Category : हास्य व्यंग्य




  • खट्ठा-मीठा : बड़े लेखक

    खट्ठा-मीठा : बड़े लेखक

    वे हिन्दी के बड़े लेखक हैं। कम से कम स्वयं को ऐसा ही मानते हैं। उन्होंने हिन्दी साहित्य की बड़ी सेवा की है। अनेक रचनायें दी हैं, जो इधर-उधर कई पत्र-पत्रिकाओं की शोभा बढ़ा चुकी हैं।...



  • आरे में आरा

    आरे में आरा

    टहल-वहल कर आया और झाड़ू-वाड़ू भी लगाया क्योंकि बाहर की खर-पतवार पर क‌ई बार निगाह-सिगाह पड़ चुकी थी। अब चाय-वाय पी लेने के बाद इत्मीनान से बैठ गया हूं। फेसबुक पर कुछ पोस्ट करने के लिए...



  • व्यंग्य- डग्गामार यात्रा वृतांत

    व्यंग्य- डग्गामार यात्रा वृतांत

    काशी बोले वाराणसी कौन नही जानता है, पडो़सी जिला से लगा हूं। आना-जाना हमेशा लगा रहता है, कभी साहित्य के कार्य से कभी व्यापार के लिये समय देते थे। सरकारी बसो की किराये बेतहाशा बढ़ जाने से दुखी हो गया। एक...