Category : हास्य व्यंग्य


  • जॅानी जाॅनी यस पापा…

    जॅानी जाॅनी यस पापा…

    मुझे नई दिल्ली की सुबह नहीं सोहाती, न शाम, न रात.  हर समय गाड़ियों का झुंड, हर ओर कंक्रीट का जाल,  चिल्ल पों…पां पी… हर जगह लगे वो विज्ञापन का लंबा चौड़ा बोर्ड भी नहीं रिझाता,...





  • जश्न-ए-आजादी

    जश्न-ए-आजादी

    अभी कल शाम को पन्द्रह अगस्त की आजादी मनाकर और इससे निपटने के बाद जब कुछ लिखने बैठे तो मेरा लैपटपवा दगा दे गया और पता नहीं क्यों कुछ खिसियाया हुआ सा लगा। जैसे कह रहा...


  • व्यंग्य : चोटी की प्रधानता

    व्यंग्य : चोटी की प्रधानता

    हमारे देश में आजकल धड़ाधड़ चोटियां काटी जा रही हैं ।अभी बिहार में लालू यादव की चोटी कट गई ।देश में कांग्रेस की चोटी प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति यहां तक की उपराष्ट्रपति पद तक कट गई।जी...