लेख विविध संस्मरण

बिजली ग्रिड की उपादेयता

6 जुलाई 2018 को कटिहार ज़िले के मनिहारी अंचलान्तर्गत बहुप्रतीक्षित नवाबगंज विद्युत सब-स्टेशन चालू हुई थी, जिनसे लो-वोल्टेज़ समस्या तो दूर हुई, किन्तु 1 मिनट में कभी-कभी 10-15 बार बिजली कट जाती है, जिससे बिजली बल्ब फ्यूज़ हो रहे हैं, तो अन्य यांत्रिक सामान खराब हो रहे हैं ! स्थाईवासी होने के नाते नवाबगंज विद्युत […]

समाचार

राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान में गुरु पूर्णिमा पर महाकवि सम्मेलन संपन्न

राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान(रजिं) , मुख्य शाखा हरियाणा के तत्वधान में ऑनलाइन महाकवि सम्मेलन संपन्न हुआ ! 5 जुलाई 2020 रविवार को पूरे भारत के 86 कवियों द्वारा गुरु की महिमामंडन का अपनी रचनाओं द्वारा अलग-अलग तरीकों एवं अलग-अलग अंदाज में किया गया संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवल पाल प्रभाकर ‘दिनकर’ जी के उपस्थिति में […]

लेख विविध

लॉउडस्पीकर से अध्यापन

अध्यापन के शुरुआती दौर में लाउडस्पीकर से प्रचार-प्रसार करने पर एतदर्थ छात्रों की भीड़ विद्यालय में होने के कारण व्यापक रूप से कोचिंग क्लासेस प्रभावित हुई, तब कोचिंग संचालकों से मुझे जान से हाथ धो लेने की धमकी भी मिली, जिनकी शिकायत मैंने तत्काल सक्षम प्राधिकार से किया, किंतु सहयोग नहीं मिला. विद्यालय में छात्रों […]

लेख विविध

अध्यापन के नए नवाचार

1. सदानंद पॉल की गणितडायरी, 1700 से अधिक सूत्र, तो अब एक अंकगणित को ट्रिकी मैथड से 5124 तरीके से बनाना, 2. सर्वशक्तिमान श्री शब्द पर फ़ोकस, हिंदी शब्द श्री को 20500912 तरीके से लिखना, 3. हिंदी वर्णमाला को अद्भुत तरीके से बताना, 4. स्वरचित कविता-पाठ कराकर, 5. सही उच्चारण बताने के लिए लोकल भाषा […]

हास्य व्यंग्य

तरल पदार्थ

चुनाव की ऋतु थी, वैसे ही जैसे प्रेम करने की ऋतु होती है, गोलमाल करने की ऋतु होती है, रिश्वत लेने की ऋतु होती है और घी में डालडा और डालडा में चूना मिलाकर बेचने की ऋतु होती है I इसे आप मौसम भी कह सकते हैं I क्षेत्र के सर्वमान्य और सर्वव्यापी नेताजी कुमार […]

हास्य व्यंग्य

घोटाले का समाजशास्त्र

अपने देश में जब से घोटालों का धारावाहिक आरंभ हुआ है तब से रिश्वतजीवियों की बची – खुची अपराध भावना भी जाती रही है I कल की ही बात है , गुप्ता जी मिल गए I वे हमारे पुराने परिचित हैं , एक सरकारी विभाग में क्लर्क है I रिश्वत के बिना किसी फाइल को […]

हास्य व्यंग्य

भोग- विलास पार्टी का घोषणा पत्र

आजकल जिसे देखो सरकार को गाली देता रहता है जैसे सरकार न हुई, गाँव की भौजाई हो गई I ‘अहर्निशं घूसम प्रियम’ के प्रति अखंड निष्ठा रखनेवाले अधिकारी भी भ्रष्टाचार का रोना रोते हैं I बालू के पुल बनानेवाले ठेकेदार, कमीशनखोर आधुनिक विश्वकर्मा अभियंता, निर्दोष नागरिकों पर बेवजह डंडे बरसानेवाले पुलिस अधिकारी, फाइलों पर कुंडली […]

लेख विविध

इंटरनेट युग में भी पुस्तकों की माँग पूर्व की भाँति

इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक युग में प्रिंट व मुद्रित पुस्तकों की महत्ता अब भी बरकरार है । अभी राजधानी पटना में पुस्तक-मेला चल रही है । हरतरह के मेले की भाँति पुस्तक-मेले की अवधारणा जिस किसी विद्वान ने की होगी, वे सचमुच में बधाई के पात्र हजिसतरह से विविध भाँति के मोबाइल फोन होने से डाकघरों […]

लेख विविध

कोई भी संविधान से ऊपर नहीं हैं !

मई 2017 में प्रकाशित आलेख “न्यायाधीश को सजा पर सवाल” (लेखक श्री विराग गुप्ता) में कई बिम्ब उभर कर आते हैं, बावजूद जो लोग भारतीय संविधान को लचीला और कमजोर मानते आ रहे थे, उन्हें किसी उच्च न्यायालय के कार्यरत न्यायमूर्ति को मिले 6 माह की जेल की सजा -से एक सबक जरूर लेना चाहिए […]

हास्य व्यंग्य

आत्मनिर्भरता की गाथा

आज आत्मनिर्भर शब्द सुनकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो धरती पर स्वर्ग का रचना होने वाला है। भारतीय नेताओं के मुंह आत्मनिर्भर सुनकर आज मन बहुत प्रसन्न हो रहा है, राजनीति आत्मनिर्भरता शब्द में आत्मा का नामोनिशान नहीं है। निर्भरता तो पूर्वजों की एक अमानत और संस्कृति है। हमारे समाज के लोग हमेशा नजर उठाए […]