Category : हास्य व्यंग्य

  • क्या आप मेरी मदद करेंगे?

    क्या आप मेरी मदद करेंगे?

    आज़ाद भारत की उम्र जैसे-जैसे बढ़ रही है वैसे-वैसे वह पिछड़ता जा रहा है। कभी-कभी तो लगता है कि इतना पिछड़ा तो वह आज़ादी के पहले भी नहीं रहा होगा। आप कहोगे शरद, पगला गए हो।...

  • शांति और विवेक

    शांति और विवेक

    भारत, संसार का एकमात्र शांति उत्पादक देश है। भगवान गौतम बुद्ध तथा भगवान महावीर ने शताब्दियों पूर्व इस अति सूक्ष्म दैवीय गुण की खोज कर इसको कुटीर उद्योग के रूप में इस अति पवित्र पावन भूमि...




  • एक व्यंग्य : मार्क

    एक व्यंग्य : मार्क

    अभी कुछ दिन पूर्व मार्क जुकेरवर्ग दिल्ली आये थे बहुत से लोगों से मिले आगरा जाकर ताजमहल भी देखा और वहीं बहुत से लोगों को फेसबुक पर लोगों को अपडेट करते हुए भी देखा तो बड़ी...


  • दुनिया के रिश्वतखोरों! एक हो 

    दुनिया के रिश्वतखोरों! एक हो 

    काफी दिनों बाद उस्ताद गुनाहगार से भेट नहीं हुई थी। सोचा कि उनसे मुलाकात कर लिया जाए। सो, एक दिन उनके दौलतखाने पर पहुंच गया। हां, दौलतखाना शब्द पर याद आया। लखनऊ की नजाकत-नफासत के किस्से...

  • चारागाह तो पूरा देश है

    चारागाह तो पूरा देश है

    दिल्ली के किसी पार्कमें एक गधा गुनगुनी धूप का आनंद लेते हुए मुलायम घास चर रहा था। गधे के घास चरने की स्टाइल बता रही थी कि वह दिल्ली का रहने वाला है। तभी रखवाले की...