विविध

नाटक : आत्महत्या

मुख्य कलाकार : कांस्टेबल रामसिंह सब इंस्पेक्टर काम्बले सूबेदार मेजर रावत डिप्टी कमांडेंट सिंह कमांडेंट देवेन्द्र सेकंड इन कमांडेंट यादव डॉक्टर कृष्णकुमार – साय्कोलोजिस्ट प्रारम्भ स्टेज पर पर्दा उठना   सीन एक : [ स्टेज पर लाइट जलता है ] स्थान : ऑफिस का कोरिडोर   स्टेज पर कांस्टेबल रामसिंह आता है और अपने एक […]

हास्य व्यंग्य

जीवेत शरद शतम्!

आज मेरा जन्मदिन है अर्थात् मैं जीवित हँू। इस देश में जिंदा रहना बड़ा कठिन कार्य है। अटलांटिक और आर्कटिक ध्रुवों पर आसानी से जिंदा रहा जा सकता है, पर यहाँ जिन्दा रहना ज़रा मुश्किल है। मेरे भीतर की आत्मा को यह चोला पसंद आ रहा है, जिसके लिए मैं उसका हृदय से आभारी हूँ। […]

हास्य व्यंग्य

जवानी जिंदाबाद

मै अब थोड़ा-थोड़ा बूढ़ा होने लगा हूँ। ठीक वैसे ही जैसे पच्चीस वर्ष पहले थोड़ा-थोड़ा जवान होने लगा था। आपके माँ-बापों की तरह मेरे माँ-बाप की चिंता थोड़ी-सी बंडे गाड़ने वाली है? मेरे शैशव से ही उन्हें चरित्र संदिग्ध नज़र आता था। मुझे आज भी अच्छी तरह याद है, उस दिन जब यौवन ने मेरे […]

समाचार

मुख्य उद्देश्य से भटक गया लैपटाप

माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में वर्ष 2013 मंे भारी संख्या में लैपटापों का वितरण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य था कि शिक्षा को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना, मंत्री जी ने लैपटाप तो बांट कर अपना वादा पूरा किया परन्तु जिस उद्देश्य से लैपटाप का वितरण किया गया था […]

राजनीति विविध समाचार

दाऊद को भारत न ला पाने का कारण कौन ? पाकिस्तान या भारत के “नेताओं” की इच्छा शक्ति ?

हमारे देश मे दो तरह के नेता पाए जाते हैं आइए आपको एक जीवंत उदाहरण से समझाता हूँ सितंबर 2005 मे सरदार पटेल मार्ग पर एक दिन एक गाड़ी को पुलिस ने पकड़ा , पुलिस ने गाड़ी मे पाया की चार लोग थे जिसमे कुख्यात शूटर और दाऊद के लिए काम कर चुका रोहित मल्होत्रा भी था , उसके साथ उसके […]

हास्य व्यंग्य

मुझे दीजिये ‘भारत रत्न’

भारत-रत्न देने का मुद्दा देशव्यापी हुआ है, यकीन मानिए मुझे हर भारतीय में एक भारत-रत्न की-सी आभा दिखाई देती है। मम्मी-पापा की अंगुली थाम कान्व्हेण्ट में जानेवाला शिशु हो या गाँव के आँगन की धूल में लोट लगानेवाला नौनिहाल-सब में मुझे भारत-रत्न की अलौकिक छटा दिखाई देती है। यहाँ तक कि उस दिन मुझे कुछ […]

हास्य व्यंग्य

नेता या नंगा

हमारे समाज ने हमें एक हमाम दिया है जिसमे सब नंगे होते है, ज्ञान चतुर्वेदी जी के भाषा में कहें तो नंगा होना बहुत जरुरी है इसीलिए हमाम का निर्माण हुआ.   लेकिन नेता अपवाद है, वो कहीं भी नंगे या नंगेपन पे उतारू हो सकते हैं, समय पर नंगे होते है, नंगापन दो प्रकार […]

समाचार

मोदी जी ने बिहार को बचाया भयंकर बाढ़ से

नेपाल की कोसी नदी नीचे उतरकर बिहार में होकर बहती है. लगभग हर साल ही उसमें नेपाल से एक साथ ढेर सारा पानी छोड़ा जाता है, जिससे बिहार के कई जिलो के सैकड़ों गाँव जलमग्न हो जाते हैं. इस वर्ष यह खतरा और भी अधिक था, क्योंकि भूस्खलन के कारण एक पहाड़ का बड़ा टुकड़ा […]

विविध

दोस्त विहीन मैं

सीधी सपाट भाषा लिखना जानती हूँ …… कैसे शुरुआत किया जाए और कैसे अंत किया जाए रचना आकर्षक हो लोगो को पसंद आये नहीं समझ पाती हूँ ….. समझ तो कुछ नहीं पाती हूँ ….. ख़ुशी के भी पल हो तो दिल उदास रहता है ….. लगता हैं मेरे पास इतनी खुशियाँ है ,कहीं दूर […]