हास्य व्यंग्य

घोड़े का श्राप !

किसी समय में घोड़े और गधों में कोई बहुत अंतर नहीं था सिवाय रंग के! गधे सदियों ही से सफेदपोश होते हैं मेरा मतलब सपेद रंग के होते हैं और घोड़े काले, भूरे,सूरज की धूप में मेहनत करके पसीने की बूंदें उनकी चमड़ी को काला कर देती हैं । एक अस्तबल में गधे और घोड़े […]

हास्य व्यंग्य

37वाँ अवकाश दिवस

भारतरत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के जन्मदिवस 14 अप्रैल की छुट्टी तो दशकोँ से चली आ रही है और इस दिन शासन द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमोँ मै भाग लेने का सौभाग्य मुझे वर्षानुवर्ष प्राप्त होता रहा है, परंतु वर्ष 2015 मेँ बाबा साहेब के जन्मदिवस को देश मेँ इतनी धूमधाम से मनाया गया कि बाबा साहेब […]

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व्यंग्य : भैयाजी बन गए मंत्री

भैयाजी मंत्री बन गए थे। उन्हें बधाई देना मेरे लिए लाजमी था, सो उनके निवास पर पहुँचा तो वे प्लेट में गुलाबजामुन का ढ़ेर लगाए उन्हें गटक रहे थे। मैंने कहा-‘यह क्या, आप अकेले-अकेले ही खा रहे हैं गुलाबजामुन, मंत्री बनने की मिठाई तो हम भी खाएँगे।’ वे गुलाबजामुन को गले से नीचे उतारकर बोले-‘अब […]

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हास्य-व्यंग्य : मेरा अपहरण हो गया है

हर खास और आम को सूचित करना है कि मेरा अपहरण हो गया है। किसने किया, क्यों किया यह पता लगाना पुलिस का काम है। लेकिन चैनलों का काम है कि मेरे अपहरण को अधिक से अधिक पब्लिसिटी दें और अपहरण की तमाम संभावनाओं का पता लगायें। उनको चाहिए कि मेरे घर वालों, ससुरालवालों, यार-दोस्तों, […]

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डाॅग फिलाॅसफी

कभी-कभी मैं सोचता हूँ इस देश में ‘डाॅग’ नहीं होते तो धनपतियों का क्या होता? दुनिया को कैसे पता चलता कि भारत में भी रईस रहते हैं। माफ कीजिएगा कुत्ते या श्वान नहीं। मैं डाॅग की बात कर रहा हूँ। डाॅग ने ही दुनिया को यह बतलाया कि हम हम गरीब भारत के भारतीय नहीं, […]

हास्य व्यंग्य

क्या आप मेरी मदद करेंगे?

आज़ाद भारत की उम्र जैसे-जैसे बढ़ रही है वैसे-वैसे वह पिछड़ता जा रहा है। कभी-कभी तो लगता है कि इतना पिछड़ा तो वह आज़ादी के पहले भी नहीं रहा होगा। आप कहोगे शरद, पगला गए हो। यहाँ हमारे वैज्ञानिक मंगल तक अपने नाम के झंडे गाड़ आए! हमारे नौजवान विदेशों में देश का नाम रोशन […]

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शांति और विवेक

भारत, संसार का एकमात्र शांति उत्पादक देश है। भगवान गौतम बुद्ध तथा भगवान महावीर ने शताब्दियों पूर्व इस अति सूक्ष्म दैवीय गुण की खोज कर इसको कुटीर उद्योग के रूप में इस अति पवित्र पावन भूमि स्थापित किया था, ऐसा विद्वानों का मत है। मैं भी ऐसा मानता हूँ, क्योंकि विद्वानों की बात विद्वानों को […]

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हास्य-व्यंग्य : चला मुरारी दूल्हा बनने!

अपने मुरारी भैया बहुत ही होशियार (खुद को समझने बाले) होनहार एवं प्रगतिशील युवा हैं। चालीस के हो गए हैं लेकिन ब्याह नहीं हुआ कहते हैं राजनीति में जाएंगे वहां ब्याह बालों की रेपुटेशन थोडा डाउन रहता है बिना ब्याह बालों को जनता ज्यादा बोट देता है अब वैसे तो उन्हें प्रधानमंत्री ही बनना है […]

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चकल्लस : मोदी ने बारह बजाकर रख दिए हैं

शेखचिल्ली – यार ! ये मोदी जब से प्रधानमंत्री बना है, देश की बारह बजा कर रख दी है I बीरबल – क्यों क्या मोदीजी के पहले देश सोने की चिड़िया बना हुआ था ? शेखचिल्ली – मैं क्या बताऊं, अखबारों में आ रहा है I अखबार पढ़ते हो या भाड़ झोंकते हो ? देश […]

हास्य व्यंग्य

गाली ही आशीर्वाद है

मुझे भाषण देने की आदत जो है कि लोग देखा नहीं कि बस उड़ेलना शुरू कर देता हूँ। बस कुछ दोस्त मिल गये तो मैं लग गया झाड़ने। खैर झाड़ते वक्त ये देख लेता हूँ कि सामने कौन है। खैर दोस्तों को भाषण पान करा रहा था (वैसे घर पर तो घरवीर बनने में यकीन […]