Category : हास्य व्यंग्य







  • चाय की प्याली में

    चाय की प्याली में

    बाबू प्रेमलाल न सिर्फ नाम बल्कि काम से भी बाबू ही थे। वे अपने को आॅफिस का बाबू कम बापू ज्यादा मानते थे। उनके अनुसार परिवार में जो स्थिति बाप की होती है, वही आॅफिस में...

  • डोलू में बैठा भगवान

    डोलू में बैठा भगवान

    नंगे पाँव, मैला जिस्म उस पर लटकता फटा कुर्ता और कमर से सरकती फटी निक्कर हाथ में छोटा डोलू और डोलू में बैठा भगवान तुतलाती आवाज़ बगवान के नाम कुछ दे दे अँकल हाथ में भगवान...

  • खट्ठा-मीठा : नमस्कार दांव

    खट्ठा-मीठा : नमस्कार दांव

    अपने धरतीपुत्र नेताजी मुलायम सिंह पहलवान रहे हैं। नेतागीरी से पहले वे मास्टरी और उससे भी पहले पहलवानी करते रहे हैं। उनको अनेक दांव आते ही होंगे। ढाक, धोबीपाट, घोड़ापछाड़ जैसे दांव उन्होंने खूब आजमाये होंगे।...

  • बापू का चश्मा

    बापू का चश्मा

    चोरी करना अपराध ही नहीं पाप भी है। चोरी, एक ऐसा कुकृत्य है जिसके बिना सभ्य समाज का काम नहीं चलता। इतिहास साक्षी है कि मानव सभ्यता का आरंभ ही ‘चोरी’ से हुआ था। न आदम...