Category : हास्य व्यंग्य

  • महाठगबंधन

    महाठगबंधन

    एक गाँव था। ठगों का। ये अपने ही गाँव के लोगों को ठगते रहते।इनको देखकर और सुनकर लगता दुनिया में इनसे बड़ा आपसी शत्रु कोई नहीं होगा। हर पाँच साल में ऐसी जूतमपैजार होती कि लोग...

  • स्वच्छ भारत अभियान!!

    स्वच्छ भारत अभियान!!

    भारत एक सफाई पसंद देश है। यह बात प्रमाणित करते-करते हमें चार साल हो रहे हैं। कोई कचरा उठा रहा है, तो उठाकर कचरा कर रहा है। कोई जगह देख कर थूँकता है। कोई थूँक कर...


  • हास्य-व्यंग्य : टोपी और दाढ़ी

    हास्य-व्यंग्य : टोपी और दाढ़ी

    कपड़े का आविष्कार मानव सभ्यता की श्रेष्ठतम उपलब्धियों में से एक है। ये बात और है कि जिन अंगों को छिपाने के लिए कपड़ों का निर्माण हुआ था अब कपड़ों के भीतर से उन्हें उघाड़ कर...

  • व्यंग्य : सम्भावना

    व्यंग्य : सम्भावना

    हम सभी सम्भावनाओं को देखकर कार्य करते हैं। जैसे न्यूज़ में सुना-देखा, “अगले चौबीस घंटे में बारिश होने की सम्भावना है, सूखा पड सकता है, सूनामी आ सकती है आदि आदि।“ बस हम सभी उसी हिसाब...

  • अनोखा सावन

    अनोखा सावन

    ” दो तीन दिन से आप बहुत खुश लग रहे हो , कुछ खास बात है क्या”?? ” नहीं, नहीं तो मैं तो हमेशा जैसा रहता हूँ वैसा ही हूँ”। ” अच्छा सुनो ,देखो मैं कितना...