Category : हास्य व्यंग्य






  • आर्ट आफ टार्चिंग

    आर्ट आफ टार्चिंग

    बाजारवाद के मौजूदा दौर में आए तो मानसिक अत्याचार अथवा उत्पीड़न यानी टार्चिंग या फिर थोड़े ठेठ अंदाज में कहें तो किसी का खून पीना… भी एक कला का रूप ले चुकी है। आम – अादमी...


  • छेड़खानी

    छेड़खानी

    तो छेड़खानी का अजीब मसला छाया हुआ है आजकल! यह बहुत चर्चित शब्द बन चुका है। छेड़खानी पर जितना हो-हल्ला मचता है उतना ही घटने के बजाय यह बढ़ रही है। अभी देखिए गुजरात में क्या...