नवीनतम लेख/रचना




  • सीमा

    सीमा

    ना इस दिल में प्यार की कोई सीमा है ना भावनाओं से सजे उपहार की कोई सीमा है ना हमारे प्यार के इज़हार की कोई सीमा ह कैसे बयां करूँ इन्हें न मेरे पास अलफ़ाज़ की...


  • पेट के लिए करते हैं

    पेट के लिए करते हैं

    न चाहते हुए भी, वह वही काम करते हैं। मालूम है उन्हें कि, वह खूबसूरत नहीं। साहब! वह तो सिर्फ, पेट के लिए संवरते है। सभी पेट के लिए करते हैं॥ भूख बहुत है आदमी की,...


  • “आस “

    “आस “

    गोदाम में बिखरे दानों को देख अचानक भीखू को माँ की सीख याद आ गयी – ‘ बेटा अन्न का आदर करना चाहिए |’ …ये अमीर लोग क्या जाने इन दानों की कीमत? यह तो कोई...

  • बसंत

    बसंत

      बसंत आगमन ऋतु परिवर्तन, पीत पत्तों का रुदन नव स्रष्टि का सृजन| पशु पक्षियों का कलरव मानव के मन मे हलचल भोरों का बढ़ता गुंजन उपवन मे बढ़ती थिरकन| शिशिर ऋतु का हुआ अंत नई...


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