Category : हास्य व्यंग्य

  • थूकिये…मगर ज़रा संभल के!

    थूकिये…मगर ज़रा संभल के!

      थूक, हमारी नितांत व्यक्तिगत संपत्ति है। और थूकना हमारा राष्ट्रीय धर्म और चरित्र। वह व्यक्ति कतई भारतीय नहीं हो सकता, जो थूकता न हो। अपितु मेरी यह राय है कि हमारे देश के संविधान में...


  • आओ शोध करें

    आओ शोध करें

    मुझे एक ऐसे रिसर्च स्कोलर की आवश्यकता है, जो मेरे साहित्य पर गहराई से शोध करके अपने लिए पी. एच. डी. प्राप्त करना चाहता हो। विश्वास रखिये मैं शोधकर्ता का खून नहीं पिऊँगा, अपितु उसे रोज...

  • प्रगतिशीलता की दशा और दिशा

    प्रगतिशीलता की दशा और दिशा

    देश विकास कर रहा है। विगत साठ-पैंसठ वर्षों से देश ने विकास करते हुए, प्रगति के अनेक आयामों को छुआ है। देश की जनसंख्या का विकास हुआ। सबने कहा जनसंख्या-विस्फोट हुआ। भई! मैं तो चकरा जाता...

  • फुटाला के तीर

    चलिए, आज आपके सामान्य ज्ञान की जाँच करते हैं। यह बताइए- फुटाला तालाब किसे कहते हैं? -तालाब को। गलत जवाब!! फुटाला तालाब शहर का सबसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है। और इस तरह के स्थल हर...

  • कबीर के साथ एक सुबह!!

    कबीर के साथ एक सुबह!!

      हमारे पुराण कहते हैं कि काशी गये बिना मुक्ति नहीं मिलती। किसे पता कि मरने के बाद बेटा अस्थियाँ गंगा में प्रवाहित करता है या समय और धन के अभाव में बगल में बहनेवाली नाग...

  • राष्ट्रीय मौसम

    राष्ट्रीय मौसम

    कई बार मैं बड़ी दुविधा में पड़ जाता हूँ कि पढ़ाते समय बच्चों को अपने देश में मौसमों की कितनी संख्या बताऊँ? बचपन से अब एक सामान्य भारतीय की तरह मेरा ज्ञान कहता है कि इस...



  • स्वर्ग में धरना

    स्वर्ग में धरना

    स्वर्ग के विश्वसनीय एकाउंटेन्ट चित्रगुप्त व्हाट्स एप पर इंद्र से कुछ निर्देश ले रहे थे, तभी मैं नारायण-नारायण करते हुए प्रकट हुआ. “कैसे आना हुआ मुनिवर? इस बार के पृथ्वी लोक का टूर कैसा रहा? क्या...