Category : हास्य व्यंग्य

  • ढाई आखर सत्ता के…

    ढाई आखर सत्ता के…

    उन्होंने कबीरदास जी से ही जीवन में प्रेरणा पाई और वे ही उनके आदर्श रहे हैं।आज भी वे उनके भक्त बने हुए हैं।हालांकि स्वयं के जीवन में उनकी बातों को कभी नहीं उतारा क्योंकि वे स्वयं...



  • थाली का बैंगन

    थाली का बैंगन

    पता नही एक बात हमारी समझ में क्यों नहीं आ रही है ? क्या मैं अभी समझदार नही हुआ हूं ? या ओ बात मेरी समझ के बाहर है ? लगभग 30 वर्षों से एक तिलिस्म...


  • व्यंग्य की संतई

    व्यंग्य की संतई

    वैसे तो कबीर लिटरेचर मेरा प्रिय विषय रहा है..! लेकिन इधर कबीर राजनीति के क्षेत्र में उतर आए हैं, और व्यंग्यकारों ने इसे ताड़ लिया है ! तभी तो, बेचारे कबीर भी व्यंग्यियाए जा रहे हैं..बाप...


  • खट्ठा-मीठा : चोरी मेरा काम

    खट्ठा-मीठा : चोरी मेरा काम

    पहले चारा चोर, बैसाखी चोर और मिट्टी चोर ही प्रसिद्ध थे। अब इस गौरवशाली परम्परा में एक नया नाम जुड़ा है “टोंटी चोर” का। ये जनाब मुल्ला यम सिंह के नूरे-नजर हैं और कुछ समय पहले...

  • मिज़ाज़ पुर्सी

    मिज़ाज़ पुर्सी

    वाजपेयी जी ऐमज़ में क्या भर्ती हुए कि सभी राजनेता उनकी मिज़ाज़ पुर्सी के लिए ऐमज़ की ओर कूच कर गए. सबसे बूढी पार्टी के युवाध्यक्ष सबसे पहले पहुँच गए. जाते ही वाजपेयी जी से पूछा...