Category : विविध


  • आहत बापू के बोल!

    आहत बापू के बोल!

    आज हमारे बीच गाँधी होते तो रंज और मलाल से अपना सिर पकड़ लेते। आज न तो उनके अनशन की पूछ होती और न ही सत्याग्रह चल पाता। घोटालों की बाढ़ में उनके कुछ भी समझ...

  • हास्य गीतिका

    हास्य गीतिका

    कम उमर में बाल आधे झड़ गये। ब्रश किया पर दाँत पीले पड़ गये। उनके घर की ओर जब निकले कदम, ऑटोवाले रास्ते में लड़ गये। और कितना जिंदगी तड़पाएगी, गलियों के कुत्ते भी पीछे पड़...

  • विरोध जारी रखें

    विरोध जारी रखें

    विरोध करना अच्छी बात है। बहुत ही अच्छी बात। विशेषकर क्रान्तिकारी टाइप के लोगों के लिए ये विशेष रूप से गुणकारी है। और शायद ये क्रान्तिकारी लोगों को पता भी है इसीलिए ये दिन-रात विरोध करने...


  • वो यादें •••

    वो यादें •••

    ईशीका—— हमारे और तुम्हारे बीच जितनी भी क्रियाएँ हुई वो सब एक मधुर यादों के जरिये इस पन्नों में आकर सिमट गई।जो यह सफेद पन्ना ही बतलाएगा की हमारे दिल में तुम्हारे लिए क्या जगह थी...