी/प्रेमिका से उम्मीद करते हैं। आपकी किसी कोशिश...


  • सोनाक्षी सिन्हा जी

    सोनाक्षी सिन्हा जी

      20 सिंतबर की रात के समय अपने सारे कार्यो से निबट कर रोज की तरह कोन बनेगा करोड़पति देखने बैठ गया।हर बार के शुक्रवार की तरह इस बार भी कोई सामाजिक कार्य एवं लोगो की...


  • स्वार्थी मानसिकता

    स्वार्थी मानसिकता

    जैसा कि हम सभी जानते है पढ़ने से व्यक्ति की आलोचनात्मक चेतना  विकसित होती है, जिससे वह निजी और सामाजिक स्तर पर परिवर्तनकारी काम कर सकता है।अफसोस तब होता है जब लोग पढ़ने की प्रक्रिया को...