Category : सामाजिक

  • डोलू में बैठा भगवान

    डोलू में बैठा भगवान

    नंगे पाँव, मैला जिस्म उस पर लटकता फटा कुर्ता और कमर से सरकती फटी निक्कर हाथ में छोटा डोलू और डोलू में बैठा भगवान तुतलाती आवाज़ बगवान के नाम कुछ दे दे अँकल हाथ में भगवान...

  • धर्माचरण

    धर्माचरण

    धैर्य क्षमा संयम चोरी न करना पवित्रता और इन्द्रिय निग्रह आदि को धर्म के दस लक्षण बताया गया है। इन लक्षणों को जीवन का अंग बना लेना ही धर्माचरण हैं कर्मों की पवित्रता ही सच्चा पूजापाठ...



  • कर्मफल

    कर्मफल

    कर्म करना मनुष्य का काम है जिसे त्यागने पर वह जीवित नहीं रह सकता है। जीवन का आधार ही कर्म है। प्राणियों द्वारा सांस लेने की व छोड़ने की क्रिया इन्द्रियों और शरीर के अन्य कार्य...


  • पात्रता

    पात्रता

    उपदेशक अनेक श्रोताओं को समान रूप से उपदेश देते हैं परन्तु उनमें से कुछ लोग ही सार्थक तत्त्व ग्रहण कर पाते हैं और इस ग्रहण करने में भी अन्तर होता है। यह बात लोगों की पात्रता पर...