समाचार

संजय वर्मा “दॄष्टि” को सम्मान

श्री रामतत्व सम्मान संजय वर्मा”दॄष्टि” को शब्द सुरभि साहित्य कला विकास ट्रस्ट दाहोद एवं श्री राम कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लि.दाहोद(गुजरात) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित”श्री रामतत्व” स्वरचित काव्य स्पर्धा में मनावर जिला धार मप्र के संजय वर्मा”दृष्टि” द्वारा प्रतिभागी बनकर सहयोग प्रदान किया।ट्रस्ट एवं सोसायटी अभिवादन,अभिनन्दन कर उन्हें शब्द सुरभि साहित्य कला विकास ट्रस्ट के […]

समाचार

त्रिदिवसीय वर्धा साहित्‍य महोत्‍सव

वर्धा, 28 अप्रैल, 2022 : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में अमृतलाल नागर सृजनपीठ की ओर से 26- 28 अप्रैल को आयोजित वर्धा साहित्‍य महोत्‍सव के संपूर्ति सत्र की अध्‍यक्षता करते हुए विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने कहा कि वर्धा साहित्‍य महोत्‍सव भारतीय साहित्‍य को आगे ले जाने की दिशा में नंदादीप का काम करेगा। संपूर्ति समारोह में गुजरात […]

हास्य व्यंग्य

तेल लगाने की कला (व्यंग्य)

तेल लगाना एक ललित कला है. यदि आलोचकों ने इसे ललित कला में शामिल नहीं किया है तो भी यह ललित कला है. इस आभासी तेल में बहुत फिसलन होती है. इस तेल में बड़े-बड़े लोग खड़े–खड़े फिसलते देखे गए हैं. ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के तेल में पूरियां तलनेवाले अधिकारी भी इस चिकनाई में चारों […]

समाचार

राष्ट्रकवि दिनकर की पुण्य तिथि पर आयोजित अंतस् की 33 वीं काव्य गोष्ठी

24 अप्रैल को ऑनलाइन आयोजित अंतस् की 33 वीं काव्य गोष्ठी में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को उनकी पूण्य तिथि पर स्मरण किया। मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूँ मैं उर्वशी अपने समय का सूर्य हूँ मैं इन जैसी असंख्य अविस्मरणीय पंक्तियों के रचयिता दिनकर जी को तथा गत सप्ताह में गोलोक को सिधारीं […]

हास्य व्यंग्य

धर्म

कौन धर्म,कैसा धर्म,किसका धर्म? कहां बचा है धर्म? व्यक्ति से लेकर परिवार तक खेत से लेकर खलिहान तक जाति से लेकर समाज तक मंदिर की घंटियों से लेकर मस्जिदों की अज़ान तक विश्वास ही नहीं अविश्वास तक अपने और परायों तक हर जगह धर्म का क्षरण हो रहा है, जैसे धर्म धर्म नहीं संक्रमण हो […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य – यूँ तो नजर…

यूँ तो नजर कई तरह की होती है जिसके निश्चित प्रकार गिने नहीं जा सकते, पर हाँ आज हम कुछ नजरों के बारें में चर्चा करते हैं । एक नजर से परिचय सर्वप्रथम बचपन में माँ ने कराया, जब हम नयें कपड़े पहनकर घर से बाहर निकलते तो माँ कहती – मेरे कान्हा को किसी […]

पुस्तक समीक्षा

मैं किस किस का बालम

गुदगुदाने वाले संस्मरणों और “मैं किस किस का बालम” नाम वाले संस्मरण संग्रह में कुल छब्बीस संस्मरणों को समाहित कर पुस्तक रुपए में प्रकाशित संग्रह को वयोवृद्ध लेखक जगदीश खेतान जी ने अपने माता पिता स्व. जमुना देवी और स्व.छेदी लाल जी को समर्पित कर बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है। विभिन्न विषयों पर […]

विविध

पत्र

प्रिय बहन स्नेहिल आशीर्वाद विश्वास है कि तुम सपरिवार स्वस्थ प्रसन्न होगी। विगत काफी समय से तुम्हारा कोई समाचार नहीं मिला। जिससे चिंता हो रही है। तुम किसी बात का जबाव भी नहीं दे रही हो। समझ में नहीं आता ऐसा क्यों है? अगर कोई नाराज़गी या शिकायत है भी ,तो तुम्हें बोलना चाहिए था। […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य – ‘मारदेव’ की मार

संसार में ‘मार’ की विकट मार भी अनंत है।इससे नहीं बचा कोई संत या असंत है।जैसा उसका नाम है। वैसा ही उसका काम है।इस भूमंडल पर इसीलिए उसका नाम है। उसी से सृजन है, संसार है। पर ‘मार’ की मार खाने के बाद मनुष्य कहता; ‘ये दुनिया असार है।’ बेचारा इंसान कितना लाचार है।फिर भी […]

समाचार

संजय वर्मा “दॄष्टि ” सम्मानित

साहित्य सेवा के निरंतर कार्य के लिए वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकार्ड में संजय वर्मा “दॄष्टि ” का नाम दर्ज अंतरराष्ट्रीय संग़ठन  वर्ल्ड  ग्रेटेस्ट रिकार्ड ऑफ बुक द्धारा मनावर जिला धार मप्र के संजय वर्मा “दॄष्टि ” को साहित्य के क्षेत्र में हिंदी के अलावा मालवी निमाड़ी बोली के साथ निरंतर 45 वर्ष से अधिक समय से निरंतर साहित्य […]