विविध

खरी-खोटी

क्या अभिनेता ‘सलमान खान’ हिन्दू हैं? क्योंकि प्रधानमंत्री राजीव गाँधी भी हिन्दू थे ! •••••• क्या ‘महात्मा गाँधी’ का जन्म 13 सितम्बर 1868 को हुआ था ? एक रिसर्च ! •••••• आज चौक पर अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई, एक 71 वर्षीय बुजुर्ग बड़ी चुभीली अंदाज़ में ‘भजन’ गा रहे थे, उसी समय कॉलेज जाने […]

हास्य व्यंग्य

पीटी, मेंस, इंटरव्यू

मैंने एक पोस्ट किया….. ‘हम आपके हैं कौन?’ उत्तर में एक भी लाइक नहीं ! हाँ, एक बंधु कुमार गौरव धर्मा का जवाब यह आया, वह पढ़िए- ‘गुरुवर, मेंस पर ध्यान दीजिए और हमारे अपने गांव का नाम रोशन कीजिए । आप लोग से उम्मीद है!’ मेरा काउंटर कमेंट पढ़ने लायक हो अथवा नहीं, किन्तु […]

पुस्तक समीक्षा

मानवीय संवेदनाओं का आईना लघु फिल्म “अंटू की अम्मा” रिलीज़

समाज के बदलते सरोकार और मर्यादाओं की असामयिक मौत आज के युग की भयावह त्रासदी है।सुकेत संस्कृति साहित्य एवं जन कल्याण मंच के अध्यक्ष डाक्टर हिमेन्द्र बाली हिम का कहना है कि दृष्टि में बसे स्वहित की शूद्र सोच को बेनकाब करती फिल्म अंट्टू की अम्मा में गाय जैसे निरीह व मूक जीव के प्रति […]

विविध

प्रेम-: एक अहसास

माता-पिता, आचार्य, भाई-बहन, पुत्र-पुत्री, पत्नी, मित्र, पेड़-पोधौ, जानवरों से या फिर पालतू पशुओं से लगाव ही प्रेम है। प्रेम व्यक्ति कि ऐसी भावना है,जो उसे व्यक्ति से व्यक्ति को मिलाकर अपनत्व को स्थापित करता है। परन्तु वर्तमान में प्रेम को कई व्यक्ति नकारात्मक रूप में लेते है,जो कि प्रेम का न तो आस्वादन कर पाते […]

विविध

विचारों की पिटारी

विश्वसृजक विश्वकर्मादेव के पूजनदिवस एवं नवभारत के सृजक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर सादर नमन ! •••••• ‘नास्तिकता’ पर महान ‘पेरियार’ के ठोस विचार…. भारत के सुकरात श्रीमान ‘पेरियार’ के जन्मदिवस पर सादर नमन…. •••••• ‘इश्क़’ और ‘एकांत’ यानी चोर- चोरनी सलहज-नंदोशी ! •••••• भारतीय संविधान के अनुच्छेद- 19 (1) (क) में हमें […]

विविध

नवभारत के नवसृजक श्री नरेन्द्र मोदी

सृष्टि अभियंता श्रद्धेय विश्वकर्मा और भारत के प्रधान अभियंता श्रीमान् नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस ( 17 सितम्बर ) की अनंत शुभमंगलकामनाएं ! सनातन धर्म और धर्मग्रंथ के परम्परानुसार बांग्ला सम्वत् का संक्रांति तिथि ग्रेगेरियन कैलेण्डर की माह की कुछ तिथियाँ लिए नियत है, जैसे- 14 जनवरी, 13 अप्रैल, 16 अगस्त, 17 सितम्बर। तिथि 17 सितम्बर […]

पुस्तक समीक्षा

विभिन्न भावों से अलंकृत रचनाओ का समावेश – “लम्हो की खामोशियाँ”

‘लम्हों की खामोशियाँ’ शाहाना परवीन का प्रथम काव्य संग्रह है । शाहाना जी को बचपन से ही साहित्य में विशेष रूचि थी ।उनके पिताजी सदैव ही उनके लिए प्रेरणा स्रोत रहे। जो अब इस दुनिया में नहीं है। किंतु अपने विचारों और व्यक्तित्व की छाप और प्रभाव शाहाना जी पर छोड़ गए हैं ।शाहाना जी […]

विविध

माट सा

भारत रत्न प्रातःस्मरणीय ब्रह्मलीन आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी से बिछुड़े हुए 2 वर्ष से ऊपर हो गए। ब्रह्मलीन दादा जी के लिए ‘बाल’ दान के बाद अब मेरे सिर पर ‘बालों’ के अंकुरण बढ़ रहे हैं। यादों में सदैव रहने के लिए आपको पुनः – पुनश्च प्रणाम ! •••••• एक व्यक्ति ‘माट’सा’ कह शब्दों […]

समाचार

भारत-भारती से सम्मानित हुए रुपेश

बिहार के सिवान जिले के चैनपुर गाँव के मध्यवर्गीय परिवार में जन्मे व भौतिक विज्ञान के छात्र रूपेश कुमार, पुत्र- श्री भीष्म प्रसाद, को “राष्ट्रिय आंचलिक साहित्य संस्थान”, हरियाणा द्वारा निस्वार्थ साहित्य सेवा के लिये पूरे भारत से पाँच साहित्यकारो मे जिनमें रुपेश कुमार को भी “भारत भारती” सम्मान से नवाजा गया ! विश्व जनचेतना […]

समाचार

आदित्य संस्कृति पत्रिका के डॉ अवध विशेषांक का विमोचन

दतिया। मध्यप्रदेश से प्रकाशित होने वाली हिंदी मासिक पत्रिका आदित्य संस्कृति नामचीन पत्रिकाओं में से एक है। इस पत्रिका का वर्तमान अंक सुविख्यात साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और अभियंता डॉ अवधेश कुमार अवध के साहित्यिक अवदान एवं सामाजिक सहभागिता पर आधारित है। कोविड-19 की बाध्यता को देखते हुए इसका विमोचन आनलाइन किया गया। उत्तर प्रदेश के […]