Category : हास्य व्यंग्य

  • शुभ-स्वागतम् लक्ष्मी

    शुभ-स्वागतम् लक्ष्मी

    मानव जीवन के चार पुरूषार्थों में से एक है-अर्थ अर्थात् धन अर्थात् लक्ष्मी। पर एक प्रकार का धन और होता है-काला धन। चैंकिए मत! लक्ष्मी काली नहीं होती, धन काला होता है। लक्ष्मीपति काले होते हैं।...

  • फाइल तू बड़भागिनी

    फाइल तू बड़भागिनी

    फ्रंटपेज पर एक खबर छपी थी कि दिल्ली की पूर्व सरकार की एक फाइल गायब हो गयी। वह सामान्य प्रकार अथवा सामान्य जाति की फाइल नहीं थी। वह एक विशेष प्रकार की फाइल थी। यह सर्वविदित...

  • लक्ष्मी की दशा

    लक्ष्मी की दशा

    सागर मंथन के पश्चात् क्षीरसागर का वातावरण प्रायः शांत और सौम्य ही रहा करता था। भारतीय राजनीति में दल के शीर्षस्थ एवं तटस्थ नेता की तरह अपनी भूमिका निभा कर शेषनाग अब अटल जी और आडवाणी...

  • मैं और कीड़ा

    मैं और कीड़ा

    कहते हैं मनुष्य के दिमाग में एक कीड़ा होता है, जो समय-बेसमय पर उसे काटता रहता है। उस दिन कीड़े ने मुझे काटा और पूछा-“क्यों रे मानव खोपड़ी, ये मिलावट क्या होती है? तू इस पर...

  • काँटा लगा

    काँटा लगा

    कहते हैं सच्चा ज्ञानी वही है जो दुख में भी आनंदित रहे, हँसता रहे, मुस्कुराता रहे और गाता रहे। यही सच्चे जीवन का सार है। इस हिसाब से काँटे का गड़ना, चुभना या लगना शरीर के...

  • हैप्पी बर्थ-डे बापू !

    हैप्पी बर्थ-डे बापू !

    हे बापू! दो अक्टूबर को हम फिर तुम्हारा जन्मदिन मना रहे हैं। पहले भी मनाते रहेे हैं, आगे भी मनाते रहेंगे। क्या करें? मजबूरी है। सरकारी आदेश होता है। यदि सरकारी आदेश न हो तो इस...




  • जीवेत शरद शतम्!

    जीवेत शरद शतम्!

    आज मेरा जन्मदिन है अर्थात् मैं जीवित हँू। इस देश में जिंदा रहना बड़ा कठिन कार्य है। अटलांटिक और आर्कटिक ध्रुवों पर आसानी से जिंदा रहा जा सकता है, पर यहाँ जिन्दा रहना ज़रा मुश्किल है।...