Category : हास्य व्यंग्य

  • व्यंग्य- चेला चंटाल

    व्यंग्य- चेला चंटाल

    अक्सर गुरु घंटाल की चर्चा होती है. मैंने विचार किया कि अगर गुरु घंटाल हो सकता है तो चेला चंटाल क्यों नहीं. लखनऊ के सनकी जी ने लिखा है- गुरु-गोविंद दोऊ खड़े काके लागौं पाँय बलिहारी...







  • मीडिया के जुलाहे

    मीडिया के जुलाहे

    गजब है भाई इस देश की मीडिया ! हाँ ‘मीडिया’ को लेकर कन्फ्यूजियाइए मत, आज के जमाने में इसका दो ही मतलब निकलता है; एक न्यूज चैनल और दूसरा सोशल मीडिया, बस। अगर यह चैनल वाला...


  • व्यंग्य – पुण्य कमाने का सुख

    व्यंग्य – पुण्य कमाने का सुख

    धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष को मानव जीवन के चार लक्ष्य माना गया है। मोक्ष प्राप्ति की कामना एक भारतीय के मन में तब जागती है जब वह सत्तर पार कर लेता है और औलादें उसका ध्यान नहीं रखतीं। वरना...