Category : हास्य व्यंग्य



  • क्रिकेट और बैटिंग

    क्रिकेट और बैटिंग

    उस दिन, मेरे वे अन्तरंग मित्र, जिनके साथ बचपन में क्रिकेट भी खेल चुका था, आते ही मुझसे पूँछ बैठे थे, “और क्या हाल-चाल है..बैटिंग-वैटिंग ठीक-ठाक चल रही है न..?” उनकी इस बात पर अचकचाते हुए...


  • खेती का परदूषण

    खेती का परदूषण

    वो क्या है कि इधर मैं भी गाँव चला गया था। कुछ खेती-किसानी जैसी बातों पर ध्यान गया तो किसान-आन्दोलन को लेकर किसानी पर लिखने के लिए किसी खेतिहर के खेती करने जैसा मन तड़फड़ाने लगा...



  • व्यंग्य : अन्नदाता का दुःख

    व्यंग्य : अन्नदाता का दुःख

    इन दिनों अन्नदाता हैरान और परेशान हैं। उनकी हैरानी और परेशानी जायज है। वो उन कामों के लिए देश-विदेश में बदनाम हो रहे हैं, जिनको उन्होंने किया ही नहीं। उन्हें उत्पात और विध्वंश का दोषी ठहराया...


  • ‘बाईपास’ का कल्चर

    ‘बाईपास’ का कल्चर

    उस दिन वे, जैसे किसी परेशानी में थे। मिलते ही बोले, “यार, वे सब मुझे बाईपास कर रहे हैं।” मतलब, उन्हें बाईपास किया जाना ही उनकी परेशानी का कारण था। नीचे से आती पत्रावलियाँ उनके टेबल...