हास्य व्यंग्य

मुझे दीजिये ‘भारत रत्न’

भारत-रत्न देने का मुद्दा देशव्यापी हुआ है, यकीन मानिए मुझे हर भारतीय में एक भारत-रत्न की-सी आभा दिखाई देती है। मम्मी-पापा की अंगुली थाम कान्व्हेण्ट में जानेवाला शिशु हो या गाँव के आँगन की धूल में लोट लगानेवाला नौनिहाल-सब में मुझे भारत-रत्न की अलौकिक छटा दिखाई देती है। यहाँ तक कि उस दिन मुझे कुछ […]

हास्य व्यंग्य

नेता या नंगा

हमारे समाज ने हमें एक हमाम दिया है जिसमे सब नंगे होते है, ज्ञान चतुर्वेदी जी के भाषा में कहें तो नंगा होना बहुत जरुरी है इसीलिए हमाम का निर्माण हुआ.   लेकिन नेता अपवाद है, वो कहीं भी नंगे या नंगेपन पे उतारू हो सकते हैं, समय पर नंगे होते है, नंगापन दो प्रकार […]

हास्य व्यंग्य

भारत को हुआ डायबिटीज

एक आश्चर्यजनक सत्य! संसार में सर्वाधिक शक्कर क्यूबा में उत्पन्न होेती है किंतु सबसे अधिक मीठे लोग भारत में!! विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत डायबिटीज की राजधानी है। अगले दो-तीन सालों में हम सबसे ऊपर होंगें। चलो कहीं तो आधुनिकता की दौड़ में हम पहले स्थान पर पहुँचने का सौभाग्य हमें मिला। यह बात […]

हास्य व्यंग्य

तुमहु बी0 ए0 पास किहेव

तुमहूं बीए पास किहेउ, हम हॅू, एम ए पास किहेन। डिग्री लियय के चक्कर मा, कउने काम के नही रहेन।। पढाई करै के पीछे तमाम रूपया, और दिन गवाएं दिहेन – बप्पा कहिन तो जाय कै कागज, पर झिल्ली चढाय दिहेन।। पढाई से अच्छा कट्टा रहै, सौ पच्चास दिनरात कमाईत गाड़ी की कजरी पोंछित तौ, […]

हास्य व्यंग्य

जूतों की शान

एक ऐसी वस्तु का नाम बताइए जो खाने के भी काम आती है और पहनने के भी? चकरा गए? मैं बतलाता हूँ-जूता। वैसे जूता खाने को लेकर एक बात स्पष्ट कर दूँ कि लोग अपने मन से जूता पहनते ज़रूर हैं पर खाते दूसरों के मन से हैं और कहते हैं कि जूते खाए। कितनी […]

हास्य व्यंग्य

बताओ! वह कौन है?

आज परीक्षा का दिन था। गुरुजी ने प्रश्न किया- ”शिष्यों! बताओ यह कौन है, जो सर्वशक्तिमान है। जिसके समक्ष बडे़-बड़े बलवान घुटने टेक देते हैं। शूरमा, बगलें झाँकने लगते हैं। जो यम और बम, दोनों से भी बड़ा है। न सुई उसे चुभ सकती है न परमाणु बम उसे ध्वस्त कर सकता है। न वायु […]

हास्य व्यंग्य

यह कैसी सभ्यता !

क्रिकेट जबसे 20-20 के रूप में शृंगारिक हुआ है, तब से लोगों में क्रिकेट के प्रति दीवानगी बढ़ गयी है। अपनी आरंभिक अवस्था में जब यह खेल-‘टेस्ट मैच’-हुआ करता था, तो शांत रस प्रधान हुआ करता था। एक दिवसीय अंतर-राष्ट्रीय स्वरूप धरते ही यह वीर रस से आभामंडित हो गया किन्तु, जबसे 20-20 के रूप […]

हास्य व्यंग्य

बस पाकिस्तान चले जाइये

उस दिन हमने अपने परम शत्रु अंसारी मियाँ की तरफ दोस्ती का हाथ बढाया. “मियाँ, अब हम पक्के दोस्त हो सकते हैं. आप बस समझौता एक्सप्रेस में बैठकर पाकिस्तान चले जाइये। आप वहाँँ जाएंगे न, तो मैं उसमें बैठकर आपसे मिलने आऊँगा, फिर हम वहीं कहीं चौराहे की टपरी पर चाय पिएंगे। दुनिया देखेगी आपकी […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : पुल कहाँ बनेगा?

‘पुल यहीं बनेगाऽऽ!’ बरसाती नदी के एक किनारे पर खड़े लोगों के एक समूह के नेता ने नारा लगाया। ‘यहीं बनेगा, यहीं बनेगा’ उस समूह के लोगों ने उसका समर्थन किया। ‘पुल वहाँ बनेगाऽऽ!’ दूसरे समूह के नेता ने जबाबी नारा लगाया। ‘वहाँ बनेगा, वहाँ बनेगा’ उस समूह के लोगों ने उसका समर्थन किया। दोनों […]

हास्य व्यंग्य

महिमा डी जे की

ऐसे नाच रहे जैसे बिच्छू सबके काट रहे। ऐसे गाय रहे जैसे, चोरी करके भाग रहे।। सदाबहार गीतों को डी जे ने बर्बाद ही कर डाला मीठे रागों का अभाव, खरहा धुन सुनाय रहे। नागिन पर डांस ऐसे होते, जैसे मिर्गी के मरीज- गया नशा बोतल का जब, वो देख कर शमार्य रहे।। नीली, पीली […]